{"_id":"5d585c3f8ebc3e89f7121348","slug":"other-bareilly-news-bly372618515","type":"story","status":"publish","title_hn":"वोटर लिस्ट में नाम न जोड़ने पर कैंट कार्यालय में हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वोटर लिस्ट में नाम न जोड़ने पर कैंट कार्यालय में हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। ‘अवैध’ बताकर बनाई गई कैंट की नई मतदाता सूची से 11 हजार लोगों के नाम हटने के बाद अब दावा और आपत्तियों पर भी सुनवाई न होने पर लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। शनिवार को दावा और आपत्ति निस्तारण प्रक्रिया के आखिरी दिन नाम जुड़वाने कैंट कार्यालय पहुंचे लोगों ने जमकर हंगामा किया। अधिकारियों पर पहले जबरन नाम काटने और अब अधूरे दस्तावेज बताते हुए नाम न जोड़ने का आरोप लगाया है। साथ ही, नाम न जोड़ने पर रक्षामंत्रालय से मामले की शिकायत की भी चेतावनी दी।
जून में कैंट की नई मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। जुलाई में नई मतदाता सूची जब प्रकाशित की गई तो उसमें कैंट के सातों वार्ड से करीब 11 हजार मतदाताओें के नाम लिस्ट में नहीं थे। मामले पर कैंट सभासद और स्थानीय निवासियों ने जमकर हंगामा किया। वे दिल्ली पहुंचे और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मामले की शिकायत की। पिछले महीने कैंट के प्रधान निदेशक बरेली कैंट पहुंचे और समस्या के निस्तारण का आश्वासन दिया। इसके बाद कैंट ने प्रकाशित की जाने वाली नई वोटर लिस्ट पर निवासियों से दावे और आपत्तियां मांगी। इसमें करीब 829 लोगों ने आवेदन किया। पिछले हफ्ते भर से दावों और आपत्तियों पर कैंट कार्यालय में वार्ड वार सुनवाई हो रही है। लोगों के मुताबिक कुछ लोगों को छोड़कर करीब 60 फीसदी से अधिक लोगों के आवेदन पर सुनवाई नहीं हुई है। आवेदन में खामियां निकालकर उन्हें वोटर लिस्ट से बाहर किया जा रहा है। वार्ड संख्या छह और वार्ड संख्या सात से एक भी वोटर का नाम न जोड़ने पर निवासी और सभासद बिफर पड़े और हंगामा किया।
आवेदन अधूरे थे.. इसलिए नहीं हुई सुनवाई
कैंट बोर्ड के जेई एसपी सिंह ने निवासियों के लगाए आरोपों को निराधार बताया। कहा, जिन आवेदनों में खामियां थीं, या आवेदन अधूरे थे, उनपर सुनवाई नहीं हो सकी। उन्होंने दावा किया कि वोटर लिस्ट कैंट एक्ट के नियमों के अनुरूप बनाई गई है। जबरन नाम नहीं हटाए गए हैं। वहीं, वेद प्रकाश तनेजा और रंजना चोपड़ा ने दावा स्वीकार न होने पर कैंट के उच्चाधिकारियों समेत रक्षा मंत्रालय तक शिकायत की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
किस वार्ड से कितने मतदाता हुए बाहर
वार्ड संख्या एक से 2515, दो से 1060, तीन से 880, चार से 1046, पांच से 859, छह से 2873, सात से 1271 पूर्व वोटरों के नाम अबकी बार कैंट की मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इसमें से वार्ड संख्या एक से 4, दो से 138, तीन से 84, चार से 16, पांच से 124, छह से 414, सात से 49 कुल 829 लोगों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने का दावा किया था। पिछले करीब हफ्ते भर से चल रहे दावा और आपत्तियों के निस्तारण प्रक्रिया में फिलहाल एक भी दावा स्वीकार न करने पर निवासियों ने अधिकारियों पर दावा और आपत्तियों के नाम पर खानापूर्ति का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
जून में कैंट की नई मतदाता सूची बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। जुलाई में नई मतदाता सूची जब प्रकाशित की गई तो उसमें कैंट के सातों वार्ड से करीब 11 हजार मतदाताओें के नाम लिस्ट में नहीं थे। मामले पर कैंट सभासद और स्थानीय निवासियों ने जमकर हंगामा किया। वे दिल्ली पहुंचे और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मामले की शिकायत की। पिछले महीने कैंट के प्रधान निदेशक बरेली कैंट पहुंचे और समस्या के निस्तारण का आश्वासन दिया। इसके बाद कैंट ने प्रकाशित की जाने वाली नई वोटर लिस्ट पर निवासियों से दावे और आपत्तियां मांगी। इसमें करीब 829 लोगों ने आवेदन किया। पिछले हफ्ते भर से दावों और आपत्तियों पर कैंट कार्यालय में वार्ड वार सुनवाई हो रही है। लोगों के मुताबिक कुछ लोगों को छोड़कर करीब 60 फीसदी से अधिक लोगों के आवेदन पर सुनवाई नहीं हुई है। आवेदन में खामियां निकालकर उन्हें वोटर लिस्ट से बाहर किया जा रहा है। वार्ड संख्या छह और वार्ड संख्या सात से एक भी वोटर का नाम न जोड़ने पर निवासी और सभासद बिफर पड़े और हंगामा किया।
विज्ञापन
आवेदन अधूरे थे.. इसलिए नहीं हुई सुनवाई
कैंट बोर्ड के जेई एसपी सिंह ने निवासियों के लगाए आरोपों को निराधार बताया। कहा, जिन आवेदनों में खामियां थीं, या आवेदन अधूरे थे, उनपर सुनवाई नहीं हो सकी। उन्होंने दावा किया कि वोटर लिस्ट कैंट एक्ट के नियमों के अनुरूप बनाई गई है। जबरन नाम नहीं हटाए गए हैं। वहीं, वेद प्रकाश तनेजा और रंजना चोपड़ा ने दावा स्वीकार न होने पर कैंट के उच्चाधिकारियों समेत रक्षा मंत्रालय तक शिकायत की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
किस वार्ड से कितने मतदाता हुए बाहर
वार्ड संख्या एक से 2515, दो से 1060, तीन से 880, चार से 1046, पांच से 859, छह से 2873, सात से 1271 पूर्व वोटरों के नाम अबकी बार कैंट की मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इसमें से वार्ड संख्या एक से 4, दो से 138, तीन से 84, चार से 16, पांच से 124, छह से 414, सात से 49 कुल 829 लोगों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने का दावा किया था। पिछले करीब हफ्ते भर से चल रहे दावा और आपत्तियों के निस्तारण प्रक्रिया में फिलहाल एक भी दावा स्वीकार न करने पर निवासियों ने अधिकारियों पर दावा और आपत्तियों के नाम पर खानापूर्ति का आरोप लगाया है।