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Bareilly News: गरीबों का राशन हजम कर रहे सवा तीन लाख अमीर

Thu, 05 Nov 2026 03:04 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 05 Nov 2026 03:04 AM IST
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Over 300,000 wealthy individuals are cornering rations meant for the poor.
बहेड़ी/बरेली। गरीबों के मुफ्त राशन को अमीर भी हजम कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम से लाभार्थियों का रैंडम मिलान किया तो मंडल के चारों जिलों के 3,31,283 कार्डधारक संदिग्ध मिले। इनके सत्यापन के लिए तहसीलवार रिपोर्ट पूर्ति निरीक्षकों को भेज दी गई है।
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जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह के मुताबिक, राशन कार्ड के जरिये सरकारी खाद्यान्न का लाभ ले रहे अपात्रों की पहचान के लिए सत्यापन का सिलसिला शुरू हुआ है। राशन कार्ड प्रबंधन प्रणाली (आरसीएमएस) से लाभार्थियों के रिकॉर्ड का मिलान कराने पर मंडल के चारों जिलों में 3,31,283 कार्ड धारक संदिग्ध मिले हैं। मंडल में पूर्ति निरीक्षकों ने अब तक 10,362 रिकॉर्ड की जांच की है। इनमें 9,646 लोग अपात्र मिले हैं। सत्यापन रिपोर्ट की सक्षम स्तर से पुष्टि के बाद अपात्रों के राशन कार्ड निरस्त किए जा सकते हैं।
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जानिए, किस जिले में कितने कार्ड संदिग्ध
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, बरेली के 1,22,550, बदायूं के 99,672, शाहजहांपुर के 90,117 और पीलीभीत के 59,995 राशन कार्ड धारक संदिग्ध मिले हैं। आरसीएमएस से मिलान के बाद 3,31,283 के रिकॉर्ड उपलब्ध हुए। इनमें बरेली के 1,10,035, बदायूं के 85,147, शाहजहांपुर के 83,575 और पीलीभीत के 52,526 रिकॉर्ड हैं।
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जानिए, क्या है आरसीएमएस, कैसे करता है काम
राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम (आरसीएमएस) खाद्य एवं रसद विभाग का ऑनलाइन सिस्टम है। इसका प्रयोग राशन कार्ड के लाभार्थियों के रिकॉर्ड के प्रबंधन के लिए होता है। इससे कार्ड धारक के परिवार के सदस्यों का विवरण, रिकॉर्ड का मिलान, पात्र और अपात्र लाभार्थियों की पहचान की प्रक्रिया में सहयोग, राशन कार्ड में संशोधन, नाम जोड़ने और हटाने जैसी कवायदें संचालित होती हैं।

साल भर पूर्व आयकर, परिवहन विभाग के
आंकड़ों पर कटे थे 40 हजार राशन कार्ड
तथ्य छिपाकर अपात्रों द्वारा गरीबों का निवाला डकारने की शिकायत मिलने पर वर्ष 2024-2025 में केंद्र सरकार ने आयकर और परिवहन विभाग के आंकड़ों का मिलान किया था। इसमें करीब 42 हजार लोग अपात्र मिले थे। सत्यापन के बाद 40 हजार लोगों के अपात्र होने की पुष्टि हुई थी। सभी के राशन कार्ड डिलीट हुए। इस बार 24 की-परफार्मेंस इंडीकेटर्स के जरिये आंकड़ों का मिलान किया गया।

ये हैं प्रमुख इंडीकेटर्स
सौ से अधिक उम्र के लाभार्थी, छह और 12 माह से राशन न लेने वाले, एक ही नाम पर दो कार्ड, 18 वर्ष से कम उम्र के अकेले सदस्य, आयकरदाता, चार पहिया समेत कॉमर्शियल वाहनों के स्वामी, कंपनी डायरेक्टर, आधार में गलत जानकारी, सरकारी कर्मचारी, छह लाख रुपये प्रतिमाह से अधिक आय, ईपीएफओ, मृतक, साढ़े सात एकड़ से अधिक कृषि भूमि के स्वामी व अन्य इंडीकेटर्स शामिल हैं।
बहेड़ी में 15 हजार तो मीरगंज में 3,100 राशन कार्ड धारक संदिग्ध
बहेड़ी/मीरगंज। बहेड़ी, रिछा, शेरगढ़ में 17 हजार और मीरगंज में करीब 3100 राशन कार्डधारक संदिग्ध मिले हैं। ऑनलाइन सूची अपलोड होने के बाद सत्यापन शुरू हो गया है। इनमें वाहन मालिक, आयकरदाता, पीएफ से जुड़े लोग भी इसमें शामिल हैं।

ब्लॉकवार शेरगढ़ में 6,016, बहेड़ी में 4,755, रिछा में 4,168 संदिग्ध लोग हैं। बहेड़ी में चार हजार से ज्यादा कार्ड धारकों ने सालभर से राशन लिया ही नहीं है। साढ़े सात एकड़ से अधिक कृषि भूमि वाले परिवारों की संख्या तीन हजार से अधिक है। मीरगंज के पूर्ति निरीक्षक रवि कुमार सक्सेना के मुताबिक, करीब 3100 राशन कार्ड संदिग्ध हैं। नियमानुसार जांच और कार्रवाई की जा रही है।
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