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निजी अस्पतालों में नहीं बंद होगी ओपीडी
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बरेली। दूसरे जिलों में हो रहे अलर्ट से बरेली में भी हड़कंप मच रहा है। शुक्रवार को लखनऊ के कई इलाकों में लॉकडाउन के आदेश से हड़कंप मचने के बाद अब आईएमए की ओर से निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद किए जाने का मेसेज वायरल हुआ है। आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजेश अग्रवाल ने इसे दरकिनार करते हुए कहा है कि सभी निजी अस्पतालों में ओपीडी खुलेगी, हालांकि लोग अनावश्यक तौर पर न आएं तो उनके लिए अच्छा रहेगा।
आईएमए अध्यक्ष का कहना है कि सेंट्रल आईएमए और यूपी स्टेट आईएमए ने तो पांच दिन ओपीडी बंद रखने को कहा है जबकि केंद्र और राज्य सरकार ने ओपीडी में डॉक्टरों को तैनात रखने के लिए कहा है, ताकि आपात स्थिति में कोई दिक्कत न हो। ऐसे में बरेली में सभी निजी अस्पतालों में ओपीडी खोलने का फैसला किया गया है, लेकिन इनमें सिर्फ गंभीर मरीज ही देखे जाएंगे। डॉक्टरों से अपेक्षा की गई है कि वे संकट की इस घड़ी में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए राष्ट्र एवं समाज के साथ खड़े रहकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। कहा, मास्क, सैनिटाइजर से भी बेहतर इलाज लोगों का अपने घरों में रहना है। वे घर से न निकलें, समूह में एकत्र न हों तो संक्रमण नहीं होगा। अस्पतालों को सुझाव दिया है कि वे खुद को, स्टाफ को सुरक्षित रखें। वेंटिलेटर, आइसोलेशन वार्ड में पूरी तैयारी रखें। लोगों को कोरोना से बचाव की जानकारी दें और अति आवश्यक सेवाएं जारी रखें। विदेश से लौटे किसी भी व्यक्ति के इलाज के लिए आने पर निजी अस्पताल संचालक उसकी तुरंत जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें।
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आईएमए अध्यक्ष का कहना है कि सेंट्रल आईएमए और यूपी स्टेट आईएमए ने तो पांच दिन ओपीडी बंद रखने को कहा है जबकि केंद्र और राज्य सरकार ने ओपीडी में डॉक्टरों को तैनात रखने के लिए कहा है, ताकि आपात स्थिति में कोई दिक्कत न हो। ऐसे में बरेली में सभी निजी अस्पतालों में ओपीडी खोलने का फैसला किया गया है, लेकिन इनमें सिर्फ गंभीर मरीज ही देखे जाएंगे। डॉक्टरों से अपेक्षा की गई है कि वे संकट की इस घड़ी में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए राष्ट्र एवं समाज के साथ खड़े रहकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। कहा, मास्क, सैनिटाइजर से भी बेहतर इलाज लोगों का अपने घरों में रहना है। वे घर से न निकलें, समूह में एकत्र न हों तो संक्रमण नहीं होगा। अस्पतालों को सुझाव दिया है कि वे खुद को, स्टाफ को सुरक्षित रखें। वेंटिलेटर, आइसोलेशन वार्ड में पूरी तैयारी रखें। लोगों को कोरोना से बचाव की जानकारी दें और अति आवश्यक सेवाएं जारी रखें। विदेश से लौटे किसी भी व्यक्ति के इलाज के लिए आने पर निजी अस्पताल संचालक उसकी तुरंत जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें।
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