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पहले दिन व्यवस्थाओं की खुली पोल, टाट-पट्टी पर हुई परीक्षा
बरेली।
Updated Fri, 17 Mar 2017 12:53 AM IST
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Open on the first day of the system Pole test
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं का पहला दिन अव्यवस्थाओं के नाम रहा। जिला प्रशासन से लेकर शिक्षा विभाग की सारी व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। कई केंद्रों पर छात्रों को टाट पट्टी पर बैठकर परीक्षा देनी पड़ी। यहां फर्नीचर उपलब्ध नहीं हो पाया। इसके अलावा कक्ष निरीक्षकों की भारी कमी रही। बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक ड्यूटी करने नहीं पहुंचे। कॉलेजों में तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों से ड्यूटी कराई गई।
कृषि इंटर कॉलेज परधौली में 150 छात्रों ने जमीन पर बैठकर परीक्षा दी। यहां चार सौ छात्रों के बैठने की व्यवस्था थी, जबकि दसवीं के 662 और बारहवीं के 590 छात्रों की परीक्षा हो रही है। जेडी शिव प्रकाश द्विवेदी ने पीलीभीत के आजाद उच्चतर माध्यमिक वाहनपुर बीसलपुर का निरीक्षण किया। यहां सभी 450 छात्र जमीन पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे। इसके बरेली जिले में कुल दस केंद्र ऐसे रहे जहां फर्नीचर की दिक्कत आई। दूसरी बड़ी समस्या कक्ष निरीक्षकों की रही।
क्यारा राजकीय कॉलेज में बेसिक शिक्षा विभाग से दस शिक्षक जाने थे पर दो ही पहुंचे। कुंवर रंजीत सिंह इंटर कॉलेज में भी यही हाल रहा। डीआईओएस ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग से दो हजार शिक्षक मांगे थे, जिसमें एक हजार से भी कम शिक्षक रिलीव होकर परीक्षा ड्यूटी में पहुंचे। पहले दिन हिंदी का पेपर था, हालांकि सभी केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। जिले में एक भी नकलची नहीं पकड़ा गया।
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पहली पाली में 6331 ने छोड़ी परीक्षा
पहली पाली में परीक्षा छोड़ने वालों की संख्या छह हजार से ज्यादा रही। दसवीं में 55205 छात्र पंजीकृत थे, जिसमें 48881 छात्र ही शामिल हुए। दसवीं के 6324 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी। सुबह की पाली में बारहवीं के 133 छात्रों की परीक्षा थी जिसमें सात ने परीक्षा छोड़ दी।
पर्यवेक्षक पवन सचान ने की छापेमारी
माध्यमिक शिक्षा परिषद से बरेली मंडल के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए डिप्टी निदेशक एजूकेशन पवन सचान गुरुवार को बरेली पहुंच गए। उन्होंने शाहजहांपुर के केंद्रों का निरीक्षण किया। दूसरी पाली में फरीदपुर के कुछ केंद्रों पर छापेमारी की। कई केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक कम मिले। तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को ड्यूटी में लगाया गया था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार से दोनों पालियों में छापेमारी की जाएगी।
कंट्रोल रूम रहा ठप
परीक्षा के पहले दिन ही डीआईओएस ऑफिस के कंट्रोल रूम की पोल खुल गई। कंट्रोल रूम का नंबर 0581-2427433 ठप रहा। कर्मचारियों का कहना था कि विभाग द्वारा समय से बिल नहीं जमा किया गया इसलिए फोन चालू नहीं हो सका। वहीं डीआईओएस मुन्ने अली का कहना था कि लाइन खराब होने से यह दिक्कत आई। लाइन मैन को बुलाया, लेकिन वह नहीं आया। शुक्रवार को फोन ठीक करा दिया जाएगा।
प्रशासन से महज एक गाड़ी मिली
विभाग की तरफ से छह सचल दल बनाए गए थे पर प्रशासन की तरफ से विभाग को एक ही वाहन मिल सका। हालांकि डीआईओएस, बीएसए अपने वाहनों से निकलने। एक सचल दल छापेमारी को नहीं जा सका। वहीं मंडल स्तर पर तीन सचल दल बनाए गए थे। एक सचल दल वाहन न मिलने के कारण छापेमारी को नहीं जा सका।
हिंदी के पेपर में इतिहास का आया प्रश्न
इंटरमीडिएट के हिंदी के पेपर में इतिहास संबंधी प्रश्न पूछ लिया गया। प्रश्न संख्या 1 का ग प्रश्न में पूछा गया कि जलियांवाला बाग कांड कब हुआ। यह प्रश्न पाठ्यक्रम में ही नहीं है। एक प्रश्न में जाएं को जायं लिखा गया। इसके अलावा दसवीं के प्रश्नपत्र में दोहा की पंक्ति में शब्द बदल दिए गए। जयनारायण इंटर कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. गोविंद दीक्षित ने बताया कि दोहा में लिखा गया रूप राशि बल तेज बखानी जबकि तुलसीदास ने लिखा है रूप शील बल तेज बखानी।
सी कापी देने में की हीलाहवाली
राम भरोसे गर्ल्स इंटर कॉलेज में छात्राओं को सी कापी देने में हीलाहवाली की गई। छात्राओं के बहुत कहने पर ही उनको सी कापी दी गई। एक छात्रा का कहना है कि परीक्षा समाप्त होने से कुछ मिनट पहले उसको बड़ा निवेदन करने के बाद सी कापी दी गई, जबकि विभाग से स्पष्ट निर्देश हैं कि अगर कोई छात्र बी या सी कापी मांगता है तो उसको दी जाएगी।
तीन केंद्रों को लेकर डीएम से की शिकायत
तीन परीक्षा केंद्रों को लेकर डीएम से शिकायत की गई है। सुभाषनगर के रामदास ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर जनता इंटर कॉलेज नवादा शेखान, जीएसएस इंटर कॉलेज सुभाषनगर और स्वामी राम स्वरूप इंटर कॉलेज परातारूपुर पर नकल कराने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
मंडल में दो नकलची पकड़े
पहले दिन मंडल में दो नकलची पकड़े गए। प्रथम पाली दसवीं हिंदी की परीक्षा में बदायूं में एक और शाहजहांपुर में एक नकलची पकड़ा गया। बरेली जिले में एक भी नकलची नहीं पकड़ा गया।
नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए डीआईओएस कार्यालय में प्रदर्शन
जिले में नकलविहीन परीक्षाएं कराने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने डीआईओएस कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। संवेदनशील केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा की मांग की। छात्रों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था करने की मांग की। इस मौके पर महानगर संगठन मंत्री राहुल चौहान, गौरव यादव, रजत जोशी, अजीत पटेल, अवनीश चौबे, अंशिका जौहरी, पवन राजपूत आदि लोग मौजूद रहे।
पहले दिन कक्ष निरीक्षकों की कमी को छोड़ दिया जाए तो परीक्षाएं अच्छी तरह निपटी हैं। कहीं कोई अव्यवस्था नहीं मिली। जहां बेसिक के शिक्षक नहीं पहुंचे हैं, बीईओ से बात करके कक्ष निरीक्षकों की कमी पूरी कराई जाएगी।
-मुन्ने अली, डीआईओएस
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कृषि इंटर कॉलेज परधौली में 150 छात्रों ने जमीन पर बैठकर परीक्षा दी। यहां चार सौ छात्रों के बैठने की व्यवस्था थी, जबकि दसवीं के 662 और बारहवीं के 590 छात्रों की परीक्षा हो रही है। जेडी शिव प्रकाश द्विवेदी ने पीलीभीत के आजाद उच्चतर माध्यमिक वाहनपुर बीसलपुर का निरीक्षण किया। यहां सभी 450 छात्र जमीन पर बैठकर परीक्षा दे रहे थे। इसके बरेली जिले में कुल दस केंद्र ऐसे रहे जहां फर्नीचर की दिक्कत आई। दूसरी बड़ी समस्या कक्ष निरीक्षकों की रही।
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क्यारा राजकीय कॉलेज में बेसिक शिक्षा विभाग से दस शिक्षक जाने थे पर दो ही पहुंचे। कुंवर रंजीत सिंह इंटर कॉलेज में भी यही हाल रहा। डीआईओएस ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग से दो हजार शिक्षक मांगे थे, जिसमें एक हजार से भी कम शिक्षक रिलीव होकर परीक्षा ड्यूटी में पहुंचे। पहले दिन हिंदी का पेपर था, हालांकि सभी केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। जिले में एक भी नकलची नहीं पकड़ा गया।
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पहली पाली में 6331 ने छोड़ी परीक्षा
पहली पाली में परीक्षा छोड़ने वालों की संख्या छह हजार से ज्यादा रही। दसवीं में 55205 छात्र पंजीकृत थे, जिसमें 48881 छात्र ही शामिल हुए। दसवीं के 6324 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी। सुबह की पाली में बारहवीं के 133 छात्रों की परीक्षा थी जिसमें सात ने परीक्षा छोड़ दी।
पर्यवेक्षक पवन सचान ने की छापेमारी
माध्यमिक शिक्षा परिषद से बरेली मंडल के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए डिप्टी निदेशक एजूकेशन पवन सचान गुरुवार को बरेली पहुंच गए। उन्होंने शाहजहांपुर के केंद्रों का निरीक्षण किया। दूसरी पाली में फरीदपुर के कुछ केंद्रों पर छापेमारी की। कई केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक कम मिले। तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को ड्यूटी में लगाया गया था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार से दोनों पालियों में छापेमारी की जाएगी।
कंट्रोल रूम रहा ठप
परीक्षा के पहले दिन ही डीआईओएस ऑफिस के कंट्रोल रूम की पोल खुल गई। कंट्रोल रूम का नंबर 0581-2427433 ठप रहा। कर्मचारियों का कहना था कि विभाग द्वारा समय से बिल नहीं जमा किया गया इसलिए फोन चालू नहीं हो सका। वहीं डीआईओएस मुन्ने अली का कहना था कि लाइन खराब होने से यह दिक्कत आई। लाइन मैन को बुलाया, लेकिन वह नहीं आया। शुक्रवार को फोन ठीक करा दिया जाएगा।
प्रशासन से महज एक गाड़ी मिली
विभाग की तरफ से छह सचल दल बनाए गए थे पर प्रशासन की तरफ से विभाग को एक ही वाहन मिल सका। हालांकि डीआईओएस, बीएसए अपने वाहनों से निकलने। एक सचल दल छापेमारी को नहीं जा सका। वहीं मंडल स्तर पर तीन सचल दल बनाए गए थे। एक सचल दल वाहन न मिलने के कारण छापेमारी को नहीं जा सका।
हिंदी के पेपर में इतिहास का आया प्रश्न
इंटरमीडिएट के हिंदी के पेपर में इतिहास संबंधी प्रश्न पूछ लिया गया। प्रश्न संख्या 1 का ग प्रश्न में पूछा गया कि जलियांवाला बाग कांड कब हुआ। यह प्रश्न पाठ्यक्रम में ही नहीं है। एक प्रश्न में जाएं को जायं लिखा गया। इसके अलावा दसवीं के प्रश्नपत्र में दोहा की पंक्ति में शब्द बदल दिए गए। जयनारायण इंटर कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. गोविंद दीक्षित ने बताया कि दोहा में लिखा गया रूप राशि बल तेज बखानी जबकि तुलसीदास ने लिखा है रूप शील बल तेज बखानी।
सी कापी देने में की हीलाहवाली
राम भरोसे गर्ल्स इंटर कॉलेज में छात्राओं को सी कापी देने में हीलाहवाली की गई। छात्राओं के बहुत कहने पर ही उनको सी कापी दी गई। एक छात्रा का कहना है कि परीक्षा समाप्त होने से कुछ मिनट पहले उसको बड़ा निवेदन करने के बाद सी कापी दी गई, जबकि विभाग से स्पष्ट निर्देश हैं कि अगर कोई छात्र बी या सी कापी मांगता है तो उसको दी जाएगी।
तीन केंद्रों को लेकर डीएम से की शिकायत
तीन परीक्षा केंद्रों को लेकर डीएम से शिकायत की गई है। सुभाषनगर के रामदास ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर जनता इंटर कॉलेज नवादा शेखान, जीएसएस इंटर कॉलेज सुभाषनगर और स्वामी राम स्वरूप इंटर कॉलेज परातारूपुर पर नकल कराने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
मंडल में दो नकलची पकड़े
पहले दिन मंडल में दो नकलची पकड़े गए। प्रथम पाली दसवीं हिंदी की परीक्षा में बदायूं में एक और शाहजहांपुर में एक नकलची पकड़ा गया। बरेली जिले में एक भी नकलची नहीं पकड़ा गया।
नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए डीआईओएस कार्यालय में प्रदर्शन
जिले में नकलविहीन परीक्षाएं कराने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ने डीआईओएस कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। संवेदनशील केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा की मांग की। छात्रों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था करने की मांग की। इस मौके पर महानगर संगठन मंत्री राहुल चौहान, गौरव यादव, रजत जोशी, अजीत पटेल, अवनीश चौबे, अंशिका जौहरी, पवन राजपूत आदि लोग मौजूद रहे।
पहले दिन कक्ष निरीक्षकों की कमी को छोड़ दिया जाए तो परीक्षाएं अच्छी तरह निपटी हैं। कहीं कोई अव्यवस्था नहीं मिली। जहां बेसिक के शिक्षक नहीं पहुंचे हैं, बीईओ से बात करके कक्ष निरीक्षकों की कमी पूरी कराई जाएगी।
-मुन्ने अली, डीआईओएस