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लखनऊ-दिल्ली हाईवे- हाईवे तो गड्ढा मुक्त है... लोग यूं ही मर रहे हैं
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बरेली। एनएचएआई लगातार प्रशासन को गुमराह कर रहा है। कुछ दिन पहले एनएचएआई के पीडी ने हाईमास्ट लाइट जलाने के मामले में कमिश्नर को गुमराह किया था तो अब एडीएम प्रशासन को ऐसी रिपोर्ट भेज दी गई है, जिसका सच सब जानते हैं। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर खतरनाक गड्ढों की वजह से हो रहे हादसों में लोगों की जान जा रही है, लेकिन एनएचएआई की रिपोर्ट के मुताबिक बरेली-सीतापुर के बीच हाईवे को छह करोड़ की लागत से गड्ढा मुक्त कर दिया गया है और अन्य जगहों पर सुधार के लिए बजट की डिमांड की जा रही है। इतना ही नहीं कई जगहों पर साइन बोर्ड भी लगवा दिए गए हैं।
बरेली-सीतापुर के बीच जगह-जगह पर सड़क टूटी होने के साथ खतरनाक गड्ढे बने हुए हैं। गौसगंज, फरीदपुर बाईपास, गुरुद्वारा फ्लाईओवर, फतेहगंज पूर्वी सहित कई जगहों पर हाईवे टूट रहा है। गड्ढे और दरार पड़ने से उस पर आए दिन एक्सीडेंट भी हो रहे हैं। फरीदपुर टोल प्लाजा के पास हाईवे के किनारे रोड सुरक्षा के काम न होने से हादसे में यहां कई और की मौत हो चुकी है। इस हाईवे की मरम्मत कराने के लिए एनएचएआई ने एक कंपनी को करीब छह करोड़ रुपये का कांट्रेक्ट दिया था। इस रकम को खर्च कर हाईवे को ठीक करने के नाम पर केवल लीपापोती ही हुुई है। इस कंपनी ने खतरनाक गड्ढों को तो छुआ ही नहीं है। कई एक्सीडेंट जोन पर न तो सुरक्षा बोर्ड लगे हैं और न ही रात में ड्राइवर को सचेत करने के लिए रेडियम पोल लगाए गए हैैं। हाईवे पर कुछ जगह गड्ढों को कोलतार से भरकर खानापूर्ति जरूर की गई, लेकिन बारिश के चलते यह पैच भी उधड़ने शुरू हो गए हैं। उत्तराखंड के मंत्री के बेटे समेत कई जानें जानें गड्ढों की वजह से हुए हादसे में चली गईं। जबकि एनएचएआई ने एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी को यह रिपोर्ट भेज दी है कि इस हाईवे पर गड्ढों को भर दिया गया है। छह करोड़ रुपये खपाने के साथ ही एनएचएआई के परियोजना अधिकारी एनपी सिंह का दावा है कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से कई जगहों पर साइन बोर्ड भी लगवा दिए गए हैं। इस हाईवे पर अगर अब कोई गड्ढा होता है तो उसकी मरम्मत तत्काल करा दी जाएगी। पीडी ने एडीएम को अवगत कराया है कि जल्द ही बरेली से सितारगंज वाया पीलीभीत रोड को भी जल्द ही गड्ढा मुक्त कर दिया जाएगा।
‘अभी इसकी कोई जानकारी नहीं है। यह चेक कराया जाएगा कि एनएचएआई ने हाईवे की मरम्मत के लिए कौन से काम कराए हैं और अब उनकी क्या हालत है। जो कमी होगी, उसे पूरा कराने के लिए निर्देश दिए जाएंगे।’
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- रणवीर प्रसाद, कमिश्नर
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बरेली-सीतापुर के बीच जगह-जगह पर सड़क टूटी होने के साथ खतरनाक गड्ढे बने हुए हैं। गौसगंज, फरीदपुर बाईपास, गुरुद्वारा फ्लाईओवर, फतेहगंज पूर्वी सहित कई जगहों पर हाईवे टूट रहा है। गड्ढे और दरार पड़ने से उस पर आए दिन एक्सीडेंट भी हो रहे हैं। फरीदपुर टोल प्लाजा के पास हाईवे के किनारे रोड सुरक्षा के काम न होने से हादसे में यहां कई और की मौत हो चुकी है। इस हाईवे की मरम्मत कराने के लिए एनएचएआई ने एक कंपनी को करीब छह करोड़ रुपये का कांट्रेक्ट दिया था। इस रकम को खर्च कर हाईवे को ठीक करने के नाम पर केवल लीपापोती ही हुुई है। इस कंपनी ने खतरनाक गड्ढों को तो छुआ ही नहीं है। कई एक्सीडेंट जोन पर न तो सुरक्षा बोर्ड लगे हैं और न ही रात में ड्राइवर को सचेत करने के लिए रेडियम पोल लगाए गए हैैं। हाईवे पर कुछ जगह गड्ढों को कोलतार से भरकर खानापूर्ति जरूर की गई, लेकिन बारिश के चलते यह पैच भी उधड़ने शुरू हो गए हैं। उत्तराखंड के मंत्री के बेटे समेत कई जानें जानें गड्ढों की वजह से हुए हादसे में चली गईं। जबकि एनएचएआई ने एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी को यह रिपोर्ट भेज दी है कि इस हाईवे पर गड्ढों को भर दिया गया है। छह करोड़ रुपये खपाने के साथ ही एनएचएआई के परियोजना अधिकारी एनपी सिंह का दावा है कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से कई जगहों पर साइन बोर्ड भी लगवा दिए गए हैं। इस हाईवे पर अगर अब कोई गड्ढा होता है तो उसकी मरम्मत तत्काल करा दी जाएगी। पीडी ने एडीएम को अवगत कराया है कि जल्द ही बरेली से सितारगंज वाया पीलीभीत रोड को भी जल्द ही गड्ढा मुक्त कर दिया जाएगा।
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‘अभी इसकी कोई जानकारी नहीं है। यह चेक कराया जाएगा कि एनएचएआई ने हाईवे की मरम्मत के लिए कौन से काम कराए हैं और अब उनकी क्या हालत है। जो कमी होगी, उसे पूरा कराने के लिए निर्देश दिए जाएंगे।’
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- रणवीर प्रसाद, कमिश्नर