{"_id":"646537a730d3405aaf0e1715","slug":"officers-do-not-pick-up-the-phone-how-to-solve-the-problems-bareilly-news-c-4-bly1036-157711-2023-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: फोन नहीं उठाते अफसर, कैसे हो समस्याओं का समाधान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: फोन नहीं उठाते अफसर, कैसे हो समस्याओं का समाधान
विज्ञापन
बरेली। विकास भवन में बुधवार को आयोजित किसान दिवस में किसानों ने छुट्टा पशु और बकाया गन्ना मूल्य का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। किसानों ने उन अफसरों को निशाने पर लिया जो बार-बार फोन कॉल करने के बाद भी जवाब नहीं देते। डीएम की ओर मुखातिब होते हुए एक किसान ने सीधे कहा- डीएम साहब आपके अफसर फोन नहीं उठाते हैं, फिर समस्याओं का समाधान कैसे हो। डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने कहा- सभी अफसर फोन कॉल उठाएं और समस्या सुनें। यदि किसी वजह से तत्काल कॉल रिसीव न कर पाएं तो कुछ देर बाद जवाबी कॉल जरूर करें।
उन्होंने कहा कि उनके पास जब कोई काॅल आती है तो वह खुद कॉलबैक करते हैं। डीएम ने समस्याएं सुनने के बाद कहा कि छुट्टा पशुओं की समस्या से पशु चिकित्सा विभाग राहत दिलाएगा। हमलवार हो चुके छुट्टा पशु टीम लगाकर पकड़वाए जाएंगे। नदी की जमीन से अवैध कब्जे हटेंगे। केंद्रपाल सिंह व मोहम्मद कमर मलिक ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। संचालन उप निदेशक कृषि डॉ. दीदार सिंह ने किया। इस दौरान सीताराम, राकेश कुमार गंगवार, सर्वेश कुमार, बलवीर सहाय गंगवार, रेशमा कश्यप, ओमप्रकाश, मुकेश कुमार ने मुद्दे उठाए। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह, जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी, कृषि वैज्ञानिक रंजीत सिंह ने किसानों के सवालों के जवाब दिए।
किसानों ने मुद्दों के साथ किए सवाल
- ऋण अदा करने के बाद भी खतौनी को ऋण मुक्त नहीं करते कई बैंकर्स।
- शारदा नहर की पक्की नाली बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं बनाई गई।
- उत्तराखंड से आई डोहरा नदी के अधिकतर हिस्से में सिल्ट, सिंचाईं हो रही बाधित।
- छुट्टा पशु फसलों को बर्बाद कर रहे, आखिर कब तक बर्बाद होते रहेंगे किसान।
- छुट्टा पशु हमलावर हैं, कैसे जान बचाएं किसान।
औषधीय पौधों की खेती करें किसान, आमदनी बढ़ाएं
डीएम ने कहा कि किसान परंपरागत खेती से बाहर आएं। मेंथा जैसी फसलों से बचें, क्योंकि मेंथा में सिंचाईं के लिए पानी अधिक लगता है। लेमन ग्रास और तुलसी समेत तमाम औषधीय पौधों की खेती करें। इससे आमदनी बढ़ाना आसान होगा। इसके लिए जरूरी प्रशिक्षण मई में ही दिलाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि उनके पास जब कोई काॅल आती है तो वह खुद कॉलबैक करते हैं। डीएम ने समस्याएं सुनने के बाद कहा कि छुट्टा पशुओं की समस्या से पशु चिकित्सा विभाग राहत दिलाएगा। हमलवार हो चुके छुट्टा पशु टीम लगाकर पकड़वाए जाएंगे। नदी की जमीन से अवैध कब्जे हटेंगे। केंद्रपाल सिंह व मोहम्मद कमर मलिक ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। संचालन उप निदेशक कृषि डॉ. दीदार सिंह ने किया। इस दौरान सीताराम, राकेश कुमार गंगवार, सर्वेश कुमार, बलवीर सहाय गंगवार, रेशमा कश्यप, ओमप्रकाश, मुकेश कुमार ने मुद्दे उठाए। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह, जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी, कृषि वैज्ञानिक रंजीत सिंह ने किसानों के सवालों के जवाब दिए।
विज्ञापन
किसानों ने मुद्दों के साथ किए सवाल
- ऋण अदा करने के बाद भी खतौनी को ऋण मुक्त नहीं करते कई बैंकर्स।
- शारदा नहर की पक्की नाली बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं बनाई गई।
- उत्तराखंड से आई डोहरा नदी के अधिकतर हिस्से में सिल्ट, सिंचाईं हो रही बाधित।
- छुट्टा पशु फसलों को बर्बाद कर रहे, आखिर कब तक बर्बाद होते रहेंगे किसान।
- छुट्टा पशु हमलावर हैं, कैसे जान बचाएं किसान।
औषधीय पौधों की खेती करें किसान, आमदनी बढ़ाएं
डीएम ने कहा कि किसान परंपरागत खेती से बाहर आएं। मेंथा जैसी फसलों से बचें, क्योंकि मेंथा में सिंचाईं के लिए पानी अधिक लगता है। लेमन ग्रास और तुलसी समेत तमाम औषधीय पौधों की खेती करें। इससे आमदनी बढ़ाना आसान होगा। इसके लिए जरूरी प्रशिक्षण मई में ही दिलाया जाएगा।
विज्ञापन