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अब नहर पर बने लॉन, ढाबा और अस्पताल पर हल्ला मचाएंगे फिर बचाएंगे

Fri, 14 Feb 2020 02:10 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 14 Feb 2020 02:10 AM IST
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Now we will make a ruckus on the lawns, dhabas and hospitals built on the canal and then save
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : अमर उजाला, बरेली
बरेली। अदालत में चल रहे मुकदमों का फैसला होने के बाद बरेली रजवाह की करोड़ों कीमत की जमीन पर कब्जों को हटाने का रास्ता साफ हुआ तो नहर विभाग के अफसरों के लिए भी कई रास्ते खुल गए। इस जमीन पर बने एक स्विमिंग पूल पर जेसीबी से कुछ खरोंचें मारने के बाद उसे ध्वस्त करने की सूचना अपने रिकॉर्ड में दर्ज कर दी गई। अब इसी जमीन पर बने लॉन, ढाबे और अस्पताल को भी ध्वस्त करने का एलान किया गया है, हालांकि स्विमिंग पूल पर हुई कार्रवाई की मिसाल देते हुए इस एलान पर भी सवाल खड़े किए जाने लगे हैं।
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अदालत में चल रहे चार मुकदमों में 19 साल बाद नहर विभाग के पक्ष में फैसला आया तो कुसुमनगर में पाटी गई नहर की जमीन को मुक्त कराने का रास्ता साफ हो गया, लेकिन नहर विभाग के अफसरों ने इस कार्रवाई के लिए अपने हिसाब से सारा तानाबाना बुन लिया। नतीजा यह हुआ कि सोमवार को जब नहर की जमीन पर बने एक स्विमिंग पूल को ‘ध्वस्त’ करने की इसी योजना के साथ कार्रवाई की शुरुआत हुई तो नहर विभाग की टीम उसकी दीवारों पर कुछ खरोंचें मारकर लौट आई और अपने रिकॉर्ड में स्विमिंग पूल को ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई दर्ज कर ली। अमर उजाला ने नहर विभाग के इस खेल का खुलासा किया तो अफसरों ने यह सफाई देनी शुरू कर दी कि स्विमिंग पूल उनकी अवैध कब्जों की लिस्ट में ही शामिल नहीं था।
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अब दावा किया जा रहा है कि इन मुकदमों के फैसले के मुताबिक नहर विभाग की 1974.78 वर्गमीटर जमीन पर ‘स्पर्श लॉन’ का अवैध कब्जा साबित हुआ है जिसे अब गिराया जाएगा। इसके बाद इसी 1974.78 वर्गमीटर जमीन के चारों ओर दीवार खींचकर अनाधिकृत खेती को भी उजाड़ा जाएगा। कई और मुकदमों में अभी फैसला आना बाकी है। अफ सरों का कहना है कि ये कब्जे भी ध्वस्त किए जाएंगे। इनमें हरुनगला में एक मकान, नवादा जोगियान में दो मैरिज लॉन, बजरंग ढाबा, एक मकान, अस्पताल, नर्सिंग होम, एक होटल, स्वालेनगर में पिलर लगाकर बनाया गया कॉम्प्लेक्स, पीर बहोड़ा में एक मकान, दुकान और चक्की, परतापुर जीवन सहाय में कुर्मांचल नगर कॉलोनी, पीरबहोड़ा में दुकान और उसकी बाउंड्रीवाल, हरु नगला में नॉर्थ सिटी कॉलोनी, परतापुर जीवन सहाय में भी नॉर्थ सिटी कॉलोनी, बिहारमान नगला, पीर बहोड़ा और धौरेरा माफी ग्राम से गुजर रही नहर की जमीन पर सनसिटी कॉलोनी का निर्माण हुए हैं। जिन पर भी जेसीबी गरजने की आशंका जताई जा रही है।
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सिटी मजिस्ट्रेट और एसीएम कोर्ट में चल रहे है 13 केस
विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक दमखोदा से निकलकर शहर से गुजरते हुए बीसलपुर तक जाने वाली ‘बरेली रजवाह’ की जमीन को पाटने की शुरुआत 1980 में हुई। 1995 में अफसरों ने नियम कायदों को ताक पर रखकर नहर की बेशकीमती जमीन को स्वार्थपूर्ति करके कॉलोनाइजरों के सुपुर्द कर दिया। इसके बाद नहर की इस जमीन पर कई आलीशान लॉन, ढाबा, अस्पताल, बैंक्वेट हॉल जैसे तमाम अवैध निर्माण हो गए। तत्कालीन डीएम ने इस जमीन खाली कराने के लिए कवायद शुरू की लेकिन इसमें वह कामयाब नहीं हो पाए। हालांकि इसके बाद 2001 से 2005 के बीच इन कब्जों के खिलाफ अदालतों में 17 मुकदमे दायर किए गए। इनमें 11 सिटी मजिस्ट्रेट और छह अपर नगर मजिस्ट्रेट की अदालत में दायर हुए। विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक 2015 में चार मुकदमों का फैसला नहर विभाग के पक्ष में आया जिसके बाद पांच सालों तक नामांतरण का पेच फंसा रहा।

नहर की जमीन कब्जाने के मामले में फिलहाल जीते हुए मुकदमों में कार्रवाई की जा रही है। स्विमिंग पूल के बाद अब स्पर्श लॉन पर कार्रवाई के लिए जल्द थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट का निर्देश मिलते ही पुलिस फोर्स की मदद से अवैध कब्जों को ध्वस्त कर दिया जाएगा। - एसएस यादव, एक्सईएन रुहेलखंड नहर विभाग
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