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Bareilly News: लापरवाही के अवरोध ने थामी विकास की रफ्तार
Wed, 30 Sep 2026 01:08 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 30 Sep 2026 01:08 AM IST
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बरेली। एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली करीब 60 करोड़ रुपये की आठ प्रमुख परियोजनाएं लंबे समय से पूरी नहीं हो सकी हैं। ज्यादातार काम अधूरे होने के पीछे बड़ा कारण जिम्मेदारों की लापरवाही है। कई कार्यों पर बजट का बड़ा हिस्सा खर्च होने के बाद भी निर्माण की भौतिक प्रगति अभी भी लक्ष्य से काफी पीछे है। कुछ कार्य बजट के अभाव के चलते अटके हुए हैं।
लंबित परियोजनाओं की समीक्षा में सामने आया कि कई काम तय समयसीमा निकलने के बाद भी अधूरे हैं। नाथ कॉरिडोर से जुड़ी तीन परियोजनाओं में काम महज एक से 70 फीसदी तक पहुंच सका है।
नाथ कॉरिडोर के तहत कांवड़ स्थलों के पर्यटन विकास के लिए 4.01 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत है। स्वीकृत धनराशि में से दो करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन खर्च शून्य है। इसी वजह से महज एक फीसदी काम हो पाया है।
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पशुपतिनाथ मंदिर के विकास के लिए 2.98 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर हुई थी। शासन से जारी 1.80 करोड़ रुपये में से 1.50 करोड़ खर्च होने के बाद भी 50 फीसदी काम ही हो पाया है। नाथ कॉरिडोर के तहत साइनेंज, मैप लोकेटर, पेडस्टल, मैप लोकेटर होर्डिंग और फोकस वॉल आदि के लिए 4.97 करोड़ रुपये की परियोजना भी पूरी नहीं हुई। अवमुक्त 2.45 करोड़ रुपये में से 2.40 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, काम की प्रगति 70 फीसदी दर्ज है।
बस स्टेशन का काम भी अधूरा
बरेली बस स्टेशन के निर्माण की परियोजना भी लंबी खिंच गई है। 16.72 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का अब तक 86.75 फीसदी काम ही हो पाया है। समयसीमा काफी पहले ही पूरी हो चुकी है।
बजट की कमी से अटके ये कार्य
राजकीय इंटर कॉलेज व राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में निर्माणाधीन मिनी स्टेडियम, ड्रग वेयरहाउस का निर्माण अधूरा है। सेंथल में निर्माणाधीन राजकीय पॉलिटेक्निक की मूल लागत 12.30 करोड़ रुपये थी। पुनरीक्षित लागत 19.08 करोड़ रुपये दर्ज है। इसमें से अब तक 12.19 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इसके बावजूद भौतिक प्रगति 91.75 फीसदी ही दर्ज की गई है।
वर्जन
सभी कार्यों की समयसीमा को बढ़ाया गया है। कुछ परियोजनाएं बजट न मिलने के कारण लंबित हैं। बजट के लिए शासन से पत्राचार किया गया है। कार्यदायी संस्थाओं को भी लगातार निर्देशित किया जा रहा है। - देवयानी, सीडीओ
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लंबित परियोजनाओं की समीक्षा में सामने आया कि कई काम तय समयसीमा निकलने के बाद भी अधूरे हैं। नाथ कॉरिडोर से जुड़ी तीन परियोजनाओं में काम महज एक से 70 फीसदी तक पहुंच सका है।
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नाथ कॉरिडोर के तहत कांवड़ स्थलों के पर्यटन विकास के लिए 4.01 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत है। स्वीकृत धनराशि में से दो करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन खर्च शून्य है। इसी वजह से महज एक फीसदी काम हो पाया है।
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पशुपतिनाथ मंदिर के विकास के लिए 2.98 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर हुई थी। शासन से जारी 1.80 करोड़ रुपये में से 1.50 करोड़ खर्च होने के बाद भी 50 फीसदी काम ही हो पाया है। नाथ कॉरिडोर के तहत साइनेंज, मैप लोकेटर, पेडस्टल, मैप लोकेटर होर्डिंग और फोकस वॉल आदि के लिए 4.97 करोड़ रुपये की परियोजना भी पूरी नहीं हुई। अवमुक्त 2.45 करोड़ रुपये में से 2.40 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, काम की प्रगति 70 फीसदी दर्ज है।
बस स्टेशन का काम भी अधूरा
बरेली बस स्टेशन के निर्माण की परियोजना भी लंबी खिंच गई है। 16.72 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का अब तक 86.75 फीसदी काम ही हो पाया है। समयसीमा काफी पहले ही पूरी हो चुकी है।
बजट की कमी से अटके ये कार्य
राजकीय इंटर कॉलेज व राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में निर्माणाधीन मिनी स्टेडियम, ड्रग वेयरहाउस का निर्माण अधूरा है। सेंथल में निर्माणाधीन राजकीय पॉलिटेक्निक की मूल लागत 12.30 करोड़ रुपये थी। पुनरीक्षित लागत 19.08 करोड़ रुपये दर्ज है। इसमें से अब तक 12.19 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इसके बावजूद भौतिक प्रगति 91.75 फीसदी ही दर्ज की गई है।
वर्जन
सभी कार्यों की समयसीमा को बढ़ाया गया है। कुछ परियोजनाएं बजट न मिलने के कारण लंबित हैं। बजट के लिए शासन से पत्राचार किया गया है। कार्यदायी संस्थाओं को भी लगातार निर्देशित किया जा रहा है। - देवयानी, सीडीओ