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गला घोटने की पुष्टि नहीं.. पोस्टमार्टम से हिरन की मौत पर खुद घिरा वन विभाग

Thu, 04 Mar 2021 01:17 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 04 Mar 2021 01:17 AM IST
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No confirmation of strangulation .. Forest department engulfed itself on death of deer due to postmortem
खेत में मरा पड़ा हिरन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

मौत के कारणों की पुष्टि के लिए अब की जाएगी हिस्टोपैथोलॉजी जांच
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वन अफसरों ने तीन लोगों के खिलाफ लिखा था हिरन की हत्या का केस

बरेली/भोजीपुरा। गांव महिमापट्टी में तीन लोगों के खिलाफ हिरन को रस्सी से गला घोटकर मार डालने के आरोप में केस दर्ज कराने के बाद अब वन विभाग के अफसर खुद घिरते नजर आ रहे हैं। आईवीआरआई में हिरन के शव के पोस्टमार्टम से यह पुष्टि नहीं हो पाई कि उसकी गला घोटकर हत्या की गई थी। वैज्ञानिकों ने अब हिस्टोपैथोलॉजी जांच के बाद मौत का कारण स्पष्ट होने की बात कही है। यह जांच रिपोर्ट आने में करीब हफ्ते भर का वक्त लगेगा।
हिरन का शव मिलने के बाद वन विभाग के अफसर पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही केस दर्ज कराने की बात कह रहे थे लेकिन देर रात क्षेत्रीय वन दारोगा की ओर से अचानक तहरीर दी गई और बुधवार सुबह केस दर्ज कर लिया गया। बुधवार को हिरन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो उसमें हिरन को गला घोटकर मारने की पुष्टि नहीं की गई। इसके बाद वैज्ञानिकों ने हिरन की मौत का कारण साफ करने के लिए उसके शव की हिस्टोपैथोलॉजी जांच क रने का निर्णय लिया है। आईवीआरआई पोस्टमार्टम इंचार्ज डॉ. पावड़े ने हफ्ते भर में जांच रिपोर्ट मिलने पर ही असल वजह का पता लगने की उम्मीद जताई है। उधर, वन विभाग के अफसरों ने अब इस मामले में चुप्पी साध ली है।
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कुत्तों के हमले से घायल होकर गांव पहुंचा था हिरन

भोजीपुरा इलाके के गांव महिमापट्टी में पिछले दिनों हिरन कुत्तों के हमले से घायल होकर पहुंचा था। ग्रामीणों ने उसकी मरहम पट्टी की और चारा खिलाया। तभी से हिरन गांव में ही बकरियों के साथ जंगल में रह रहा था। वन विभाग के वन दारोगा नासिर अली ने पुलिस को बताया कि घायल हिरन को पकड़ने के लिए तीन बार टीम गांव पहुंची थी मगर वह नहीं मिला। मंगलवार को हिरन ग्रामीण पंकज पाल के खेत में मृत पाया गया। इसलि उन्होंने गांव मोहम्मदपुर जाटान के भाकियू के पूर्व प्रदेश सचिव चौ. रामपाल सिंह के पुत्र बिल्ले सिंह, भाई रणवीर सिंह, और नौकर चुन्नी लाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
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सवाल: हिरन को हमने बचाया तो मारेंगे क्यों

भाकियू के पूर्व प्रदेश सचिव बीमारी की वजह से घर में ही रहते हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा रिश्तेदारी में आंवला गया हुआ था। मंगलवार की शाम को ही लौटा है। उन्होंने आरोप को खारिज करते हुए कहा कि वह हिरन की हत्या क्यों करेंगे जब वह किसी का कोई नुकसान नहीं करता था। उनके परिवार को साजिश के तहत फंसाया गया है। इधर प्रभारी निरीक्षक भोजीपुरा अशोक कुमार सिंह ने बताया कि हिरन की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में हिरन की चोट या गला घोटने से मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है। अब सवाल यह है कि जब हत्या की पुष्टि नहीं हुई है तो फिर रिपोर्ट दर्ज कराने की वन विभाग को जल्दबाजी क्यों थी।
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