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Bareilly News: बाढ़ से धान की फसलें जलमग्न
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नवाबगंज फोटो 7 कोतवाली में पुलिस कम्रियों को राखी बांधती बहिने
अलीगंज। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ की चपेट में आने से सदर तहसील के कई गांवों में हजारों बीघा फसलें जलमग्न हो गईं। बाढ़ खंड विभाग के एसडीओ अमित कुमार ने बताया कि शनिवार को रामगंगा जलस्तर 160.730 गेज मीटर पहुंच गया है, जो चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच चुका है।
फिलहाल खतरे के निशान से जलस्तर अभी काफी कम है। सदर तहसील के गांव हैबतपुर, रोहतापुर, धनेती, सूदनपुर, गुजरहाई, नवदिया ठाकुरान आदि गांवों के किसानों की धान, उड़द, तिल, बाजरा आदि हजारों बीघा फसलें जलमग्न होकर बर्बाद होने लगी हैं। संवाद
रामगंगा किनारे के गांवों में नाव न होने से खेती पर संकट : मीरगंज। रामगंगा किनारे बसे ग्राम अंबरपुर, लभेरा पुरोहित, करनपुर समेत कई गांवों में नाव की कमी और कटान की समस्या से खेती कर रहे किसान जूझ रहे हैं। शनिवार को जनप्रतिनिधियों ने इन गांवों का दौरा कर हालात देखे और ग्रामीणों की परेशानियां सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी 80 प्रतिशत कृषि भूमि रामगंगा नदी के पार है। पहले नाव से खेतों तक आसानी से पहुंच जाते थे, लेकिन नाव खराब होने के बाद यह सुविधा बंद हो गई। अब किसानों को खेती देखने और सिंचाई करने के लिए तेज बहाव वाली नदी तैरकर या असुरक्षित साधनों से पार करनी पड़ती है।
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इस मौके पर समाजवादी पार्टी के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष मीरगंज सुरेश गंगवार, ब्लॉक अध्यक्ष अज़हर अली, शिवम सक्सेना आदि मौजूद मौजूद रहे। सुरेश गंगवार ने कहा कि सोमवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संवाद
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फिलहाल खतरे के निशान से जलस्तर अभी काफी कम है। सदर तहसील के गांव हैबतपुर, रोहतापुर, धनेती, सूदनपुर, गुजरहाई, नवदिया ठाकुरान आदि गांवों के किसानों की धान, उड़द, तिल, बाजरा आदि हजारों बीघा फसलें जलमग्न होकर बर्बाद होने लगी हैं। संवाद
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रामगंगा किनारे के गांवों में नाव न होने से खेती पर संकट : मीरगंज। रामगंगा किनारे बसे ग्राम अंबरपुर, लभेरा पुरोहित, करनपुर समेत कई गांवों में नाव की कमी और कटान की समस्या से खेती कर रहे किसान जूझ रहे हैं। शनिवार को जनप्रतिनिधियों ने इन गांवों का दौरा कर हालात देखे और ग्रामीणों की परेशानियां सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी 80 प्रतिशत कृषि भूमि रामगंगा नदी के पार है। पहले नाव से खेतों तक आसानी से पहुंच जाते थे, लेकिन नाव खराब होने के बाद यह सुविधा बंद हो गई। अब किसानों को खेती देखने और सिंचाई करने के लिए तेज बहाव वाली नदी तैरकर या असुरक्षित साधनों से पार करनी पड़ती है।
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इस मौके पर समाजवादी पार्टी के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष मीरगंज सुरेश गंगवार, ब्लॉक अध्यक्ष अज़हर अली, शिवम सक्सेना आदि मौजूद मौजूद रहे। सुरेश गंगवार ने कहा कि सोमवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। संवाद