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Bareilly News: समान नागरिक संहिता का विरोध, वक्फ संशोधन पर बिल का किया समर्थन

Fri, 30 Aug 2024 07:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 30 Aug 2024 07:21 AM IST
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Opposition to Uniform Civil Code, supported bill on Waqf amendment
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने जारी किया मुस्लिम एजेंडा, मुसलमानों को राजनीति से दूरी बनाने की हिदायत
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बरेली। उर्स-ए-रजवी के मौके पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने ‘मुस्लिम एजेंडा’ जारी करते हुए समान नागरिक संहिता का खुला विरोध किया है। एजेंडे में कहा गया है कि यह शरियत में हस्तक्षेप है और इसे मुसलमान हरगिज नहीं मानेगा। अलबत्ता वक्फ संशोधन बिल पर अपना समर्थन जताया है।
जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बृहस्पतिवार को मुस्लिम एजेंडा जारी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से सेक्युलर समान नागरिक संहिता को लागू करने की बात कही है। ये कानून और इसी तरह और दूसरे कानून जो शरीयत में हस्तक्षेप करते हैं, उनको भारत का मुसलमान मानने के लिए तैयार नहीं है। जहां तक वक्फ संशोधन बिल की बात है तो उसका समर्थन करते हैं। वक्फ संपत्ति का रखरखाव और उससे होने वाली आमदनी गरीब और कमजोर मुसलमानों पर खर्च की जाए, जिससे मुसलमानों की गुरबत दूर हो सके।
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मौलाना ने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए मुसलमान हर कुर्बानी देने के लिए तैयार है, मगर हिंदू और मुस्लिम के दरमियान नफरत फैलाने वाली राजनीति बर्दाश्त नहीं की जा सकती। मुसलमानों के प्रति अपने आचरण में बदलाव लाना होगा। वहीं बांग्लादेश के तख्ता पलट के दौरान हिंदुओं के मकानों और मंदिरों पर हमले हुए, ये बहुत ही निंदनीय कार्य है।
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मौलाना ने कहा कि अक्सर कोई न कोई व्यक्ति पैगंबर-ए-इस्लाम की शान में गुस्ताखी करता है मगर सभी लोग खामोश तमाशायी बने रहते हैं, कोई कार्यवाही नहीं होती। इसलिए संसद या विधानसभाओं में ''''पैगंबरे इस्लाम बिल'''' लाया जाए, ताकि फिर कोई व्यक्ति पैगंबर-ए-इस्लाम की शान में गुस्ताखी न कर सके। इसके अलावा जमात के उलमा ने मुसलमानों को हिदायत दी है कि शिक्षा, कारोबार और परिवार पर ध्यान दें।



इससे पूर्व हुई बैठक में हाफिज नूर अहमद अजहरी ( राष्ट्रीय महासचिव), मुफ्ती सादीक सकाफी केरला, सूफी अब्दुलरहमान कादरी (छत्तीसगढ़), सूफी पीर मोहम्मद हनीफ चिश्ती, मौलाना मजहर इमाम बंगाल, मौलाना अब्दुस्सलाम रजवी (कर्नाटक), मौलाना रिजवानुलहक (तामिलनाडू), मुफ्ती शाकिरूल का़दरी (राजस्थान), मुफ्ती फारूख आलम रजवी (पंजाब), मौलाना अब्बास रजवी (महाराष्ट्र), कारी सगीर अहमद (देहली), सहित उत्तराखंड, कश्मीर, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश के उलमा सहित अलावा हाजी नाजिम बेग, मौलाना मुजाहिद हुसैन, मौलाना अशरफ बिलाली आदि उपस्थित रहे। संवाद


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मुस्लिम कौम को हिदायतें

- मालदार मुसलमान गरीब और कमजोरों के बच्चों की स्कूल की फीस का खर्चा उठाएं, ताकि बच्चे पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़े हो सकें।



- मदरसों और मस्जिदों में चलने वाले मदरसों में अरबी, उर्दू के साथ-साथ हिंदी व अंग्रेजी और कंप्यूटर शिक्षा की व्यवस्था करें।



- मां-बाप अपनी जमीन व जायदाद में लड़कों के साथ लड़कियों को भी हिस्सा दें।

- जकात की सामूहिक व्यवस्था कायम की जाए और मालदार मुसलमान अपनी जकात को एक जगह इकट्ठा करें, ताकि उसके माध्यम से ग़रीब, मिसकीन, यतीम और बेसहारा लोगों की मदद की जा सके।

- मुसलमान कानून के दायरे में रहे और किसी भी मामले में कानून को हाथ में न ले।



- हर मुसलमान को चाहिए कि अपने आधार कार्ड और वोटर कार्ड समझदारी के साथ बनवाएं। चुनाव में अपने वोटों का इस्तेमाल देश की तरक्की के लिए बढ़-चढ़कर करें।
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