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आईवीआरआई की बर्ड फ्लू लैब में केवल जिंदा पक्षियों की होगी जांच
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मरे पक्षियों के नमूने भोपाल के एनआईएचएडी ही भेजे जाएंगे
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बरेली। केंद्रीय पशु चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) की बर्ड फ्लू लैब में सिर्फ जिंदा पक्षियों के सैंपल जांचने की व्यवस्था है। मरे हुए पक्षियों के नमूनों की जांच भोपाल के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज (एनआईएचएडी) में होगी। आईवीआरआई के वैज्ञानिकों का कहना है कि उनकी लैब में मरे हुए पक्षियों की जांच के लिए मशीनें उपलब्ध नहीं है और प्रोटोकॉल के आधार पर भी मृत पक्षियों की जांच भोपाल में ही होनी चाहिए।
रुहेलखंड में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद आईवीआरआई लैब में संदिग्ध लक्षण वाले पक्षियों की जांच के नमूने पहुंचनेे का सिलसिला बढ़ गया है। लैब प्रभारी व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि उनकी लैब में मुर्गे सहित अन्य ऐसे पक्षियों के नमूने जांच के लिए आते हैं, जो जिंदा हैं और उनमें बर्ड फ्लू के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। आईवीआरआई लैब में इन्हीं की जांच की सुविधा उपलब्ध है। अगर कोई पक्षी मर गया है और बर्ड फ्लू संक्रमित होने की आशंका है तो उसकी जांच की व्यवस्था आईवीआरआई में नहीं है। अगर कोई विभाग मृत पक्षियों की जांच करना चाहता है तो उनके नमूने भोपाल में एनआईएचएडी भेजे जाते हैं। आईवीआरआई के पास इसकी जांच की रिपोर्ट भी नहीं आती है।
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रुहेलखंड में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद आईवीआरआई लैब में संदिग्ध लक्षण वाले पक्षियों की जांच के नमूने पहुंचनेे का सिलसिला बढ़ गया है। लैब प्रभारी व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि उनकी लैब में मुर्गे सहित अन्य ऐसे पक्षियों के नमूने जांच के लिए आते हैं, जो जिंदा हैं और उनमें बर्ड फ्लू के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। आईवीआरआई लैब में इन्हीं की जांच की सुविधा उपलब्ध है। अगर कोई पक्षी मर गया है और बर्ड फ्लू संक्रमित होने की आशंका है तो उसकी जांच की व्यवस्था आईवीआरआई में नहीं है। अगर कोई विभाग मृत पक्षियों की जांच करना चाहता है तो उनके नमूने भोपाल में एनआईएचएडी भेजे जाते हैं। आईवीआरआई के पास इसकी जांच की रिपोर्ट भी नहीं आती है।
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हर दिन 1500 से 2000 तक आ रहे सैंपल
आईवीआरआई लैब में यूपी, उत्तराखंड समेत कई प्रांतों से प्रतिदिन 1500 से 2000 तक नमूने बर्ड फ्लू की जांच के लिए आ रहे हैं। इसकी जांच में 12 से 24 घंटे तक लग रहे हैं। मगर लैब में जांच के लिए कोई नमूना लंबित नहीं है। लैब के पास नमूनों की जांच के लिए अभी पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं।
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गुरुवार को किसी नमूने में नहीं मिला संक्रमण
आईवीआरआई की लैब में बुधवार को पीलीभीत के पूरनपुर की मुर्गियों के सैंपल में बर्ड फ्लू का संक्रमण मिला था। गुरुवार को यहां लखनऊ, कानपुर, शाहजहांपुर व मुरादाबाद से मुर्गियों और उत्तराखंड के हल्द्वानी से एक जंगली चिड़िया के नमूनों की जांच की गई। इनमें से किसी भी नमूने में संक्रमण नहीं मिला है।आईवीआरआई की बर्ड फ्लू लैब में जिंदा पक्षियों के ही नमूनों की जांच होती है। मरे हुए पक्षियों की जांच के लिए नमूने भोपाल भेजने चाहिए। आईवीआरआई में मृत पक्षियों के नमूने भी एकत्र नहीं किए जाते। -डॉ. वीके गुप्ता, बर्ड फ्लू लैब प्रभारी, आईवीआरआई