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Bareilly News: गुजारा भत्ता न वसूलने पर पीलीभीत के एसपी को नोटिस जारी
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बरेली। सिपाही से गुजारा भत्ते की रकम छह किस्तों में वसूलने के हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पीलीभीत के एसपी ने फैमिली कोर्ट को पत्र भेजकर कहा कि सिपाही तेरह किस्तों में गुजारा भत्ते की रकम दे सकता है। कोर्ट ने एसपी को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाए।
तबस्सुम की शादी शाहिद खां उर्फ जगनु से साल 2013 में हुई थी। शाहिद खां पुलिस में काम करता है। तबस्सुम ने शाहिद खां के खिलाफ अपनी वकील श्रद्धा सक्सेना के जरिये गुजारा भत्ते का मुकदमा थाना इज्जतनगर में साल 2014 में कायम कराया। इसमें फैमिली कोर्ट ने वर्ष 2017 में शाहिद खां को 5 हजार रुपये महीना देने का आदेश किया। शाहिद खां इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट चला गया। हाईकोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत के फैसले को बदलते हुए शाहिद खां को तबस्सुम को 8 हजार रुपये प्रतिमाह देने का आदेश दिया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शाहिद खां को 1.30 लाख रुपये देने थे। हाईकोर्ट ने यह रकम छह किस्तों में देने का आदेश किया। शाहिद खां वर्तमान में पीलीभीत में तैनात है, इसलिए वसूली वारंट पीलीभीत के एसपी के पास भेजा गया। इस बारे में उनको 19 नवंबर व 21 दिसंबर 2022, 2 फरवरी 2023 को कोर्ट ने आदेश दिए। इसके बाद एसपी पीलीभीत ने 13 मासिक किस्तों में रकम देने की रिपोर्ट भेज दी। कोर्ट ने एसपी से पूछा कि उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश का पालन किया या खुद ही मासिक किस्तें तय करके हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है। एसपी की ओर से कोर्ट में कोई जवाब नहीं भेजा गया। कोर्ट ने एसपी पीलीभीत को नोटिस भेजकर कहा कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाए। अगली सुनवाई 15 मई को होगी। संवाद
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तबस्सुम की शादी शाहिद खां उर्फ जगनु से साल 2013 में हुई थी। शाहिद खां पुलिस में काम करता है। तबस्सुम ने शाहिद खां के खिलाफ अपनी वकील श्रद्धा सक्सेना के जरिये गुजारा भत्ते का मुकदमा थाना इज्जतनगर में साल 2014 में कायम कराया। इसमें फैमिली कोर्ट ने वर्ष 2017 में शाहिद खां को 5 हजार रुपये महीना देने का आदेश किया। शाहिद खां इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट चला गया। हाईकोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत के फैसले को बदलते हुए शाहिद खां को तबस्सुम को 8 हजार रुपये प्रतिमाह देने का आदेश दिया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शाहिद खां को 1.30 लाख रुपये देने थे। हाईकोर्ट ने यह रकम छह किस्तों में देने का आदेश किया। शाहिद खां वर्तमान में पीलीभीत में तैनात है, इसलिए वसूली वारंट पीलीभीत के एसपी के पास भेजा गया। इस बारे में उनको 19 नवंबर व 21 दिसंबर 2022, 2 फरवरी 2023 को कोर्ट ने आदेश दिए। इसके बाद एसपी पीलीभीत ने 13 मासिक किस्तों में रकम देने की रिपोर्ट भेज दी। कोर्ट ने एसपी से पूछा कि उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश का पालन किया या खुद ही मासिक किस्तें तय करके हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है। एसपी की ओर से कोर्ट में कोई जवाब नहीं भेजा गया। कोर्ट ने एसपी पीलीभीत को नोटिस भेजकर कहा कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाए। अगली सुनवाई 15 मई को होगी। संवाद
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