Bareilly: बुजुर्ग महिला को खुद को जिंदा साबित करने में लगे चार महीने, ग्राम विकास अधिकारी निलंबित
बरेली में एक बुजुर्ग महिला खुद को जीवित साबित करने के लिए चार महीने तक भटकी, तब जाकर अफसरों ने उसे जिंदा माना। वृद्धा को ग्राम विकास अधिकारी ने मृत घोषित कर दिया था। जांच के बाद अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है।
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बरेली में ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) ने सत्यापन के बाद अभिलेखों में एक बुजुर्ग महिला को मृत घोषित कर दिया। खुद को जिंदा साबित करने में महिला को चार माह से ज्यादा का समय लग गया। शिकायत के बाद डीएम के आदेश पर जिला विकास अधिकारी ने मामले में जांच की। इसके बाद वीडीओ को निलंबित कर दिया गया है। वीडीओ के खिलाफ विस्तृत जांच बीडीओ बहेड़ी को सौंपी गई है।
नवाबगंज तहसील की ग्राम पंचायत भदपुरा निवासी सोमवती के पति की मौत हो चुकी है। वह अपने बेटे के साथ रहती हैं। सोमवती को समाज कल्याण विभाग की ओर से वृद्धावस्था पेंशन मिलती थी। करीब छह महीने पहले पेंशनार्थियों का सत्यापन कराया गया था।
मृत घोषित कर पेंशन रोकी
सत्यापन में ग्राम विकास अधिकारी राजू सिंह ने सोमवती को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उनको मिलने वाली पेंशन भी रोक दी गई। पेंशन बंद होने पर सोमवती ने संबंधित अधिकारियों से शिकायत की तब उनको पता चला कि उनको अभिलेखों में मृत दर्शाए जाने के कारण पेंशन बंद की गई है। इसके बाद सोमवती को यह साबित करने में करीब चार महीने लग गए कि वह जीवित हैं।
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तहसील नवाबगंज में डीएम की अध्यक्षता में चार फरवरी को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में सोमवती ने शिकायत दर्ज कराई। डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने मामले में जांच का आदेश दिया। डीडीओ अरुण कुमार सिंह ने जांच की तो ग्राम विकास अधिकारी की लापरवाही सामने आई। ग्राम विकास अधिकारी राजू सिंह को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। उनके खिलाफ विस्तृत जांच कर एक माह में जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश बीडीओ बहेड़ी को दिया गया है।