{"_id":"5d813cd88ebc3e93d0284939","slug":"other-hafizganj-news-bly376488324","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘नेपाली भूत’ ने थाने में शोर मचाया तो इंस्पेक्टर ने तांत्रिक बुलाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘नेपाली भूत’ ने थाने में शोर मचाया तो इंस्पेक्टर ने तांत्रिक बुलाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाफिजगंज (बरेली)। देर रात पशु तस्करी कर रही एक लक्जरी कार पकड़े जाने के बाद दो पशु तस्कर तो नदी में कूदकर भाग गए और दो को पुलिस थाने पकड़ लाई। इन दोनों में से एक मुंशी रूम में बैठाए जाने के कुछ ही देर बाद ऊटपटांग हरकतें करते हुए दूसरे युवक की गर्दन दबा दी। कहने लगा कि वह नेपाली भूत है, उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मामला इंस्पेक्टर तक पहुंचा और फिर सलाह-मशवरे के बाद रात में ही तांत्रिक को बुलाया गया। तांत्रिक की झाड़फूंक के बाद वह शांत भी हो गया। मंगलवार सुबह होते ही दोनों को जेल भेज दिया गया।
इंस्पेक्टर सुरेंद्र पाल सिंह को सोमवार देर रात सूचना मिली कि अहमदाबाद के पास से गोवंशीय पशु को कार में डालकर कुछ लोग सेंथल की तरफ ले जा रहे हैं। पुलिस ने नदी की पुलिया पर कार को घेर लिया। उसमें बैठे लोग गाड़ी से नदी में कूद गए। दो लोगों को पकड़ लिया। पीछे सीट पर एक गोवंशीय पशु मिला। पता लगा कि ये लोग पशु को सेंथल की ओर काटने ले जा रहे थे। इनमें एक रिठौरा का अंसार तो दूसरा यूसुफ था। दोनों को पुलिस ने थाने लाकर मुंशी के कमरे में बैठा दिया। रात दो बजे करीब अंसार ने यूसुफ की गर्दन दबानी शुरू कर दी। खुद को नेपाली भूत बताकर ऊटपटांग हरकतें शुरू कर दीं। पैर में पड़ी बेड़ियां भी निकाल दीं। यह देख पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। अंसार पूरे थाने में अजीबोगरीब ढंग से गोल-गोल घूमने लगा तो थाने में हड़कंप मच गया। वह खुद को नेपाली भूत बताने लगा।
हेड मोहर्रिर ने किसी तरह उसे पकड़वाया और फिर इंस्पेक्टर से सलाह-मशवरा कर एक तांत्रिक को बुलवाया। उसने अंसार के कान में कुछ फूंका तो वह सामान्य हो गया। तांत्रिक ने पुलिस को बताया कि अंसार पर भूत का साया था। उधर गला दबाने से यूसुफ की हालत खराब हो गई थी। पुलिस ने उसे भी दवा दिलवाई। थाना प्रभारी ने बताया कि अंसार पहले से बीमार रहता है। इससे उसके मन में इस तरह की बातें आती रहती हैं, ये शायद मानसिक बीमारी है। अब जेल के अस्पताल में उसका उपचार होगा।
विज्ञापन
पशुओं को पहुंचाने के मिलते थे छह सौ रुपये
थाने में बैठे आरोपियों ने बताया कि स्थानीय पशु तस्करों ने उन्हें छह-छह सौ रुपये में तय किया था। उनकी जिम्मेदारी पशु को लादने और सेंथल में सकुशल पहुंचाने की थी। यूसुफ पहले भी इन तस्करों के साथ जा चुका था पर अंसार पहली बार जा रहा था। यूसुफ ने बताया वहां एक आरा मशीन पर पशु को उतारा जाना था। पुलिस ने पीछा किया तो वे दोनों घबरा गए जबकि पहले से इस तरह के मामलों में अभ्यस्त पशु तस्कर नदी में कूदकर फरार हो गए।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर सुरेंद्र पाल सिंह को सोमवार देर रात सूचना मिली कि अहमदाबाद के पास से गोवंशीय पशु को कार में डालकर कुछ लोग सेंथल की तरफ ले जा रहे हैं। पुलिस ने नदी की पुलिया पर कार को घेर लिया। उसमें बैठे लोग गाड़ी से नदी में कूद गए। दो लोगों को पकड़ लिया। पीछे सीट पर एक गोवंशीय पशु मिला। पता लगा कि ये लोग पशु को सेंथल की ओर काटने ले जा रहे थे। इनमें एक रिठौरा का अंसार तो दूसरा यूसुफ था। दोनों को पुलिस ने थाने लाकर मुंशी के कमरे में बैठा दिया। रात दो बजे करीब अंसार ने यूसुफ की गर्दन दबानी शुरू कर दी। खुद को नेपाली भूत बताकर ऊटपटांग हरकतें शुरू कर दीं। पैर में पड़ी बेड़ियां भी निकाल दीं। यह देख पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। अंसार पूरे थाने में अजीबोगरीब ढंग से गोल-गोल घूमने लगा तो थाने में हड़कंप मच गया। वह खुद को नेपाली भूत बताने लगा।
विज्ञापन
हेड मोहर्रिर ने किसी तरह उसे पकड़वाया और फिर इंस्पेक्टर से सलाह-मशवरा कर एक तांत्रिक को बुलवाया। उसने अंसार के कान में कुछ फूंका तो वह सामान्य हो गया। तांत्रिक ने पुलिस को बताया कि अंसार पर भूत का साया था। उधर गला दबाने से यूसुफ की हालत खराब हो गई थी। पुलिस ने उसे भी दवा दिलवाई। थाना प्रभारी ने बताया कि अंसार पहले से बीमार रहता है। इससे उसके मन में इस तरह की बातें आती रहती हैं, ये शायद मानसिक बीमारी है। अब जेल के अस्पताल में उसका उपचार होगा।
विज्ञापन
पशुओं को पहुंचाने के मिलते थे छह सौ रुपये
थाने में बैठे आरोपियों ने बताया कि स्थानीय पशु तस्करों ने उन्हें छह-छह सौ रुपये में तय किया था। उनकी जिम्मेदारी पशु को लादने और सेंथल में सकुशल पहुंचाने की थी। यूसुफ पहले भी इन तस्करों के साथ जा चुका था पर अंसार पहली बार जा रहा था। यूसुफ ने बताया वहां एक आरा मशीन पर पशु को उतारा जाना था। पुलिस ने पीछा किया तो वे दोनों घबरा गए जबकि पहले से इस तरह के मामलों में अभ्यस्त पशु तस्कर नदी में कूदकर फरार हो गए।