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रेडिसन होटल समेत 11 व्यावसायिक भवनों को नोटिस

Sat, 22 May 2021 01:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 22 May 2021 01:03 AM IST
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Notice to 11 commercial buildings including Radisson Hotel
demo photo - फोटो : अमर उजाला

अग्निशमन के इंतजाम न करने पर एफएसओ ने सीजेएम कोर्ट में केस दायर करने की दी चेतावनी

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बरेली। अग्निशमन विभाग ने मानक पूरे न करने पर होटल रेडिसन समेत 11 व्यावसायिक भवनों को एक बार फिर नोटिस दिया है। इनमें कई आवासीय भवन और अस्पताल भी शामिल हैं जिनमें भारी खामियां पाई गई थीं। चूंकि इन इमारतों पर पहले भी कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं लिहाजा इस बार एफएसओ सीजेएम कोर्ट में केस दर्ज कराने की भी चेतावनी दी है। डीएम कार्यालय को भी खामियों के बारे में जानकारी दी गई है।
15 मीटर से ऊंचे व्यावसायिक भवनों के लिए नेशनल बिल्डिंग कोड व अग्निशमन सुरक्षा के लिहाज से कई मानकों का पूरा होना अनिवार्य है तभी उन्हें एनओसी जारी रखी जाती है। इस सिलसिले में नए एफएसओ संजीव कुमार यादव ने 11 भवनों को नोटिस दिए हैं। इनमें हवाई अड्डे के सामने स्थित रेडिसन होटल, स्टेशन रोड के स्वर्ण टॉवर होटल, एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज, रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज, गंगाशील एडवांस मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट, साईं सुखदा अस्पताल, रायफल क्लब के सामने स्थित किंग्स फोर्ड अपार्टमेंट, बिहारमान नगला स्थित सफायर अपार्टमेंट, ट्यूलिप टावर, ट्यूलिप ग्रांड व ट्यूलिप ग्रेस, दोहरा लालपुर रोड स्थित रुद्राक्ष अपार्टमेंट शामिल हैं। इनमें कई को दो महीने के अंतर में कई नोटिस और फिर रिमाइंडर भी दे दिए गए हैं।
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इस तरह की हैं खामियां

एफएसओ के मुताबिक अधिकांश जगह एक ही तरह की खामियां हैं। रेडिसन होटल समेत दूसरे कुछ प्रतिष्ठानों में सेट बैक नहीं छोड़ा गया है। सेट बैक के लिए चारों ओर इसलिए जगह छोड़ी जाती है ताकि दमकल की गाड़ी आसानी से घूम सके। कई जगह निकलने के रास्ते बाधित हैं। अधिकांश जगह पब्लिक एड्रेस सिस्टम, फायर अलार्म नहीं है। कई जगह हौजरील पाइप बरसों पुराने और सड़ गल चुके हैं। स्प्रिंकलर सिस्टम भी अधिकांश जगह या तो है नहीं या खराब पड़ा है। रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज में तो पिछली साल कोविड वार्ड बनाए गए 27 मीटर ऊंचे दस मंजिला भवन में एक ही जीना बनाया गया है जबकि इसकी एनओसी के लिए बनाए गए मानचित्र में दो जीने स्वीकृत किए गए हैं। एनबीसी के मानक के हिसाब से भी 15 मीटर से ऊंचे भवन में कम से कम दो जीने होने चाहिए।
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अधिकांश व्यावसायिक भवनों में लापरवाही की पराकाष्ठा देखने को मिली है। इनके पास प्रशिक्षित अग्निशमन कर्मचारी नहीं हैं न अपने कर्मचारियों को हमारे विभाग से प्रशिक्षण दिलाते हैं। इसलिए इन्हें नोटिस दिए गए हैं। कई को रिमाइंडर भी दिए जा चुके हैं। कुछ लोगों ने नोटिस रिसीव नहीं किए हैं। इनकी पत्रावली तैयार कर ली हैं। सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा। - संजीव कुमार यादव, अग्निशमन अधिकारी बरेली

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