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साल भर बाद सीएम को समझ आया.. पीएम आवास पर क्यों था नाकारेपन का साया

Thu, 05 Apr 2018 06:41 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Thu, 05 Apr 2018 06:41 PM IST
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officials transferred on complaint from Builders
infrastructure
प्रधानमंत्री आवास योजना एक साल से क्यों गति नहीं पकड़ पाई। बिल्डरों ने हाल ही में सीएम से मुलाकात में जब प्रति हेक्टेयर दो सौ ईडब्ल्यूएस आवास गरीबों के लिए बनाने और प्राधिकरणों की ओर से भेजी गई डीपीआर 10 महीने से ज्यादा समय से मंजूर न होने की शिकायत की तो सीएम को समझ में आ गया कि आखिरकार सरकार की जन कल्याणकारी योजनाएं क्यों गति नहीं पकड़ पा रहीं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वह अफसर तत्काल हटाए गए। नए अफसर की तैनाती होते ही बीडीए की 254 आवासों की डीपीआर भी स्वीकृत हो गई। बीडीए ने 144 ईडब्ल्यूएस आवासों के टेंडर मांग लिए हैं। रामगंगा नगर में 110 आवासों के आवंटन के लिए डूडा से सूची मांगी है। 
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प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत गरीबों के लिए 4.5 लाख रुपये में ईडब्ल्यूएस दिए जाने का प्रावधान है। इसमें 1.5 लाख रुपये केंद्र सरकार और एक लाख रुपये राज्य सरकार देगी। दो लाख रुपये लाभार्थी को स्वयं देने होंगे। बीडीए ने अगस्त 2017 में 254 ईडब्ल्यूएस आवासों की डीपीआर बनाकर भेजी थी। शासन के एक बड़े अफसर डीपीआर केंद्र को भेजने में टालमटोल करते रहे। मार्च 2018 में बिल्डरों को पीएम आवास योजना में शामिल करने के लिए लखनऊ में सीएम के साथ बैठक हुई। उसमें बिल्डरों ने प्रति हेक्टेअर 200 ईडब्ल्यूएस आवास बनाने में असमर्थता जाहिर की। हालांकि बिल्डर केंद्र सरकार के 250 आवासों के प्रोजेक्ट में 33 फीसदी ईडब्ल्यूएस बनाने की नीति से सहमत थे, लेकिन वह राज्य सरकार की नीति में बदलाव चाहते हैं। शासन के अफसरों ने प्राइवेट भागीदारी नहीं होने दी, जिससे प्रधानमंत्री आवास योजना को गति नहीं मिली। 
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जब यह बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जानकारी में आई तो उन्होंने उन अफसर को अपने पद से तुरंत हटाकर नए अफसर की तैनाती कर दी। नए अफसर के चार्ज संभालते ही बीडीए से भेजी गई 254 आवासों की डीपीआर समेत प्रदेश भर के समस्त प्राधिकरणों की पीएम आवास की डीपीआर मंजूर करने का काम हो रहा है। डीपीआर स्वीकृत होने के बाद बीडीए ने 144 ईडब्ल्यूएस आवासों के टेंडर मांगे हैं। यह टेंडर खुल भी गए हैं। जल्द ही आवास निर्माण का काम रामगंगा नगर में प्रारंभ हो जाएगा। 110 ईडब्ल्यूएस आवास पहले से बने हैं, जिनको पीएम आवास योजना में शामिल कर उनके आवंटन की तैयारी है। 
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डूडा से मांगी सूची 
बीडीए उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में 254 आवासों की डीपीआर स्वीकृत हो गई है। इसमें 110 आवास रामगंगा नगर में पहले से बने हैं। बीडीए की ओर से डूडा को पत्र लिखकर पात्रों को सूची मांगी गई है। 18 अप्रैल तक इन आवासों की बुकिंग खोली गई है। डूडा की सूची में शामिल पात्र 50 हजार रुपये बीडीए को देकर आवास बुक करा सकते हैं। पात्रों को दो लाख रुपये देने हैं। अगर किसी के पास यह रकम नहीं है तो डेढ़ लाख रुपये बैंक लोन भी दे देगा। 

 
एयरफोर्स की एनओसी का अड़ंगा अब ज्यादा दिन नहीं, नक्शे होंगे पास
अब एयरफोर्स की एनओसी का अड़ंगा भी ज्यादा दिन नहीं रहेगा। डेवपलर्स ने एयरफोर्स के चारो ओर 4.5 किलोमीटर एरिया में एनओसी लेना अनिवार्य कर रखा है। इसके चलते आस-पास एरिया में निर्माण नहीं हो पा रहे हैं। डेवपलर्स की आपत्ति पर बीडीए ने यह बात शासन में रखने की बात कही है। अगर शासन से एयरफोर्स की एनओसी जल्दी मिलने का मामला सुलझता है तो बीडीए को नक्शे जल्द पास करने में आसानी होगी। एयरफोर्स के अड़ंगे के चलते एक साल तक बीडीए ने मानचित्र ही स्वीकृत नहीं किए, जिससे प्राधिकरण की आमदनी काफी घट गई। अब बीडीए से नक्शे स्वीकृत होने में आसानी होगी। 
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