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48 लाख मुर्गों और 66 सौ बकरों को एक महीने का एक्सटेंशन

Thu, 14 Sep 2017 02:01 AM IST
बरेली।
बरेली। Updated Thu, 14 Sep 2017 02:01 AM IST
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One month extension of 48 lakh birds and 66 hundred goats
‌िबबिकने के ‌िललिए रख्‍ाे बकरे

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सूबे में योगी सरकार के गठन के साथ स्लाटर हाउसों की बंदी होने से मीट बाजार से जुड़े व्यापारियों की नींद उड़ गई थी। जैसे-तैसे इस ईद तक कुछ संभले थे तो अब पितृ पक्ष और नवरात्र के इस काल ने फाके की नौबत ला दी है। व्यापारियों का मोटा हिसाब मानें तो बरेली की मीट मंडी में इस महीने 48 लाख मुर्गे और 66 सौ बकरे नहीं कटेंगे। यानी उनकी बिक्री नवरात्र के बाद ही होगी। इस हिसाब से मीट बाजार को इस महीने लगभग एक अरब 18 करोड़ रुपये से भी अधिक का झटका लगना तय है। 
आम तौर पर बरेली शहर में प्रतिदिन दो से ढाई लाख मुर्गे और ढाई सौ से तीन सौ बकरों का मीट बाजार में बिकता है। इसमें होटल, पार्टियां और घरेलू बिक्री शामिल है। अनुमानित तौर पर मुर्गे के मीट का हर रोज 4 करोड़ 50 लाख का कारोबार होता है। इसी तरह औसतन पौने तीन सौ बकरों की रोजाना बिक्री होती है, इस लिहाज से बरेली में बकरे के मीट का लगभग 14 लाख 52 हजार रुपये का हर दिन कारोबार बनता है। इस तरह बकरे और मुर्गे का कुल मिलाकर 4. 64 करोड़ से ज्यादा का कारोबार होता है। 
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चूंकि इन दिनों पितृ पक्ष चल रहे हैं, इस वजह से मटन और चिकन का कारोबार मात्र 20 प्रतिशत ही रह गया है। कारोबारी बताते हैं कि नवरात्र में तो उनका कारोबार घटकर मात्र 10 प्रतिशत ही रह जाता है। इस तरह दोनो मीट के कारोबारियों को प्रतिदिन 3.95 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। महीने के हिसाब से जोड़ें तो यह रकम एक अरब 18 करोड़ 45 लाख से भी ऊपर जा पहुंचती है। 
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मटन कारोबार की स्थिति इन दिनों बहुत खराब है। श्राद्ध पक्ष शुरू होने के बाद मीट का कारोबार 20 प्रतिशत ही रह गया है। हर साल नवरात्र में बमुश्किल 10 प्रतिशत ही मीट की बिक्री होती है। - मो. शाहिद कुरैशी, बांस मंडी के मटन व्यापारी 

पहले नोटबंदी ने हम लोगों को मारा, फिर स्लाटर हाउस बंद करा दिए गए। दुकानों के लिए लाइसेंस न मिलने से भी काम प्रभावित रहा और अब पितृ पक्ष मेें कारोबार में आई गिरावट टेंशन दे रही है। - जुबैर अहमद,  बांस मंडी के चिकन व्यापारी

कनागतों में मटन-चिकन की बहुत कम बिक्री रह जाती है, फिर भी थोड़ा-बहुत चलता रहता है, लेकिन नवरात्र में तो यह हालत हो जाती है कि कई कारोबारी तो उन दिनों में दुकान तक नहीं खोलते।  - मोहम्मद सईद, सिटी मंडी के चिकन व्यापारी 


मीट कारोबार की स्थिति पिछले कई महीनों से बहुत खराब है। मटन-चिकन का कारोबार करने वाले तो बस काम खींच रहे हैं। इन दिनों में हम तो किसी-किसी दिन दुकान ही नहीं खोलते। - मोहम्मद एजाज, सिटी मंडी के मटन व्यापारी    
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