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Bareilly News: फाइलेरिया पर नियंत्रण के लिए नाइट ब्लड सर्वे शुरू, जानिए रात में क्यों होती है जांच
Tue, 18 Nov 2025 03:39 PM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 18 Nov 2025 03:39 PM IST
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रात में लिए सैंपल
- फोटो : अमर उजाला
बरेली जिले में फाइलेरिया पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने क्यारा, फरीदपुर और भमोरा में नाइट ब्लड सर्वे शुरू कर दिया है। सोमवार को जिला मलेरिया अधिकारी और निरीक्षकों ने इसका निरीक्षण किया। ग्रामीणों को जांच के लिए जागरूक किया।
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जिला मलेरिया अधिकारी ने क्यारा और भमोरा के तीन गांवों का दौरा किया। ग्राम प्रधान के सहयोग से ग्रामीणों को शिविर में बुलाकर उनके रक्त की जांच की। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया परजीवी की पहचान के लिए माइक्रोस्कोपिक जांच की जा रही है।
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इसलिए होती है रात में जांच
रात दस बजे के बाद ही रक्त की जांच से संबंधित परजीवी का पता चल सकता है। दिन में यह परजीवी निष्क्रिय रहता है। इसलिए आशा कार्यकर्ता को घर-घर भेजकर ग्रामीणों को बुलवाया गया। फाइलेरिया की जांच कराई गई।
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डीएमओ ने कहा कि यह रोग बेहद घातक है। इसके लक्षण कई साल बाद उभरते हैं। हालांकि, जांच में पुष्टि होने पर तत्काल दवाएं शुरू हों तो इसकी रोकथाम मुमकिन है। अनदेखी से मरीज की हालत गंभीर होने की आशंका रहती है। हाथी पांव रोग फाइलेरिया परजीवी से ही होता है।