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अब प्रधानमंत्री आवास योजना के सभी खातों की होगी जांच
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बरेली। प्रधानमंत्री आवास के लिए खुलवाए गए जीरो बैलेंस के खातों में लाखों रुपये के लेनदेन का मामला सामने आने के बाद डूडा में हड़कंप मचा है। इस मामले को टेरर फंडिंग से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पीओ डूडा शैलेंद्र भूषण ने लीड बैंक मैनेजर को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री आवास के लिए खुलवाए गए सभी 15 हजार खातों की जांच कराने को कहा है।
पिछले दिनों सामने आया कि डूडा में प्रधानमंत्री आवास के लिए सर्वे करने वाली फर्म के लोगों ने महिलाओं को लोन दिलाने के नाम पर फंसा लिया। शहर में अलग-अलग स्थानों पर रहने वाली 11 महिलाओं के बैंक खाते सिविल लाइंस स्थित निजी बैंक और नगरिया परीक्षित की भारतीय स्टेट बैंक में खुलवाए गए। इन खातों में लाखों रुपये नकद जमाकर दूसरे खातों में ट्रांसफर किए गए। खाताधारकों को जब इसकी जानकारी हुई तो खलबली मच गई। मामला पुलिस तक पहुंचा और कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर मोहित नाम के युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इस प्रकरण के बाद डूडा में हड़कंप मचा है और अफसर इस तरह के बैंक खातों को लेकर सतर्क हो गए हैं। पीओ डूडा शैलेंद्र भूषण ने लीड बैंक मैनेजर को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री आवास के लिए अब तक खुलवाए गए सभी 15 हजार खातों की जांच कराने को कहा है। ताकि सामने आ सके कि कुछ अन्य खातों का इस्तेमाल भी तो इसी तरह नहीं हुआ है।
एजेंसी के तमाम लोग गायब, बैंक की भूमिका भी संदिग्ध
इस गड़बड़ी के पीछे डूडा में सर्वे करने वाली पटना की एजेंसी की भूमिका भी संदिग्ध है। मामला खुलने के बाद इस एजेंसी से जुड़े तमाम लोग अंडरग्राउंड हो गए हैं, लेकिन कोतवाली पुलिस ने अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। वहीं, ग्राहकों की चेकबुक गलत हाथों में जाने को लेकर बैंक की भूमिका भी संदिग्ध है, लेकिन इस दिशा में भी पुलिस ने अब तक कुछ नहीं किया है।
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पिछले दिनों सामने आया कि डूडा में प्रधानमंत्री आवास के लिए सर्वे करने वाली फर्म के लोगों ने महिलाओं को लोन दिलाने के नाम पर फंसा लिया। शहर में अलग-अलग स्थानों पर रहने वाली 11 महिलाओं के बैंक खाते सिविल लाइंस स्थित निजी बैंक और नगरिया परीक्षित की भारतीय स्टेट बैंक में खुलवाए गए। इन खातों में लाखों रुपये नकद जमाकर दूसरे खातों में ट्रांसफर किए गए। खाताधारकों को जब इसकी जानकारी हुई तो खलबली मच गई। मामला पुलिस तक पहुंचा और कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर मोहित नाम के युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इस प्रकरण के बाद डूडा में हड़कंप मचा है और अफसर इस तरह के बैंक खातों को लेकर सतर्क हो गए हैं। पीओ डूडा शैलेंद्र भूषण ने लीड बैंक मैनेजर को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री आवास के लिए अब तक खुलवाए गए सभी 15 हजार खातों की जांच कराने को कहा है। ताकि सामने आ सके कि कुछ अन्य खातों का इस्तेमाल भी तो इसी तरह नहीं हुआ है।
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एजेंसी के तमाम लोग गायब, बैंक की भूमिका भी संदिग्ध
इस गड़बड़ी के पीछे डूडा में सर्वे करने वाली पटना की एजेंसी की भूमिका भी संदिग्ध है। मामला खुलने के बाद इस एजेंसी से जुड़े तमाम लोग अंडरग्राउंड हो गए हैं, लेकिन कोतवाली पुलिस ने अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। वहीं, ग्राहकों की चेकबुक गलत हाथों में जाने को लेकर बैंक की भूमिका भी संदिग्ध है, लेकिन इस दिशा में भी पुलिस ने अब तक कुछ नहीं किया है।
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