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अफसर ही नहीं चाहते पीलीभीत शहर बने ‘स्मार्ट’
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पीलीभीत। ढाई लाख की आबादी वाले शहर को ‘स्मार्ट’ बनाने के प्रति अफसर ही संजीदा नहीं हैं तो फिर शहर ‘स्मार्ट’ बनेगा कैसे। पूरी एक सदी गुजार चुकी नगरपालिका आज भी शहरवासियों को अतिक्रमण और जाम की समस्या से छुटकारा नहीं दिला सकी। रोड के किनारे फुटपाथ नहीं बने। न ही हाईवे की सड़क पर डिवाइडर हैं। इस वजह से आए दिन रोड एक्सीडेंट की घटनाएं शहर के अंदर भी हो रही हैं।
ट्रैफिक पुलिस ने शहर को अतिक्रमण और जाम के चंगुल से मुक्त कराने को करीब पांच माह पहले एक प्लान तैयार कर प्रशासन को भेजा था। वहां से तवज्जो न मिलने पर इसे दोबारा भेजा गया, लेकिन जिम्मेदार अफसरों ने इस प्लान को महज एक कागज के तौर पर फाइलों के नीचे दबा दिया। इसका नतीता यह निकला कि ट्रैफिक का कोई नियम ही नहीं है। जो जहां से चाहें, वहीं से अपनी बाइक, कार, रिक्शा, ई रिक्शा, बस, ट्रक या मिनी ट्रक वहीं से निकालने लगता है। ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग केवल गन्ने और भूसी के ओवरलोड ट्रकों की हिफाजत करने और डग्गामार वाहनों से वसूली करके उनको चलवाने तक ही सीमित है। अफसरों की इस लापरवाही का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
माधोटांडा रोड बन गया डग्गामार वाहन स्टैंड
शहर के गौहनिया चौराहे से जाने वाले माधोटांडा रोड पर रेलवे क्रॉसिंग तक सड़कों के दोनों ओर डग्गामार वाहनों की कतार लगी रहती है। दुकानों के आगे दुकानदार सड़क की पटरी पर सामान रखते हैं। अतिक्रमण से अक्सर जाम लगता है। जबकि ट्रैफिक पुलिस पास ही में गौहनियां चौराहे पर टहलती रहती है।
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स्टेडियम रोड के नो-पार्किंग जोन में कारों का अंबार
तीन साल पहले डीएम शीतल वर्मा ने स्टेडियम के हालातों को देखते हुए इसे नो-पार्किंग जोन घोषित किया था। रविवार को इस रोड पर अस्पताल के बाहर दर्जनों कारें और एंबुलेेंस रोड घेरे खड़ी थीं। इससे हर आने जाने वाले राहगीर को दिक्कत हो रही थी।
नो इंट्री जोन में भी घुस रही हैं कारें
गैस चौराहा से लेकर ड्रमंडगंज चौराहे तक के हिस्से को नो इंट्री जोन घोषित किया गया। इस चौराहे पर दो-दो होमगार्ड की ड्यूटी भी लगी मिली, लेकिन उनके सामने ही कई कारें और ई-रिक्शे नो इंट्री जोन में घुसते दिखीं। इन्हीं कारों से बाजार में जाम की स्थिति रोजाना पैदा होती है।
छिपियान चौराहे पर एक तरफ सामान, दूसरी तरफ ई-रिक्शा स्टैंड
लक्ष्मी टॉकीज से लेकर छिपियान चौराहा तक सड़कों के दोनों तरफ दुकानों का सामान रखा देखा गया। कुछ ने तो बाकायदा सड़क पर ही दुकानें खोल रखी हैं। बाकी कसर चौराहे के आसपास आड़े तिरछे खड़े ई-रिक्शा वाले निकालते दिखे। यहां तो दिन में 20 बार से अधिक जाम लगता है।
प्लान में ये हैं चिह्नित प्वाइंट
- गौहनिया चौराहा से माधोटांडा रेलवे क्रॉसिंग
- स्टेडियम रोड
- चीनी मिल रोड
- सुनगढ़ी तिराहा
- गैस चौराहा
- जेपी रोड
शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अस्थायी अतिक्रमण से निजात दिलाने को नगरपालिका को रिपोर्ट भेजी जाती है। पुलिस भी सड़क पर सामान रखने वालों पर दफा 34 के तहत कार्रवाई कर रही है। -धर्म सिंह मार्छाल, सीओ ट्रैफिक
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ट्रैफिक पुलिस ने शहर को अतिक्रमण और जाम के चंगुल से मुक्त कराने को करीब पांच माह पहले एक प्लान तैयार कर प्रशासन को भेजा था। वहां से तवज्जो न मिलने पर इसे दोबारा भेजा गया, लेकिन जिम्मेदार अफसरों ने इस प्लान को महज एक कागज के तौर पर फाइलों के नीचे दबा दिया। इसका नतीता यह निकला कि ट्रैफिक का कोई नियम ही नहीं है। जो जहां से चाहें, वहीं से अपनी बाइक, कार, रिक्शा, ई रिक्शा, बस, ट्रक या मिनी ट्रक वहीं से निकालने लगता है। ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग केवल गन्ने और भूसी के ओवरलोड ट्रकों की हिफाजत करने और डग्गामार वाहनों से वसूली करके उनको चलवाने तक ही सीमित है। अफसरों की इस लापरवाही का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
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माधोटांडा रोड बन गया डग्गामार वाहन स्टैंड
शहर के गौहनिया चौराहे से जाने वाले माधोटांडा रोड पर रेलवे क्रॉसिंग तक सड़कों के दोनों ओर डग्गामार वाहनों की कतार लगी रहती है। दुकानों के आगे दुकानदार सड़क की पटरी पर सामान रखते हैं। अतिक्रमण से अक्सर जाम लगता है। जबकि ट्रैफिक पुलिस पास ही में गौहनियां चौराहे पर टहलती रहती है।
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स्टेडियम रोड के नो-पार्किंग जोन में कारों का अंबार
तीन साल पहले डीएम शीतल वर्मा ने स्टेडियम के हालातों को देखते हुए इसे नो-पार्किंग जोन घोषित किया था। रविवार को इस रोड पर अस्पताल के बाहर दर्जनों कारें और एंबुलेेंस रोड घेरे खड़ी थीं। इससे हर आने जाने वाले राहगीर को दिक्कत हो रही थी।
नो इंट्री जोन में भी घुस रही हैं कारें
गैस चौराहा से लेकर ड्रमंडगंज चौराहे तक के हिस्से को नो इंट्री जोन घोषित किया गया। इस चौराहे पर दो-दो होमगार्ड की ड्यूटी भी लगी मिली, लेकिन उनके सामने ही कई कारें और ई-रिक्शे नो इंट्री जोन में घुसते दिखीं। इन्हीं कारों से बाजार में जाम की स्थिति रोजाना पैदा होती है।
छिपियान चौराहे पर एक तरफ सामान, दूसरी तरफ ई-रिक्शा स्टैंड
लक्ष्मी टॉकीज से लेकर छिपियान चौराहा तक सड़कों के दोनों तरफ दुकानों का सामान रखा देखा गया। कुछ ने तो बाकायदा सड़क पर ही दुकानें खोल रखी हैं। बाकी कसर चौराहे के आसपास आड़े तिरछे खड़े ई-रिक्शा वाले निकालते दिखे। यहां तो दिन में 20 बार से अधिक जाम लगता है।
प्लान में ये हैं चिह्नित प्वाइंट
- गौहनिया चौराहा से माधोटांडा रेलवे क्रॉसिंग
- स्टेडियम रोड
- चीनी मिल रोड
- सुनगढ़ी तिराहा
- गैस चौराहा
- जेपी रोड
शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अस्थायी अतिक्रमण से निजात दिलाने को नगरपालिका को रिपोर्ट भेजी जाती है। पुलिस भी सड़क पर सामान रखने वालों पर दफा 34 के तहत कार्रवाई कर रही है। -धर्म सिंह मार्छाल, सीओ ट्रैफिक