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पांच अपात्रों को दे दिए इंदिरा आवास, रिकवरी हुई
बरेली
Updated Sun, 21 Jun 2015 02:02 AM IST
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गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए संचालित इंदिरा आवास योजना में अफसर भले ही घपले के मामले दबाने में जुटे रहे, लेकिन सच सामने आ ही गया। नवाबगंज ब्लाक के ग्रेम गांव में पांच ऐसे अपात्रों को इंदिरा आवास दे दिए गए, जिनके पहले से ही घर थे। जांच में खुलासा होने पर अफसरों में खलबली मची तो इन पांचों से आनन-फानन में रिकवरी कराई गई। हालांकि, इन्हें आवास देने के लिए जिम्मेदार ग्राम पंचायत सचिव पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उसे सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।
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मामले की शिकायत हीरालाल ने कमिश्नर से की थी। उनके आदेश पर सीडीओ ने जांच जिला विकास अधिकारी से कराई। इसमें सुचखदेई पत्नी ताराचंद, सुमन पत्नी मुकेश, सत्यवती पत्नी चंद्रपाल, पुष्पादेवी पत्नी महेंद्र पाल और धर्मवती पत्नी रमेश चंद्र इंदिरा आवास के लिए अपात्र पाए गए। इनके पहले से ही आवास बने हुए मिले। साथ ही इनके नाम भी नियमानुसार बीपीएल या स्थायी सूची में नहीं पाए गए। खुलासा हुआ कि ग्राम पंचायत सचिव ने सांठ-गांठकर इन पांचों अपात्रों को इंदिरा आवास मंजूर कर दिए। आवासहीन गरीबों का हक मारकर इनको आवास दे दिए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर सीडीओ शिवसहाय अवस्थी ने पांचों से योजना के तहत भुगतान की गई 70-70 हजार रुपये की धनराशि की रिकवरी के आदेश दिए। नवाबगंज के खंड विकास अधिकारी ने पांचों अपात्रों से धनराशि की रिकवरी कराकर यह पैसा सरकारी खाते में जमा कराया है।
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वर्जन...
मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। ग्राम पंचायत सचिव जिम्मेदार हैं तो उन पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। जिले के सभी गांवों में इंदिरा आवास का सत्यापन भी कराया जाएगा।
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-शिवसहाय अवस्थी, सीडीओ।