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सीओ ने जांच को बुलाया तो दरोगा जी को हार्टअटैक आया
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आंवला (बरेली)। कोतवाली में तैनात दरोगा को गंभीर शिकायतों की जांच के लिए सीओ ने बुलाया तो उन्हें कथित रूप से हार्टअटैक आ गया। इसके बाद स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए और उन्हें निजी अस्पताल में लाया गया। दरोगा ने आरोप लगाया कि वह पिछड़ी जाति से हैं और बाकी वरिष्ठ अनुसूचित वर्ग से ताल्लुक रखते हैं। उनका कुलकर उत्पीड़न किया जा रहा है। वह इसकी शिकायत एसएसपी से करेंगे। एसएसपी के निर्देश पर अधिकारियों ने उनकी हालत का जायजा लिया। बीपी कुछ बढ़ा मिला जो बाद में नार्मल बताया गया।
कोतवाली में तैनात दरोगा प्रवीण सिंह के व्यवहार और असामाजिक तत्वों से दोस्ती को लेकर कोतवाल ने कुछ दिन पहले उनकी गोपनीय रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी थी। इसमें ड्यूटी को गैर जिम्मेदारी से करने, अवैध पशु कटान कराने वाले लोगों से संपर्क होने जैसे गंभीर आरोप थे। इसमें उनका ट्रांसफर करने की सिफारिश की गई थी। अफसरों ने दरोगा की प्रारंभिक जांच सीओ आंवला को सौंप दी। सीओ ने सोमवार को दरोगा प्रवीण को जांच के लिए बुलाया था। सीओ ने जब उन पर लगे आरोपों की जानकारी दी तो दरोगा का पारा चढ़ गया।
उन्होंने सीना पकड़कर बैठते हुए दिल घबराने की बात कही तो पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। शोर मचा कि दरोगा को हार्टअटैक आ गया है। एक दरोगा उन्हें लेकर पहले सीएचसी और फिर बरेली को चले। दरोगा ने कहा कि ऐसे आरोपों से वह आहत हैं और वीआरएस को आवेदन कर देंगे। कहा कि अधिकारी वर्ग विशेष से जुड़े हैं। उन पर अभियान पूरे करने को दबाव बनाते हैं। वह गलत तरीके से अभियान के तहत कोटा पूरा नहीं कर सकते। इसीलिए उनके ऊपर अनर्गल आरोप लगाए हैं। न वह शराब पीते हैं और न ही गलत लोगों के साथ बैठते हैं। एक माह में तीन जगह उनके हलके बदले गए हैं। ये कहां का न्याय है।
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एसपी देहात ने बुलाया तो बदला अस्पताल
दरोगा को हार्टअटैक की जानकारी पाकर एसएसपी ने एसपी देहात से उनकी हालत देखने को कहा। एसपी देहात, सीओ सिटी को लेकर उस अस्पताल पहुंचे जहां दरोगा को आना था। वहां से कॉल करके पूछा तो बताया कि सरदार नगर तक आ गए हैं। बाद में उस अस्पताल में आने से इंकार कर दिया जहां अधिकारी मौजूद थे। फिर दूसरे अस्पताल में पहुंचे। वहां जाकर सीओ सिटी अशोक कुमार ने उनका हालचाल लिया।
दरोगा को हार्टअटैक की सूचना पर अधिकारियों को भेजा गया था। उनकी हालत ठीक बताई जा रही है। अगर कोई समस्या थी तो उच्चाधिकारियों को बताया जाना चाहिए था। कोई आरोप है तो उसकी जांच कराएंगे। - शैलेश पांडेय, एसएसपी
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कोतवाली में तैनात दरोगा प्रवीण सिंह के व्यवहार और असामाजिक तत्वों से दोस्ती को लेकर कोतवाल ने कुछ दिन पहले उनकी गोपनीय रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी थी। इसमें ड्यूटी को गैर जिम्मेदारी से करने, अवैध पशु कटान कराने वाले लोगों से संपर्क होने जैसे गंभीर आरोप थे। इसमें उनका ट्रांसफर करने की सिफारिश की गई थी। अफसरों ने दरोगा की प्रारंभिक जांच सीओ आंवला को सौंप दी। सीओ ने सोमवार को दरोगा प्रवीण को जांच के लिए बुलाया था। सीओ ने जब उन पर लगे आरोपों की जानकारी दी तो दरोगा का पारा चढ़ गया।
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उन्होंने सीना पकड़कर बैठते हुए दिल घबराने की बात कही तो पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। शोर मचा कि दरोगा को हार्टअटैक आ गया है। एक दरोगा उन्हें लेकर पहले सीएचसी और फिर बरेली को चले। दरोगा ने कहा कि ऐसे आरोपों से वह आहत हैं और वीआरएस को आवेदन कर देंगे। कहा कि अधिकारी वर्ग विशेष से जुड़े हैं। उन पर अभियान पूरे करने को दबाव बनाते हैं। वह गलत तरीके से अभियान के तहत कोटा पूरा नहीं कर सकते। इसीलिए उनके ऊपर अनर्गल आरोप लगाए हैं। न वह शराब पीते हैं और न ही गलत लोगों के साथ बैठते हैं। एक माह में तीन जगह उनके हलके बदले गए हैं। ये कहां का न्याय है।
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एसपी देहात ने बुलाया तो बदला अस्पताल
दरोगा को हार्टअटैक की जानकारी पाकर एसएसपी ने एसपी देहात से उनकी हालत देखने को कहा। एसपी देहात, सीओ सिटी को लेकर उस अस्पताल पहुंचे जहां दरोगा को आना था। वहां से कॉल करके पूछा तो बताया कि सरदार नगर तक आ गए हैं। बाद में उस अस्पताल में आने से इंकार कर दिया जहां अधिकारी मौजूद थे। फिर दूसरे अस्पताल में पहुंचे। वहां जाकर सीओ सिटी अशोक कुमार ने उनका हालचाल लिया।
दरोगा को हार्टअटैक की सूचना पर अधिकारियों को भेजा गया था। उनकी हालत ठीक बताई जा रही है। अगर कोई समस्या थी तो उच्चाधिकारियों को बताया जाना चाहिए था। कोई आरोप है तो उसकी जांच कराएंगे। - शैलेश पांडेय, एसएसपी