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Bareilly News: रैन बसेरे खाली, आधार के अभाव में ठिठुर रहे लोग
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बरेली। कड़ाके की ठंड में रैन बसेरे खाली हैं। आधार कार्ड के अभाव में लोग खुले में रात गुजार रहे हैं। यह हाल तब है, जब मुख्यमंत्री ने किसी को भी खुले में नहीं सोने के आदेश दिए हैं। सोमवार रात 11 बजे संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने प्रमुख रैन बसेरों की पड़ताल की तो यह हकीकत सामने आई। इससे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुराना बस अड्डा
पुराने बस अड्डे पर नगर निगम के अस्थायी रैन बसेरे में 25 लोगों के रुकने की व्यवस्था है। इसके बावजूद भी लोग बस स्टैंड के प्लेटफाॅर्म पर सो रहे हैं। न तो इनकी सुध निगम ले रहा है, न ही जिले के अधिकारी।
नगर निगम मार्केट
नगर निगम के बाहर बनी मार्केट के बाहर रिक्शा चालक गोपाल व अनु सोते दिखाई दिए, जबकि यहां से महज 150 मीटर दूर रैन बसेरा बना हुआ है। पूछने पर बताया कि दोनों बदायूं के रहने वाले हैं, लेकिन उनके पास आधार कार्ड नहीं है। इसलिए कर्मचारी उनको रैन बसेरे में रुकने नहीं देते। सेटेलाइट बस अड्डे पर भी कुछ लोग बाहर सोते दिखे।
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रेलवे स्टेशन
रेलवे स्टेशन पर इस बार अस्थायी रैन बसेरा नहीं बनाए जाने से बाहर बहुत से लोग खुले में सोते दिखे। रिक्शा चालक मुकेश ने बताया कि निगम से लकड़ी भी नहीं आई है। लकड़ी जलती है तो उसी के भरोसे बैठे रहते हैं। ट्रेन का इंतजार कर रहे लोग प्लेटफाॅर्म पर ही पन्नी बिछाकर लेटे मिले। संवाद
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पुराना बस अड्डा
पुराने बस अड्डे पर नगर निगम के अस्थायी रैन बसेरे में 25 लोगों के रुकने की व्यवस्था है। इसके बावजूद भी लोग बस स्टैंड के प्लेटफाॅर्म पर सो रहे हैं। न तो इनकी सुध निगम ले रहा है, न ही जिले के अधिकारी।
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नगर निगम मार्केट
नगर निगम के बाहर बनी मार्केट के बाहर रिक्शा चालक गोपाल व अनु सोते दिखाई दिए, जबकि यहां से महज 150 मीटर दूर रैन बसेरा बना हुआ है। पूछने पर बताया कि दोनों बदायूं के रहने वाले हैं, लेकिन उनके पास आधार कार्ड नहीं है। इसलिए कर्मचारी उनको रैन बसेरे में रुकने नहीं देते। सेटेलाइट बस अड्डे पर भी कुछ लोग बाहर सोते दिखे।
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रेलवे स्टेशन
रेलवे स्टेशन पर इस बार अस्थायी रैन बसेरा नहीं बनाए जाने से बाहर बहुत से लोग खुले में सोते दिखे। रिक्शा चालक मुकेश ने बताया कि निगम से लकड़ी भी नहीं आई है। लकड़ी जलती है तो उसी के भरोसे बैठे रहते हैं। ट्रेन का इंतजार कर रहे लोग प्लेटफाॅर्म पर ही पन्नी बिछाकर लेटे मिले। संवाद