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Bareilly News: कागजी छिड़काव... बेकाबू हो रहे मच्छर
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बरेली। शहर डेंगू-मलेरिया के दृष्टिकोण से संवेदनशील है। इसके बाद भी नगर निगम कागजों पर लार्वानाशक दवाओं का छिड़काव और फॉगिंग करा रहा है। 70 से अधिक वार्डों के लोग मच्छरों से परेशान हैं। अब तक जिले में डेंगू के 35 मरीज मिल चुके हैं। इनमें इज्जतनगर के चार, सिविल लाइंस के दो, बानखाना व मौलानगर के एक-एक मरीज शामिल हैं। मलेरिया पीड़ितों का आंकड़ा 2443 तक पहुंच गया है। इनमें चार सौ से ज्यादा मरीज शहर के ही हैं। जिम्मेदारों की बेपरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है।
हाल ही में विकास भवन में सीडीओ की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसी मुद्दे पर पार्षदों ने हंगामा किया था। इसके बाद भी नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग मौन बैठा है। कई पार्षदों व शहरवासियों का कहना है कि मच्छरों ने जीना मुश्किल कर रखा है। नालियों में रुके पानी में लार्वा के रूप में नई पौध तैयार हो रही है। छिड़काव तो दूर की बात, जिम्मेदार उनकी कॉल तक रिसीव नहीं करते। इस बेपरवाही की वजह से आने वाले दिनों में डेंगू का डंक और तेज हो सकता है।
नहीं सुनते निगमकर्मीमॉडल टाउन वार्ड आठ के पार्षद प्रतिनिधि अतुल कपूर ने बताया कि इस साल नाले साफ ही नहीं हुए। मॉडल टाउन चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उनको कॉल करके बताया कि मच्छरों की वजह से वहां बैठना मुश्किल हो गया है। दो दिन पूर्व व्हाट्सएप ग्रुप में भी नाला और मच्छरों को लेकर फोटो और लोगों की नाराजगी के संदेश वायरल हुए थे। अतुल ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को भी कॉल करके लार्वानाशक दवाओं का छिड़काव और फाॅगिंग कराने के लिए कहा, लेकिन निगमकर्मी एक नहीं सुनते।
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पार्षदों को नहीं रोस्टर की जानकारी
वार्ड 78 के पार्षद प्रतिनिधि लईक खान ने बताया कि फॉगिंग और लार्वानाशक दवाओं के छिड़काव के लिए निगम ने रोस्टर तय किया है, पर पार्षदों को इसकी जानकारी तक नहीं है। अधिकारी कॉल रिसीव नहीं करते। बृहस्पतिवार को एक गली में अभियान के नाम पर टीम पहुंची, लेकिन उनके पास न दवा थी, न ही मशीनें। वार्ड एक बिहारीपुर सिविल लाइंस व वार्ड दो जाटवपुरा के पार्षदों के प्रतिनिधियों ने वार्ड में नालियों की सफाई, फॉगिंग और लार्वानाशक दवाओं का छिड़काव होने की तस्दीक की।
खानापूर्ति कर रहा नगर निगम
बैठक में पार्षदों ने वार्डों में छिड़काव न होने पर आपत्ति जताई थी, पर निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। वार्ड में मच्छरों का प्रकोप है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी आए थे, उनको भी गंदगी और कूड़े ढेर दिखाएं हैं। - सौरभ कुमार, पार्षद वार्ड सात
कागजों पर छिड़काव कराया जा रहा है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी को पूरा वार्ड घुमाया। कूड़े के ढेर भी दिखाए, लेकिन कोई हल नहीं निकला। मच्छरों के प्रकोप के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। - राजेश पटेल, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड 17
रोस्टर बनने की बात सामने आई है, लेकिन अभी वार्ड में कोई छिड़काव या फॉगिंग नहीं हुई है। हमारे वार्ड में इस अभियान की सबसे अधिक आवश्यकता है। मच्छर बढ़ रहे हैं। नगर निगम को इस पर ध्यान देना चाहिए। - छंगामल मौर्य, पार्षद वार्ड छह
मैंने निजी तौर पर सेनेटरी इंस्पेक्टर से बात की थी तो एक सप्ताह पहले फॉगिंग हुई थी। इसके बाद कोई नहीं आया। मच्छरों से लोग परेशान है। जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पार्षदों के पास कोई जवाब नहीं है। - राहुल दास, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड नौ
छिड़काव और फॉगिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। वार्ड की जनता हमसे सवाल जवाब करती है, लेकिन हल नहीं निकल पा रहा है। नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा है। - राजेश अग्रवाल, पार्षद, वार्ड 35
सफाई नायक से फॉगिंग कराने के लिए कहा है, देखो कब तक होगी? धुएं वाली एक मशीन खराब पड़ी है। फॉगिंग कैसे होगी पता नहीं? मच्छरों से लोग परेशान हैं। नगर निगम को इस पर ध्यान देना चाहिए। - सलीम अहमद, पार्षद, वार्ड 74
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शहर के 80 वार्डों के लिए रोस्टर बना है। एक बार की फाॅगिंग का दस दिन तक असर रहता है। इसलिए प्रत्येक वार्ड में दस दिन में एक बार फॉगिंग करा रहे हैं। अगर किसी वार्ड में फॉगिंग को लेकर लोगों को शिकायत है तो 1533 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जहां तक पार्षदों की शिकायत है, हो सकता है कि टीम ने फॉगिंग के बाद उन्हें अवगत न कराया हो। मैंने कर्मचारियों से कहा है कि जिस वार्ड में फॉगिंग करें, उस वार्ड के पार्षद को जरूर बताएं। - डॉ. भानुप्रकाश, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
संवाद
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हाल ही में विकास भवन में सीडीओ की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसी मुद्दे पर पार्षदों ने हंगामा किया था। इसके बाद भी नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग मौन बैठा है। कई पार्षदों व शहरवासियों का कहना है कि मच्छरों ने जीना मुश्किल कर रखा है। नालियों में रुके पानी में लार्वा के रूप में नई पौध तैयार हो रही है। छिड़काव तो दूर की बात, जिम्मेदार उनकी कॉल तक रिसीव नहीं करते। इस बेपरवाही की वजह से आने वाले दिनों में डेंगू का डंक और तेज हो सकता है।
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नहीं सुनते निगमकर्मीमॉडल टाउन वार्ड आठ के पार्षद प्रतिनिधि अतुल कपूर ने बताया कि इस साल नाले साफ ही नहीं हुए। मॉडल टाउन चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उनको कॉल करके बताया कि मच्छरों की वजह से वहां बैठना मुश्किल हो गया है। दो दिन पूर्व व्हाट्सएप ग्रुप में भी नाला और मच्छरों को लेकर फोटो और लोगों की नाराजगी के संदेश वायरल हुए थे। अतुल ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को भी कॉल करके लार्वानाशक दवाओं का छिड़काव और फाॅगिंग कराने के लिए कहा, लेकिन निगमकर्मी एक नहीं सुनते।
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पार्षदों को नहीं रोस्टर की जानकारी
वार्ड 78 के पार्षद प्रतिनिधि लईक खान ने बताया कि फॉगिंग और लार्वानाशक दवाओं के छिड़काव के लिए निगम ने रोस्टर तय किया है, पर पार्षदों को इसकी जानकारी तक नहीं है। अधिकारी कॉल रिसीव नहीं करते। बृहस्पतिवार को एक गली में अभियान के नाम पर टीम पहुंची, लेकिन उनके पास न दवा थी, न ही मशीनें। वार्ड एक बिहारीपुर सिविल लाइंस व वार्ड दो जाटवपुरा के पार्षदों के प्रतिनिधियों ने वार्ड में नालियों की सफाई, फॉगिंग और लार्वानाशक दवाओं का छिड़काव होने की तस्दीक की।
खानापूर्ति कर रहा नगर निगम
बैठक में पार्षदों ने वार्डों में छिड़काव न होने पर आपत्ति जताई थी, पर निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। वार्ड में मच्छरों का प्रकोप है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी आए थे, उनको भी गंदगी और कूड़े ढेर दिखाएं हैं। - सौरभ कुमार, पार्षद वार्ड सात
कागजों पर छिड़काव कराया जा रहा है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी को पूरा वार्ड घुमाया। कूड़े के ढेर भी दिखाए, लेकिन कोई हल नहीं निकला। मच्छरों के प्रकोप के कारण लोग परेशान हो रहे हैं। - राजेश पटेल, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड 17
रोस्टर बनने की बात सामने आई है, लेकिन अभी वार्ड में कोई छिड़काव या फॉगिंग नहीं हुई है। हमारे वार्ड में इस अभियान की सबसे अधिक आवश्यकता है। मच्छर बढ़ रहे हैं। नगर निगम को इस पर ध्यान देना चाहिए। - छंगामल मौर्य, पार्षद वार्ड छह
मैंने निजी तौर पर सेनेटरी इंस्पेक्टर से बात की थी तो एक सप्ताह पहले फॉगिंग हुई थी। इसके बाद कोई नहीं आया। मच्छरों से लोग परेशान है। जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पार्षदों के पास कोई जवाब नहीं है। - राहुल दास, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड नौ
छिड़काव और फॉगिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। वार्ड की जनता हमसे सवाल जवाब करती है, लेकिन हल नहीं निकल पा रहा है। नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा है। - राजेश अग्रवाल, पार्षद, वार्ड 35
सफाई नायक से फॉगिंग कराने के लिए कहा है, देखो कब तक होगी? धुएं वाली एक मशीन खराब पड़ी है। फॉगिंग कैसे होगी पता नहीं? मच्छरों से लोग परेशान हैं। नगर निगम को इस पर ध्यान देना चाहिए। - सलीम अहमद, पार्षद, वार्ड 74
शहर के 80 वार्डों के लिए रोस्टर बना है। एक बार की फाॅगिंग का दस दिन तक असर रहता है। इसलिए प्रत्येक वार्ड में दस दिन में एक बार फॉगिंग करा रहे हैं। अगर किसी वार्ड में फॉगिंग को लेकर लोगों को शिकायत है तो 1533 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जहां तक पार्षदों की शिकायत है, हो सकता है कि टीम ने फॉगिंग के बाद उन्हें अवगत न कराया हो। मैंने कर्मचारियों से कहा है कि जिस वार्ड में फॉगिंग करें, उस वार्ड के पार्षद को जरूर बताएं। - डॉ. भानुप्रकाश, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
संवाद