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Bareilly News: बच्ची की हत्या कर कमरे में दफनाया था शव, दोषी माता-पिता और बुआ को उम्रकैद की सजा
Sat, 22 Feb 2025 05:16 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 22 Feb 2025 05:16 PM IST
सार
बरेली के इज्जतनगर क्षेत्र में 17 अगस्त 2020 को 10 साल की बच्ची की हत्या कर दी गई थी। उसके मां-बाप और बुआ ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। शव को कमरे में ही दफना कर दिया था। मृतका के फुफेरे भाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में शुक्रवार को हत्या के दोषी माता-पिता और बुआ को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
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जनपद न्यायालय,बरेली
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरेली में दस साल की बच्ची की हत्या कर शव कमरे में दफनाने के दोषी माता-पिता और बुआ को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार यादव ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों दोषियों पर 90 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। मृतका की बुआ के बेटे ने अपनी मां और मामा-मामी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी और गवाही भी दी।
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घटना 17 अगस्त 2020 को इज्जतनगर थाना क्षेत्र में हुई थी। सूरज (17) ने पुलिस को बताया कि वह बचपन से ही अपने मामा के घर रहता है। घटना वाले दिन उसके मामा रवि बाबू, मामी ऋतु उसकी मां राधा देवी एक कमरे में उसकी ममरी बहन काजल के शव को गड्ढा खोदकर उसमें दबा रहे थे। उसने काजल को गड्ढे में दबाने का कारण पूछा तो उसके मामा ने कहा कि काजल अचानक बेड के नीचे गिर गई और उसकी मौत हो गई है। इस वजह से उसे दबाया जा रहा है। उसे यह बात समझ नहीं आई और घटना के तीसरे दिन सूरज इज्जतनगर थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी बात बताई।
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उसके शिकायती पत्र के बाद पुलिस ने बच्ची के शव को कमरे के अंदर के गड्ढे से बरामद कर लिया। शव का पोस्टमार्टम कराया गया। जिसमें काजल के शरीर पर चोटों के निशान और कलाई की हड्डी दो जगह से टूटी हुई पाई गई। विवेचना में बात सामने आई कि किशोरी ने अवैध संबंधों को उजागर करने की धमकी दी थी। इस दौरान न्यायालय में कुल सात गवाह पेश किए गए। न्यायालय ने फुफेरे भाई के बयानों के आधार पर तीनों दोषियों को सजा सुनाई है।
नूपुर तलवार केस का किया उल्लेख
अदालत ने काजल की हत्या के मामले में फैसला सुनाते समय नूपुर तलवार केस का जिक्र किया। न्यायालय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तलवार केस में कहा था कि परिस्थिति जन्य साक्ष्य होने पर अभियोजन को हेतुक सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं है। सभी सबूतों की कड़ी एक दूसरे से जुड़ी हुई है। अभियुक्तों का दोष इसी आधार पर सिद्ध होता है।
अदालत ने काजल की हत्या के मामले में फैसला सुनाते समय नूपुर तलवार केस का जिक्र किया। न्यायालय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तलवार केस में कहा था कि परिस्थिति जन्य साक्ष्य होने पर अभियोजन को हेतुक सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं है। सभी सबूतों की कड़ी एक दूसरे से जुड़ी हुई है। अभियुक्तों का दोष इसी आधार पर सिद्ध होता है।