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Bareilly News: डीएम न सीडीओ...26 में से आए सिर्फ छह अफसर, हंगामे की भेंट चढ़ा किसान दिवस

Thu, 20 Aug 2026 12:23 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Thu, 20 Aug 2026 12:23 AM IST
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Neither the DM nor the CDO turned up... only six out of 26 officers attended; 'Kisan Diwas' marred by uproar.
बरेली। विकास भवन सभागार में बुधवार को आयोजित किसान दिवस अधिकारियों के नहीं पहुंचने से हंगामे की भेंट चढ़ गया। किसान दिवस में डीएम या फिर सीडीओ के उपस्थित रहने का नियम है, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। सीडीओ भी विभागीय मीटिंग में व्यस्त रहीं। बुलाए गए 26 अधिकारियों में से महज छह ही पहुंचे। इससे नाराज किसानों ने उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार करते हुए हंगामा किया।
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किसानों ने कहा कि खेती-किसानी से जुड़ी समस्याएं काफी समय से लंबित हैं। सिंचाई व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य संबंधी शिकायतों का समाधान नहीं हो पा रहा है। किसान दिवस में उम्मीद रहती है, लेकिन अधिकारियों की गैरहाजिरी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अधिकारियों की गैरहाजिरी को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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किसान दिवस दोपहर 12 बजे आरंभ हुआ तो उप निदेशक कृषि ओपी मिश्रा ने पूर्व में आई शिकायतों के निस्तारण की जानकारी दी। इस पर किसानों ने कहा कि जो निस्तारण के दौरान शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं किया जाता है। एक-एक कर किसानों के सवाल आने शुरू हुए तो पता चला कि कई विभागों के विभागाध्यक्ष के स्थान पर उनके प्रतिनिधि आए हैं। इस पर किसान बिफर गए।
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किसानों का कहना था कि जब संबंधित अधिकारी ही बैठक में मौजूद नहीं रहेंगे तो समस्याओं का समाधान कैसे होगा। करीब डेढ़ बजे किसान बैठक छोड़कर सभागार के बाहर आ गए। किसानों ने कहा कि यदि शासन-प्रशासन किसानों की समस्याओं को लेकर गंभीर है तो सभी संबंधित अधिकारियों की बैठक में उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए। बार-बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद कई मामलों में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ती और उन्हें एक से दूसरे कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
मनाने की कोशिश में जुटे रहे डीडीओ
जैसे ही किसान सभागार से बाहर आए, जिला विकास अधिकारी दिनेश कुमार यादव उनके बीच पहुंच गए। वह किसानों को काफी देर तक समझाते रहे, लेकिन किसानों ने उनकी एक न सुनी। वे विरोध जताते हुए विकास भवन से चले गए।
औपचारिकता बनकर रह गया है किसान दिवस
फोटो
किसान दिवस अब केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। विभागों के बड़े अधिकारी आते ही नहीं। वहां हमारी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। - चंद्र प्रकाश, किसान नेता
खेती-किसानी का जरूरी काम छोड़ अपनी समस्याएं लेकर यहां आते हैं। यहां अफसर नदारद रहते हैं। इस उपेक्षा को अब किसी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगे। - रीतराम, किसान नेता
किसान दिवस में जो भी शिकायत करो, उसका सिर्फ कागजों में निस्तारण होता है। किसान दिवस में अफसर ही नहीं आते हैं तो किससे निस्तारण की उम्मीद रखें। - अरविंद पटेल
वर्जन
विभागीय मीटिंग के चलते किसान दिवस में शामिल नहीं हो सकी। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी थी। अन्य विभागों के जो अधिकारी किसान दिवस से अनुपस्थित रहे, उनको नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा। - देवयानी, मुख्य विकास अधिकारी

शासन स्तर से महत्वपूर्ण वर्चुअल मीटिंग में जुड़ा हुआ था। इसके चलते किसान दिवस में नहीं पहुंच सका। मौके पर डीडीओ व अन्य अधिकारी मौजूद थे। - अविनाश सिंह, जिलाधिकारी
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