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Bareilly News: मानकों के अनुरूप बन रहा ओवरहेड टैंक, बाढ़-कटान की चढ़ा भेंट

Thu, 10 Sep 2026 01:40 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2026 01:40 AM IST
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Overhead tank being built to standards falls victim to flood-induced erosion.
बरेली। शेरगढ़ ब्लॉक के बैरमनगर पेयजल योजना के तहत जल जीवन मिशन से बन रहा निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक किच्छा नदी में आई अचानक बाढ़ व तेज कटान की भेंट चढ़ गया। यह जल निगम ग्रामीण की जांच रिपोर्ट में सामने आया है। विभाग का दावा है कि स्थानीय प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि पर टैंक का निर्माण मानकों के अनुरूप कराया जा रहा था। निर्माण शुरू होने के समय किच्छा नदी का तट स्थल से करीब 500 फुट दूर था और स्थान फ्लड प्लेन जोन से बाहर था।
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योजना के तहत ट्यूबवेल, पंप हाउस व 129 मीटर बाउंड्रीवॉल का निर्माण पूरा हो चुका था। 325 किलोलीटर क्षमता और 16 मीटर स्टेजिंग वाले ओवरहेड टैंक का करीब 30 फीसदी निर्माण पूरा हो चुका था। इसके अलावा करीब एक किलोमीटर दूर नलकूप और पंप हाउस बनाए गए हैं। गांव में प्रस्तावित 14.69 किलोमीटर पाइपलाइन में से 13.72 किलोमीटर बिछाई जा चुकी है। 1552 के लक्ष्य के सापेक्ष 1223 गृह संयोजन दिए जा चुके हैं। योजना की कुल प्रगति 61.35 प्रतिशत है।
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कृषि भूमि और पेड़ों को भी नुकसान :-
बाढ़ से निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक और आंशिक बाउंड्रीवॉल के साथ ग्रामीणों की बड़ी मात्रा में कृषि भूमि भी कटान की चपेट में आ गई। कई पॉपलर समेत अन्य पेड़ नदी में बह गए।
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वर्जन ...
पेयजल योजना में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है और किसी स्तर पर लापरवाही नहीं हुई। सात सितंबर को बरेली में भारी बारिश हुई। तेज बारिश के साथ गौला बैराज से 67 हजार क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से किच्छा नदी में अचानक विकराल बाढ़ आई, जिससे कटान तेज हो गया। - आकांक्षा सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण

बचाव कार्य कराने की मांग - शेरगढ़। बैरमनगर गांव के जाकिर अली, अमित कश्यप, राधेश्याम कश्यप, जलील अहमद, नसरुद्दीन मंसूरी, इरशाद, रहीश अहमद, भूरे, सद्दीक, नजीर अहमद आदि ने बताया कि किच्छा नदी वर्षों से कटान करती आ रही है। नदी के कटान से दो दर्जन से अधिक किसानों की 125 बीघा कृषि भूमि और फसल समा गई। कई किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। अब टैंक गिरने से कटान तेज होने की आशंका है। आरोप है कि कटान रोकने के लिए अबतक कुछ कार्य नहीं कराया गया है। पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदे गए रास्तों को दुरुस्त करने की भी मांग उठाई। गांव को कटान से बचाने के लिए जरूरी इंतजाम करने के लिए कहा गया है।
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