{"_id":"6a2c6c8f836375f6250c9652","slug":"negligence-sewer-line-laid-over-water-pipeline-bareilly-news-c-4-bly1053-904033-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही : पानी की पाइप लाइन के ऊपर सीवर लाइन बिछाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही : पानी की पाइप लाइन के ऊपर सीवर लाइन बिछाई
Sat, 13 Jun 2026 02:01 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 13 Jun 2026 02:01 AM IST
विज्ञापन
बरेली। शहर में चल रही सीएम ग्रिड परियोजना के तहत बुनियादी विकास कार्यों में गंभीर लापरवाही सामने आई है। ठेकेदार ने नियमों और तकनीकी मानकों को ताक पर रखकर डीडीपुरम क्षेत्र में एक ही गड्ढे में पानी की पाइप लाइन और ठीक उसके ऊपर सीवर लाइन बिछा दी है। नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों और तकनीकी अमले की मौजूदगी में यह कार्य चलता रहा, लेकिन किसी ने भी इस जानलेवा इंजीनियरिंग पर आपत्ति नहीं जताई।
इंजीनियरिंग और सुरक्षा मानकों के अनुसार, पेयजल और सीवर नेटवर्क के बीच सुरक्षित दूरी अनिवार्य है। यह दूरी भविष्य में किसी भी रिसाव से पेयजल को दूषित होने से बचाती है। हाल ही में इंदौर सहित कई शहरों में सीवर और पानी की लाइनें पास होने के कारण गंदा पानी घरों में पहुंचा था। इससे बीमारियां फैली थीं। हालांकि, जिम्मेदार अधिकारियों ने इन घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, ठेकेदार ने परियोजना को जल्दबाजी में निपटाने के लिए बिना किसी तकनीकी परीक्षण के दोनों पाइपलाइनें डाल दीं। इसके बाद ऊपर से मिट्टी डालकर काम को ढंकना भी शुरू कर दिया गया।
विशेषज्ञों ने बताया है कि भले ही यह व्यवस्था अभी सुरक्षित दिख रही हो। भविष्य में जमीन के नीचे पाइपों के जोड़ ढीले हो सकते हैं। मामूली रिसाव होने पर भी सीवर का गंदा पानी सीधे पेयजल आपूर्ति में मिल जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो पॉश इलाके के हजारों घरों में जहरीला पानी पहुंचेगा। इससे शहर में जलजनित बीमारियों का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
विज्ञापन
बयान
जो डिजाइन तय है उसके मुताबिक ही काम होना है। अगर निर्माण कार्य में काई बदलाव हो रहा है तो टीम को मौके पर भेजा जांंच कराई जाएगी। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
विज्ञापन
इंजीनियरिंग और सुरक्षा मानकों के अनुसार, पेयजल और सीवर नेटवर्क के बीच सुरक्षित दूरी अनिवार्य है। यह दूरी भविष्य में किसी भी रिसाव से पेयजल को दूषित होने से बचाती है। हाल ही में इंदौर सहित कई शहरों में सीवर और पानी की लाइनें पास होने के कारण गंदा पानी घरों में पहुंचा था। इससे बीमारियां फैली थीं। हालांकि, जिम्मेदार अधिकारियों ने इन घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, ठेकेदार ने परियोजना को जल्दबाजी में निपटाने के लिए बिना किसी तकनीकी परीक्षण के दोनों पाइपलाइनें डाल दीं। इसके बाद ऊपर से मिट्टी डालकर काम को ढंकना भी शुरू कर दिया गया।
विज्ञापन
विशेषज्ञों ने बताया है कि भले ही यह व्यवस्था अभी सुरक्षित दिख रही हो। भविष्य में जमीन के नीचे पाइपों के जोड़ ढीले हो सकते हैं। मामूली रिसाव होने पर भी सीवर का गंदा पानी सीधे पेयजल आपूर्ति में मिल जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो पॉश इलाके के हजारों घरों में जहरीला पानी पहुंचेगा। इससे शहर में जलजनित बीमारियों का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
विज्ञापन
बयान
जो डिजाइन तय है उसके मुताबिक ही काम होना है। अगर निर्माण कार्य में काई बदलाव हो रहा है तो टीम को मौके पर भेजा जांंच कराई जाएगी। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त