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Bareilly News: जर्जर भवनों को नोटिस, सरकारी इमारतों को वाकओवर
Thu, 25 Jun 2026 01:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 25 Jun 2026 01:13 AM IST
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बरेली। नगर निगम ने बरसात से पहले चिह्नित किए गए 132 जर्जर भवनों के स्वामियों को नोटिस जारी कर सात दिन में उसे खाली करने या ध्वस्तीकरण कराने की हिदायत दी है, लेकिन सरकारी आवासों की ओर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा रहा है। कई सरकारी विभागों में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के आवासों की हालत काफी दयनीय है। संबंधित विभाग और नगर निगम की उदासीनता बड़े हादसे का सबब बन सकती है।
निगम के अधिकारियों के अनुसार, संजयनगर के 16, परतापुर चौधरी के 14, हजियापुर के 13, सुभाष नगर के 6, किला के 5, जनकपुरी के 3 समेत कुल 132 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं। दूसरी ओर, जिला अस्पताल परिसर में बने 60 वर्ष पुराने आवास जर्जर हो चुके हैं। पास से गुजर रही एचटी लाइन के कारण दीवारों में करंट तक उतर आता है। इन आवासों में रह रहे लोग कई बार झटका खा चुके हैं। पीडब्ल्यूडी, पुलिस लाइन समेत अन्य विभागों के आवास भी जर्जर हैं। इनमें रह रहे कर्मचारियों ने कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र देकर आवासों की मरम्मत कराने की मांग की है, लेकिन प्रशासन को यह नहीं दिखता।
अपनी कमियां भी नहीं देख पा रहे जिम्मेदारनगर निगम अपनी लाला लाजपत राय मार्केट में बनी जर्जर दुकानों को वर्षों से कब्जामुक्त नहीं करा सका है। बरेली कॉलेज गेट के सामने बनी दुकानों पर भी निगम की करम जारी है। इसके पीछे निगम के अधिकारियों का तर्क है कि दुकानदारों का नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
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ये हैं नियम
नगर निगम या फिर प्रशासन की तकनीकी टीम की ओर से सर्वे कर आवास को जर्जर घोषित किया जाता है। इसके बाद संबंधित विभाग भवन स्वामी को नोटिस जारी कर आवास को खाली करने या मरम्मत कराने के लिए कहता है। तय समयावधि में ऐसा न करने पर कोई भी हानि होने पर स्वयं भवन स्वामी इसका जिम्मेदार होता है।
वर्जन
शहरवासियों की सुरक्षा प्राथमिकता है। बरसात से पहले ही टीमों ने सर्वे कर 100 से अधिक जर्जर भवनों के स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं। जिन सरकारी विभागों के आवासों की हालत खराब है, उनको भी नोटिस जारी कर मरम्मत कराने के लिए कहा जाएगा। - राजीव कुमार राठी, एक्सईएन, नगर निगम
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निगम के अधिकारियों के अनुसार, संजयनगर के 16, परतापुर चौधरी के 14, हजियापुर के 13, सुभाष नगर के 6, किला के 5, जनकपुरी के 3 समेत कुल 132 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं। दूसरी ओर, जिला अस्पताल परिसर में बने 60 वर्ष पुराने आवास जर्जर हो चुके हैं। पास से गुजर रही एचटी लाइन के कारण दीवारों में करंट तक उतर आता है। इन आवासों में रह रहे लोग कई बार झटका खा चुके हैं। पीडब्ल्यूडी, पुलिस लाइन समेत अन्य विभागों के आवास भी जर्जर हैं। इनमें रह रहे कर्मचारियों ने कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र देकर आवासों की मरम्मत कराने की मांग की है, लेकिन प्रशासन को यह नहीं दिखता।
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अपनी कमियां भी नहीं देख पा रहे जिम्मेदारनगर निगम अपनी लाला लाजपत राय मार्केट में बनी जर्जर दुकानों को वर्षों से कब्जामुक्त नहीं करा सका है। बरेली कॉलेज गेट के सामने बनी दुकानों पर भी निगम की करम जारी है। इसके पीछे निगम के अधिकारियों का तर्क है कि दुकानदारों का नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
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ये हैं नियम
नगर निगम या फिर प्रशासन की तकनीकी टीम की ओर से सर्वे कर आवास को जर्जर घोषित किया जाता है। इसके बाद संबंधित विभाग भवन स्वामी को नोटिस जारी कर आवास को खाली करने या मरम्मत कराने के लिए कहता है। तय समयावधि में ऐसा न करने पर कोई भी हानि होने पर स्वयं भवन स्वामी इसका जिम्मेदार होता है।
वर्जन
शहरवासियों की सुरक्षा प्राथमिकता है। बरसात से पहले ही टीमों ने सर्वे कर 100 से अधिक जर्जर भवनों के स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं। जिन सरकारी विभागों के आवासों की हालत खराब है, उनको भी नोटिस जारी कर मरम्मत कराने के लिए कहा जाएगा। - राजीव कुमार राठी, एक्सईएन, नगर निगम