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Bareilly News: फीस-किताबें महंगी होने से बिगड़ा अभिभावकों का बजट

Mon, 01 Apr 2024 02:28 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Mon, 01 Apr 2024 02:28 AM IST
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Parents' budget spoiled due to expensive fees and books
बरेली। स्कूलों की फीस भी अभिभावकों की जेब पर भारी पड़ रही है। कई स्कूलों ने शैक्षणिक सत्र 2023-2024 के लिए फीस बढ़ाई है। नए सत्र की दाखिला प्रक्रिया भी चल रही है। अभिभावकों से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक स्कूलों ने औसतन 10 से 11 फीसदी तक फीस बढ़ाई है। महंगी किताबें और विद्यालयों की बढ़ी फीस अभिभावकों की कमर तोड़ने का काम कर रही हैं।
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नए सत्र के साथ विद्यालयों में बच्चों का प्रवेश कराने के लिए अभिभावकों ने भागदौड़ करना शुरु कर दिया है। इसमें भी नामचीन विद्यालयों में आम आदमी प्रवेश शुल्क देखकर ही दूर भाग रहा है। प्रवेश शुल्क के नाम पर बड़ी धनराशि मांगी जा रही हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का सपना देखने वाले अभिभावकों को फीस रुलाने का काम कर रही है। इस बार विद्यालयों ने वार्षिक फीस में 10 से 11 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। स्कूल से मिलने वाली सुविधाओं के नाम पर यह शुल्क बढ़ाया गया है। ऐसे में में किताबों के साथ बढ़ाई गई फीस अभिभावकों का बजट बिगाड़ रही है। प्रीनर्सरी में प्रवेश के लिए ही विद्यालय पांच से 10 हजार तक प्रवेश शुल्क मांग रहे हैं। इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्भय बेनीवाल बताते हैं कि विद्यालयों की फीस को फीस रेगुलेशन के तहत बढ़ाया जाता है। इसमें उपभोक्ता उत्पाद सूचकांक ( सीपीआई) और पांच प्रतिशत को जोड़ा जाता है। इसके हिसाब से ही फीस बढ़ाई जाती है। इस बार 10 से 11 प्रतिशत फीस में वृद्धि की गई है।
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10 पन्नों के वसूल रहे 270 रुपये
पुस्तकों की दुकानों पर अभिभावकों और बच्चों की भीड़ लग रही है। कई विद्यालयों की किताबें निर्धारित दुकानों के अतिरिक्त कहीं नहीं मिल रही हैं। ऐसे में परेशान अभिभावकों को उन्हीं दुकानों पर जाना पड़ रहा है। कक्षा एक की हिंदी विषय की 114 पन्नों वाली एनसीआरटी की पुस्तक 60 रुपये में मिल रही हैं। वहीं इसी विषय की निजी प्रकाशक की पुस्तक 330 रुपये की बेच रहे हैं। मात्र 10 अतिरिक्त पन्नों के लिए अभिभावकों को 270 रुपये अधिक देने पड़ रहे हैं। यह स्थिति अधिकांश विषयों की किताबों के साथ है। अभिभावक संघ के जिलाध्यक्ष अंकुर सक्सेना ने बताया कि अभिभावक की कमर कीमतों से और बच्चों की पीठ उन किताबों के बोझ से टूटती जा रही है।
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कक्षा प्रीएनसी में प्रवेश की स्थिति

पंजीकरण फॉर्म शुल्क- 500 से 1,000 रुपये

प्रवेश शुल्क- 5,000 से 10,000 रुपये

वार्षिक फीस- 30,000 से 50,000 रुपये

किताबें- 2,500 से 3,000 रुपये
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