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पराली जलाई तो मुसीबत में पड़ सकते हैं किसान
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बरेली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने खेतों में फसल के अवशेष जलाने पर सख्त कदम उठाया है। फसल के अवशेष जलाने से बढ़ रहे प्रदूषण की रोकथाम के लिए अब प्रदेश से लेकर जिले में स्पेशल सेल गठित किए जाएंगे। सेल प्रत्येक दिन मॉनिटरिंग करेगी। इस संबंध में मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने सभी डीएम को आदेश जारी किए हैं। सेठ गठित कर किसानों को पराली जलाने से रोकें और अगर मामले पकड़े जाते हैं नियमानुसार अर्थदंड की कार्रवाई भी करें।
दरअसल, श्रीमती गंगा लालवानी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एंड अदर्स में भारत सरकार व अन्य की सुनवाई के बाद एनटीजी ने यह आदेश दिया है। एनजीटी ने पराली जलाने से रोकने के लिए किसानों को जागरूक करने को भी कहा है। किसान पराली जलाते हैं तो उन पर अर्थदंड भी लगाने को कहा गया है। बता दें कि इस बार सरकार भुवन प्रोग्राम के तहत सेटेलाइट से पराली जलाने की मॉनीटरिंग करा रही है। इसके अलावा ‘खेत में ही फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देना’ नाम की योजना भी शुरू की है, जिसमें प्रदेश के 23 जिले शामिल हैं। इसमें बरेली मंडल भी शामिल है।
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दरअसल, श्रीमती गंगा लालवानी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एंड अदर्स में भारत सरकार व अन्य की सुनवाई के बाद एनटीजी ने यह आदेश दिया है। एनजीटी ने पराली जलाने से रोकने के लिए किसानों को जागरूक करने को भी कहा है। किसान पराली जलाते हैं तो उन पर अर्थदंड भी लगाने को कहा गया है। बता दें कि इस बार सरकार भुवन प्रोग्राम के तहत सेटेलाइट से पराली जलाने की मॉनीटरिंग करा रही है। इसके अलावा ‘खेत में ही फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देना’ नाम की योजना भी शुरू की है, जिसमें प्रदेश के 23 जिले शामिल हैं। इसमें बरेली मंडल भी शामिल है।
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