Bareilly News: पंचायत सहायक 'सिस्टम' पर भारी, बना दिए तीन सौ फर्जी जन्म प्रमाणपत्र, जांच में हुआ खुलासा
बरेली के विकासखंड नवाबगंज क्षेत्र में एक पंचायत सहायक का अजब कारनामा सामने आया है। उसने तीन सौ फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बना दिए। जांच में इसका खुलासा हुआ तो अफसर भी हैरान रह गए।
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बरेली जिले के विकासखंड नवाबगंज की ग्राम पंचायत बीजामऊ के पंचायत सहायक ने सैकड़ों फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी कर दिए। नियमों का उल्लंघन करते हुए जारी किए गए 300 प्रमाणपत्र पकड़ में आ चुके हैं।
खंड विकास अधिकारी महेश चंद्र शाक्य की जांच में मामले का खुलासा होने के बाद उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी नरेश राठौर को पंचायत सहायक विशाल गंगवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए। नरेश ने थाना हाफिजगंज में तहरीर भी दी है। मामले में विस्तृत जांच जारी है।
महेश चंद्र शाक्य ने बताया कि आवेदनों की जांच और अभिलेखों का सत्यापन किए बिना ही कई प्रमाणपत्र जारी किए गए। शिकायतों के बाद रिकॉर्ड की जांच में करीब 300 प्रमाणपत्रों में अनियमितता मिली। जिलाधिकारी को भी इस मामले की जानकारी दी गई है।
पंचायत सहायक ने किया आरोपों से इन्कार
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि फर्जी प्रमाणपत्र किन लोगों के नाम पर जारी हुए। हालांकि, पंचायत सहायक विशाल गंगवार ने आरोपों से इन्कार किया है। कहा कि फर्जी प्रमाणपत्रों के संबंध में उसे कोई जानकारी नहीं है। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि विस्तृत जांच जारी है। जारी किए गए फर्जी प्रमाणपत्रों की संख्या बढ़ भी सकती है।
आठ अगस्त को तहरीर, अब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं
ग्राम पंचायत अधिकारी नरेश राठौर ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए आठ अगस्त को थाना हाफिजगंज में तहरीर दी थी। अब तक रिपोर्ट दर्ज न होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इन आरोपों पर थाना प्रभारी ने बताया कि ऐसे मामलों में पुलिस अधीक्षक से आदेश लेना पड़ता है। इसी वजह से रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकी।
पोर्टल के दुरुपयोग का संदेह
सूत्रों के अनुसार, पंचायत सहायक ने ग्राम पंचायत अधिकारी के आईडी और पासवर्ड का उपयोग किया। पोर्टल ग्राम पंचायत अधिकारी के ओटीपी के बिना नहीं खुलता है। अभिलेख अपलोड होने के बाद तहसील और खंड विकास कार्यालय की रिपोर्ट के बाद ही प्रमाणपत्र जारी होते हैं। इतनी जांच के बावजूद फर्जी प्रमाणपत्र जारी होना गंभीर मामला है। इसमें पंचायत सहायक के साथ अन्य अधिकारियों की भूमिका पर भी संदेह है।
डीपीआरओ कमल किशोर ने बताया कि प्रकरण गंभीर है। इस मामले में जांच कराकर आरोपी पंचायत सहायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ उसकी सेवाओं को भी समाप्त किया जाएगा।
नबावगंज में हो चुका तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षरों का दुरुपयोग
पिछले दिनों नवाबगंज में तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षरों का दुरुपयोग करते हुए सैकड़ों लोगों को फर्जी आय, जाति और मूल निवास प्रमाणपत्र जारी किए जाने का मामला भी सामने आ चुका है। इस मामले में तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह ने नवाबगंज तहसील के पास स्थित जन सेवा केंद्र संचालक नेमचंद्र और उसके साथी विजय के खिलाफ उनके फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाणपत्र बनाने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने दुष्यंत प्रताप सिंह के हस्ताक्षर से उन तारीखों में भी प्रमाणपत्र बना दिए जब उनकी तैनाती नवाबगंज में नहीं थी। दोनों आरोपी फिलहाल जेल में हैं।