Bareilly News: प्रतिकर राशि वसूली में लापरवाही, डीएम को नोटिस, फरीदपुर के तहसीलदार पर होगी कार्रवाई
बरेली में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने प्रतिकर की राशि वसूली में लापरवाही बरतने के मामले में डीएम बरेली को नोटिस जारी किया है। साथ ही तहसीलदार फरीदपुर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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बरेली में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण पीठासीन अधिकारी क्षितिज कुमार श्रीवास्तव ने प्रतिकर की राशि वसूली में लापरवाही पर डीएम बरेली को नोटिस जारी करते हुए तहसीलदार फरीदपुर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। धनराशि सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से वसूल करवाकर अधिकरण में चार जनवरी 2025 तक भिजवाने के निर्देश दिए। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने एक पक्षीय रूप से जगतपाल निवासी गांव रजऊ परसपुर थाना बिथरी चैनपुर के विरुद्ध 1,28,765 रुपये की अदायगी का आदेश दिया था।
कोर्ट ने यह धनराशि 19 सितंबर 2016 से भुगतान करने की तिथि तक सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ एक माह के अंदर अधिकरण में जमा करने को कहा था। इसके बाद भी धनराशि का जमा नहीं की गई। इसके बाद अधिकरण में वसूली के लिए वाद दायर किया गया। अधिकरण ने वसूली के लिए 16 जनवरी 2024 को डीएम बरेली के लिए लिखा, उन्होंने एडीएम वित्त एवं राजस्व को निर्देशित कर दिया।
नहीं किया आदेश का अनुपालन
एडीएम ने तहसीलदार फरीदपुर को धनराशि वसूल कर अधिकरण में जमा कराने के लिए निर्देशित किया बावजूद तहसीलदार ने धनराशि वसूल नहीं की। अधिकरण ने कहा है कि डीएम बरेली को जगतपाल से धनराशि की वसूली कर जमा कराने का आदेश दिया गया था, लेकिन उन्होंने आदेश का अनुपालन नहीं किया। यह अवमानना की श्रेणी में आता है। अधिकरण ने डीएम बरेली को तहसीलदार फरीदपुर के खिलाफ कार्रवाई और चार जनवरी 2025 तक धनराशि वसूली का आदेश दिया है।
डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि कोर्ट का आदेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश प्राप्त होने पर उसका अध्ययन कर आदेशानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बैंक ऑफ बड़ौदा को उद्योगपति के संपत्ति बंधक प्रपत्र लौटाने का आदेश
न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद परितोष आयोग प्रथम ने बैंक ऑफ बड़ौदा सिविल लाइंस बरेली को आदेश दिया है कि वह उद्योगपति उमेश नेमानी को उनके संपत्ति बंधक प्रपत्र एक सप्ताह के भीतर वापस करे। वहीं, उद्योगपति को भी श्योरिटी बॉन्ड का पालन करना होगा।
उमेश नेमानी ने बैंक ऑफ बड़ौदा से एमएसएमई के तहत ऋण के बदले सिविल लाइंस और औद्योगिक क्षेत्र परसाखेड़ा स्थित भूखंड व भवन के कागजात बैंक में जमा किए थे। बाद में उन्होंने बैंक का बकाया अदा कर ऋण खाता दूसरे बैंक में स्थानांतरित करा लिया। उन्होंने आयोग में दावा किया कि उन पर बैंक का बकाया नहीं है, बल्कि बैंक पर उनकी 3616052 रुपये की देनदारी है।
इसके बाद भी बैंक उनके बंधक संपत्ति प्रपत्र, अभिलेख वापस नहीं कर रहा। कोर्ट ने दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद बैंक को आदेश दिया कि वह सात दिन के अंदर अभिलेख आदि वापस करे। इसके बदले परिवादी भी 10 लाख की प्रतिभूति जमा करे। प्रतिवादी अभिलेखों का किसी प्रकार दुरुपयोग या संबंधित संपत्ति का क्रय-विक्रय नहीं करेगा।