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Bareilly News: स्कूली शिक्षा से जोड़ने के कागजी दावे... 65,000 बच्चे बीच में ही भागे

Fri, 08 Sep 2023 02:29 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Fri, 08 Sep 2023 02:29 AM IST
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Paper claims to link them with school education... 65,000 children ran away
बरेली। बेसिक शिक्षा विभाग शहर के हर कोने तक शिक्षा के प्रचार-प्रसार के कागजी दावे कर रहा है। शहर में बड़ी संख्या में बच्चे अब भी बुनियादी शिक्षा से वंचित हैं। निरक्षर परिवारों के इन बच्चों तक शिक्षा की रोशनी नहीं पहुंची है। स्कूल चलो अभियान में भी इन्हें शिक्षा से जोड़ने की पहल नहीं हुई। न ही अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ इन तक पहुंच पा रहा है।
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बेसिक शिक्षा में इस साल हुआ इनरोलमेंट अन्य जिलों की अपेक्षा सबसे कम रहा। गत वर्ष विभाग की छात्र संख्या 4,02,468 थी, जो वर्ष 2023-24 में 3,07,466 रह गई। इस लिहाज से 95 हजार बच्चों ने स्कूल छोड़ा। इनमें से 30 हजार बच्चे आठवीं पास होकर स्कूल से गए। बाकी करीब 65,000 विद्यार्थियों ने पढ़ाई पूरी किए बिना ही स्कूल छोड़ दिया। विभाग की ओर से लिए गए नए दाखिलों में भी इस लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सका। मुख्य विकास अधिकारी समेत बेसिक शिक्षा विभाग ने इसे बच्चों तक गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए बेहतर संकेत बताया।
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स्थायी घर नहीं, कहां से लाएं मूल निवास
केस-1
यहीं की रहने वाली गीता (बदला हुआ नाम) का कहना है कि सरकारी स्कूल में पढ़ाई नहीं होती है। प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने के लिए बमुश्किल पैसे जुटा भी लें तो आधार कार्ड न होने की वजह से हमारे बच्चों को दाखिला नहीं मिलता। इस वजह से उन्हें स्कूल नहीं भेजते।
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केस-2
झोंपड़ी में तीन बेटियों के साथ रहने वाली कुसुम (बदला हुआ नाम) ने बताया कि न उनके बच्चे स्कूल जाते हैं, न पास के लोगों के। बच्चों का अच्छे स्कूल में दाखिला कराने की कोशिश करते हैं तो आधार बनाने के लिए मूलनिवास और कई तरह के कागज मांगते हैं। स्थायी घर नहीं हैं तो मूल निवास कहां से लाएं।
केस-3
रामदेवी(परिवर्तित नाम) ने बताया कि बच्चों के दाखिले के लिए आधार कार्ड बनवाने का भी प्रयास किया लेकिन मूलनिवास न होने की वजह से नहीं बन सका। जिन लोगों आधार कार्ड बनवा रखा है उन्हें बमुश्किल सरकारी स्कूल नसीब हो जाता है। आधार कार्ड भी नहीं बन रहा है।


निरक्षरता में महिलाओं का प्रतिशत ज्यादा
शहर में महिलाओं के सापेक्ष पुरुषों की साक्षरता दर अधिक है। (वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार) पुरुषों की साक्षरता दर 62.50 फीसदी और महिलाओं की 48.30 फीसदी है। यानी करीब 37.50 फीसदी पुरुष और 51.70 फीसदी महिलाएं अब भी निरक्षर हैं।
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