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Bareilly News: अब विवैक्स मरीजों की घटेगी तादाद, चपेट में लेगा फेल्सीपेरम मलेरिया
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- मौसम विभाग से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार पीएफ के अनुकूल रहेगा तापमान
- फिलहाल विवैक्स के बढ़ रहे मरीज, दस सितंबर से फेल्सीपेरम का प्रकोप बढ़ने का अनुमान
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। मलेरिया के बढ़ते जा रहे मरीजों की तादाद फिलहाल कम होने की उम्मीद नहीं है। तापमान के उतार-चढ़ाव पर आधारित मौसम विभाग के हेल्थ बुलेटिन में अगले सप्ताह से मलेरिया के घातक पैरासाइट प्लाज्मोडियम फेल्सीपेरम (पीएफ) का प्रकोप बढ़ने की संभावना जताई गई है। हालांकि, वर्तमान में चपेट में ले रहे विवैक्स मलेरिया की मार कम होने की उम्मीद भी है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार तापमान की परिस्थितियाें को देखते हुए सितंबर के दूसरे सप्ताह में संचारी रोगाें के चपेट में आने की संभावना करीब 75 फीसदी और कई तरह के संचारी रोगों में से करीब 75 फीसदी मलेरिया का प्रकोप हावी होने का अनुमान है। तापमान अधिकतम 28 से 34 डिग्री और न्यूनतम 19 से 22 डिग्री के बीच दर्ज होगा। जो मलेरिया के पैरासाइट्स के अनुकूल है। हालांकि, इस दौरान डेंगू के चपेट में आने की संभावना कम है।
जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक वायरस, बैक्टीरिया या पैरासाइट्स सभी एक निर्धारित तापमान पर सक्रिय और निष्क्रिय होते हैं। तापमान के उतार-चढ़ाव से लार्वा पनपने का अनुमान निर्भर होता है। अनुकूल तापमान मिलने पर इनकी तादाद बढ़ती है जो रोग फैलाते हैं।
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14 सौ से ज्यादा मिल चुके मलेरिया मरीज
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से अब तक जिले में 1300 से ज्यादा विवैक्स मलेरिया के मरीज मिले हैं। बुखार के चपेट में रहे 44 लोग फेल्सीपेरम मलेरिया की चपेट में और डेंगू के अब तक 24 मरीज मिले हैं। हालांकि, अब तक किसी मरीज की मौत की सूचना नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मलेरिया के चपेट में आए मरीजों के इलाज का कोर्स पूरा होने के बाद फॉलोअप जांच हो रही है।
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- फिलहाल विवैक्स के बढ़ रहे मरीज, दस सितंबर से फेल्सीपेरम का प्रकोप बढ़ने का अनुमान
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। मलेरिया के बढ़ते जा रहे मरीजों की तादाद फिलहाल कम होने की उम्मीद नहीं है। तापमान के उतार-चढ़ाव पर आधारित मौसम विभाग के हेल्थ बुलेटिन में अगले सप्ताह से मलेरिया के घातक पैरासाइट प्लाज्मोडियम फेल्सीपेरम (पीएफ) का प्रकोप बढ़ने की संभावना जताई गई है। हालांकि, वर्तमान में चपेट में ले रहे विवैक्स मलेरिया की मार कम होने की उम्मीद भी है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार तापमान की परिस्थितियाें को देखते हुए सितंबर के दूसरे सप्ताह में संचारी रोगाें के चपेट में आने की संभावना करीब 75 फीसदी और कई तरह के संचारी रोगों में से करीब 75 फीसदी मलेरिया का प्रकोप हावी होने का अनुमान है। तापमान अधिकतम 28 से 34 डिग्री और न्यूनतम 19 से 22 डिग्री के बीच दर्ज होगा। जो मलेरिया के पैरासाइट्स के अनुकूल है। हालांकि, इस दौरान डेंगू के चपेट में आने की संभावना कम है।
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जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक वायरस, बैक्टीरिया या पैरासाइट्स सभी एक निर्धारित तापमान पर सक्रिय और निष्क्रिय होते हैं। तापमान के उतार-चढ़ाव से लार्वा पनपने का अनुमान निर्भर होता है। अनुकूल तापमान मिलने पर इनकी तादाद बढ़ती है जो रोग फैलाते हैं।
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14 सौ से ज्यादा मिल चुके मलेरिया मरीज
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से अब तक जिले में 1300 से ज्यादा विवैक्स मलेरिया के मरीज मिले हैं। बुखार के चपेट में रहे 44 लोग फेल्सीपेरम मलेरिया की चपेट में और डेंगू के अब तक 24 मरीज मिले हैं। हालांकि, अब तक किसी मरीज की मौत की सूचना नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मलेरिया के चपेट में आए मरीजों के इलाज का कोर्स पूरा होने के बाद फॉलोअप जांच हो रही है।