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स्वेटर की तरह फर्नीचर ‘ठिकाने’ न लगे इसलिए अफसर खुद करेंगे खरीदारी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Thu, 22 Mar 2018 08:36 PM IST
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बेसिक शिक्षा विभाग स्वेटर की तरह कहीं फर्नीचर खरीद की रकम भी ठिकाने न लगा दे, इसके लिए डीएम और सीडीओ अपनी निगरानी में फर्नीचर खरीद के टेंडर करेंगे। पहले यह ठेका उच्च प्राथमिक स्कूलों की विद्यालय प्रबंधक समितियों से कराने की तैयारी की जा रही थी।
सौ बच्चों से ज्यादा संख्या वाले 140 परिषदीय उच्च प्राथमिक स्कूलों में इस बार मेज और कुर्सियां दी जानी हैं। इसके लिए शासन ने प्रत्येक विद्यालय के लिए 1.56 लाख रुपये का बजट मंजूर किया है। बेसिक शिक्षा विभाग पहले इस कोशिश में था कि स्कूलों में फर्नीचर खरीद के लिए रकम सभी विद्यालय प्रबंध समितियों को जारी कर दी जाए। प्रबंध समितियां अपने स्तर से ही ठेके करें। इसकी जानकारी जब सीडीओ सत्येंद्र कुमार को हुई तो उन्होंने विद्यालय प्रबंध समितियों को 2.18 करोड़ की रकम जारी करने पर न केवल रोक लगा दी, बल्कि यह फैसला भी किया कि फर्नीचर खरीद के लिए प्रबंध समितियों के बजाय सीधे जिला स्तर पर डीएम और सीडीओ की देखरेख में ठेका देने की प्रक्रिया पूरी की जाए। दरअसल, परिषदीय स्कूलों के करीब तीन लाख बच्चों के लिए स्वेटर खरीद में फर्जीवाड़ा के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी कठघरे में हैं। स्वेटर खरीद के लिए भी बेसिक शिक्षा विभाग ने करीब तीन हजार स्कूलों की विद्यालय प्रबंध समितियों को ही धनराशि जारी की थी। स्वेटर खरीद के बजट की तरह फर्नीचर खरीद के भी 2.18 करोड़ रुपये कहीं ठिकाने न लगा दिए जाएं, इसलिए प्रशासन ने अपनी निगरानी में फर्नीचर खरीद की टेंडर प्रक्रिया पूरी कराने का निर्णय लिया है।
ऑर्डर कराने सीडीओ कार्यालय पहुंचीं थीं बीएसए
सभी विद्यालय प्रबंध समितियों को फर्नीचर खरीद की अनुमति देने के लिए बीएसए चंदना राम इकबाल यादव बृहस्पतिवार को सीडीओ कार्यालय पहुंचीं थीं, लेकिन सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने ऐसा करने से मना कर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि समितियां अलग-अलग खरीद करेंगी तो न तो क्वालिटी की जांच हो सकेगी और न ही खरीद की सही पुष्टि, इसलिए फर्नीचर खरीद से समितियों को बाहर रखा जाए।
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फर्नीचर खरीद में पारदर्शिता बनी रहे, इसलिए जिला स्तर पर बनी कमेटी टेंडर कराएगी। विद्यालय प्रबंध समितियों को फर्नीचर खरीद का रकम न देने के निर्देश बीएसए को दे दिए गए हैं। - सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
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सौ बच्चों से ज्यादा संख्या वाले 140 परिषदीय उच्च प्राथमिक स्कूलों में इस बार मेज और कुर्सियां दी जानी हैं। इसके लिए शासन ने प्रत्येक विद्यालय के लिए 1.56 लाख रुपये का बजट मंजूर किया है। बेसिक शिक्षा विभाग पहले इस कोशिश में था कि स्कूलों में फर्नीचर खरीद के लिए रकम सभी विद्यालय प्रबंध समितियों को जारी कर दी जाए। प्रबंध समितियां अपने स्तर से ही ठेके करें। इसकी जानकारी जब सीडीओ सत्येंद्र कुमार को हुई तो उन्होंने विद्यालय प्रबंध समितियों को 2.18 करोड़ की रकम जारी करने पर न केवल रोक लगा दी, बल्कि यह फैसला भी किया कि फर्नीचर खरीद के लिए प्रबंध समितियों के बजाय सीधे जिला स्तर पर डीएम और सीडीओ की देखरेख में ठेका देने की प्रक्रिया पूरी की जाए। दरअसल, परिषदीय स्कूलों के करीब तीन लाख बच्चों के लिए स्वेटर खरीद में फर्जीवाड़ा के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी कठघरे में हैं। स्वेटर खरीद के लिए भी बेसिक शिक्षा विभाग ने करीब तीन हजार स्कूलों की विद्यालय प्रबंध समितियों को ही धनराशि जारी की थी। स्वेटर खरीद के बजट की तरह फर्नीचर खरीद के भी 2.18 करोड़ रुपये कहीं ठिकाने न लगा दिए जाएं, इसलिए प्रशासन ने अपनी निगरानी में फर्नीचर खरीद की टेंडर प्रक्रिया पूरी कराने का निर्णय लिया है।
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ऑर्डर कराने सीडीओ कार्यालय पहुंचीं थीं बीएसए
सभी विद्यालय प्रबंध समितियों को फर्नीचर खरीद की अनुमति देने के लिए बीएसए चंदना राम इकबाल यादव बृहस्पतिवार को सीडीओ कार्यालय पहुंचीं थीं, लेकिन सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने ऐसा करने से मना कर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि समितियां अलग-अलग खरीद करेंगी तो न तो क्वालिटी की जांच हो सकेगी और न ही खरीद की सही पुष्टि, इसलिए फर्नीचर खरीद से समितियों को बाहर रखा जाए।
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फर्नीचर खरीद में पारदर्शिता बनी रहे, इसलिए जिला स्तर पर बनी कमेटी टेंडर कराएगी। विद्यालय प्रबंध समितियों को फर्नीचर खरीद का रकम न देने के निर्देश बीएसए को दे दिए गए हैं। - सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी