फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Negligence in operation of MRF centres, warning of blacklisting the firm

Bareilly News: एमआरएफ सेंटरों के संचालन में लापरवाही, फर्म को काली सूची में डालने की चेतावनी

Fri, 16 Jan 2026 02:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jan 2026 02:48 AM IST
विज्ञापन
Negligence in operation of MRF centres, warning of blacklisting the firm
नोटिस जारी कर पांच दिन में मांगा जवाब, न देने पर दर्ज होगी एफआईआर
विज्ञापन

बरेली। नगर निगम की ओर से बनाए गए पांच मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटरों के रखरखाव और संचालन में लापरवाही बरतने पर फर्म मैसर्स रिशू इंटरप्राइजेज को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नगर निगम की ओर से जारी नोटिस में पांच दिन में जवाब देने के लिए कहा गया है। ऐसा न करने पर एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही फर्म को काली सूची में डालने की चेतावनी दी गई है।
कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था बेहतर करने के लिए वार्ड 15 के हजियापुर (रैन बसेरा के पास), वार्ड 46 में मिनी बाइपास, वार्ड 10 में पीलीभीत रोड (डेलापीर मंडी के पास), वार्ड 12 में सिठौरा (पानी टंकी के पास), वार्ड दो में नगर निगम कार्यालय के सामने एमआरएफ सेंटर बनाए गए हैं। इनके संचालन का जिम्मा मैसर्स रिशू इंटरप्राइजेज को दिया गया था।
विज्ञापन

इसके लिए 17,000 रुपये प्रति माह प्रति सेंटर का संचालन शुल्क तय हुआ था। निरीक्षण के दौरान चार सेंटर बंद मिले थे। नगर निगम के सामने सेंटर खुला था लेकिन वहां मानकों के अनुरूप कार्य नहीं पाया गया। अधिकारियों ने फर्म को बार-बार सुधार के निर्देश दिए गए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

अधिशासी अभियंता राजीव राठी ने बताया कि फर्म ने अनुबंध के तहत तय संचालन शुल्क भी जमा नहीं किया है। अक्तूबर 2024 से अक्तूबर 2025 तक का कुल 10,71,000 रुपये बकाया हैं। इसे जमा करने के लिए नोटिस देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
फर्म ने अपने बचाव में तर्क दिया था कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन वाली गाड़ियां सेंटर पर नहीं आती और कबाड़ियों के कारण संचालन संभव नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने अनुबंध ही नहीं किया था। हालांकि, नगर निगम ने इन तर्कों को खारिज कर दिया।


स्वच्छ सर्वेक्षण पर पड़ेगा असर

नगर आयुक्त ने साप्ताहिक बैठकों में इस लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की है। स्वच्छ भारत मिशन की गाइडलाइन के अनुसार संचालन न होने से बरेली की गार्बेज फ्री स्टार रेटिंग और आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed