रुहेलखंड विश्वविद्यालय: 'तुम पास आए...यूं मुस्कराए', बरेली में नाइजीरियाई छात्रों का हिंदी प्रेम; देखें वीडियो
रुहेलखंड विश्वविद्यालय में कई नाइजीरियाई छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। ये छात्र पढ़ाई के साथ-साथ यहां की संस्कृति, भाषा और बोली भी सीख रहे हैं।
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बरेली के रुहेलखंड विश्वविद्यालय में नाइजीरिया के छात्र सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति को समझ रहे हैं। एक साल पहले भारत आए ये छात्र अब हिंदी फिल्मों के गाने गुनगुनाते हैं। भक्ति संगीत सुनते हैं और पतंग बनाकर उड़ाते नजर आते हैं। रविवार की दोपहर विश्वविद्यालय के नानाजी देशमुख इंटरनेशनल हॉस्टल का नजारा कुछ ऐसा ही था।
हॉस्टल के मुख्य गेट पर दो छात्र झाड़ू की सींक और पुरानी पन्नी से पतंग बना रहे थे। एक छात्र अपने कमरे में हिंदी की किताब पढ़ रहा था। वहीं, बगल के कमरे से हिंदी गाने बज रहे थे। कुछ छात्र अपने फोन पर भक्तिमय संगीत सुनते दिखे, जो यह दर्शाता है कि वह यहां के आध्यात्म और भक्ति भाव से भी प्रेरित हैं।
बीटेक मेकेनिकल तृतीय सेमेस्टर के छात्र मुबारक ने टूटी-फूटी हिंदी में बताया कि वह भारतीय संस्कृति से काफी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि यहां के लोग काफी अच्छे हैं और मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
कुलपति की पहल का नतीजा
हॉस्टल के वार्डन डॉ. अतुल कटियार ने बताया कि यह सब कुलपति प्रो. केपी सिंह की पहल का नतीजा है। दिसंबर 2024 में रुहेलखंड विश्वविद्यालय और नाइजीरिया की सरकार के बीच हुए एक एमओयू के बाद वहां के 21 छात्र यहां पढ़ाई के लिए आए थे।
शुरुआत में इन छात्रों को यहां की भाषा और खानपान से सामंजस्य बिठाने में दिक्कत हुई थी। वातावरण में बदलाव के कारण कुछ छात्र बीमार भी हुए, लेकिन अब उनकी दिनचर्या सामान्य हो गई है। वह भारतीय संस्कृति और परिवेश को खुशी-खुशी अपना रहे हैं।
नाइजीरियाई छात्रों को हिंदी से लगाव
बीटेक के छात्र याकूब ने कहा कि जब हम पहली बार भारत आए थे, तो सब कुछ बहुत अलग लगा। यहां की भाषा, खाना, सब कुछ नया था, लेकिन हॉस्टल के दोस्त और वार्डन सर ने हमें बहुत सपोर्ट किया। अब मुझे हिंदी गाने सुनना बहुत अच्छा लगता है। कुछ गाने तो याद भी हो गए हैं।
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