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सीएचसी की लापरवाही गर्भवती पर पड़ी भारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बरेली
Updated Thu, 04 Jan 2018 06:51 PM IST
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गर्भवती महिलाओं के मामले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही अब भी सामने आ रही हैं। बुधवार को महिला अस्पताल में एक ऐसी गर्भवती का केस आया कि डॉक्टरों के होश उड़ गए। बहेड़ी सीएचसी से गर्भवती को महिला अस्पताल के लिए रैफर किया गया था। नौ माह की गर्भवती की न तो कोई जांच कराई गई और न ही उसकी हिस्ट्री देखी गई। महिला को इन्फेक्शन भी है। महिला अस्पताल में दो डॉक्टर अब मामले को देख रहीं हैं।
सीएचसी बहेड़ी में भरपूर स्टाफ और सुविधाएं होने के बावजूद इतनी बड़ी लापरवाही सामने आई है। गर्भवती महिला अफसाना के दो बच्चे आपरेशन से हुए हैं और पित्त की थैली का भी आपरेशन हो चुका है। तीन आपरेशन के बाद तीसरे बच्चे में हाई रिस्क के बावजूद सीएचसी में गर्भवती महिला की न तो खून की जांच कराई गई और न ही कोई अल्ट्रासाउंड कराया गया। एक अल्ट्रासाउंड खुद गर्भवती ने बहेड़ी के ही किसी निजी सेंटर से कराया गया है, उसमें डिलीवरी की तिथि 16 जनवरी बताई गई है। यहां तक कि हीमोग्लोबिन की जांच भी नहीं कराई गई। मंगलवार को अफसाना महिला अस्पताल में भर्ती हुई थी। इलाज कर रहीं डॉ. शशि गुप्ता और डॉ. सीमा अग्रवाल ने सीएमएस डॉ. साधना सक्सेना को मामले की गंभीरता बताते हुए उसे हायर सेंटर रैफर करने का सुझाव दिया। इस पर बृहस्पतिवार को पूरी जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा।
नौ माह का गर्भ होने के बावजूद महिला की कोई भी जांच रिपोर्ट नहीं है। न तो हीमोग्लोबिन चेक किया गया और न ही अल्ट्रासाउंड हुआ है। महिला को इन्फेक्शन भी है। हाईरिस्क की गर्भवती होने के बाद भी लापरवाही बरती गई है। अभी दवाएं चल रहीं हैं। बृहस्पतिवार को रिपोर्ट आने के बाद निर्णय लिया जाएगा।
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- डॉ. शशि गुप्ता, स्त्री और प्रसूति रोग विशेषज्ञ, महिला अस्पताल
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सीएचसी बहेड़ी में भरपूर स्टाफ और सुविधाएं होने के बावजूद इतनी बड़ी लापरवाही सामने आई है। गर्भवती महिला अफसाना के दो बच्चे आपरेशन से हुए हैं और पित्त की थैली का भी आपरेशन हो चुका है। तीन आपरेशन के बाद तीसरे बच्चे में हाई रिस्क के बावजूद सीएचसी में गर्भवती महिला की न तो खून की जांच कराई गई और न ही कोई अल्ट्रासाउंड कराया गया। एक अल्ट्रासाउंड खुद गर्भवती ने बहेड़ी के ही किसी निजी सेंटर से कराया गया है, उसमें डिलीवरी की तिथि 16 जनवरी बताई गई है। यहां तक कि हीमोग्लोबिन की जांच भी नहीं कराई गई। मंगलवार को अफसाना महिला अस्पताल में भर्ती हुई थी। इलाज कर रहीं डॉ. शशि गुप्ता और डॉ. सीमा अग्रवाल ने सीएमएस डॉ. साधना सक्सेना को मामले की गंभीरता बताते हुए उसे हायर सेंटर रैफर करने का सुझाव दिया। इस पर बृहस्पतिवार को पूरी जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा।
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नौ माह का गर्भ होने के बावजूद महिला की कोई भी जांच रिपोर्ट नहीं है। न तो हीमोग्लोबिन चेक किया गया और न ही अल्ट्रासाउंड हुआ है। महिला को इन्फेक्शन भी है। हाईरिस्क की गर्भवती होने के बाद भी लापरवाही बरती गई है। अभी दवाएं चल रहीं हैं। बृहस्पतिवार को रिपोर्ट आने के बाद निर्णय लिया जाएगा।
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- डॉ. शशि गुप्ता, स्त्री और प्रसूति रोग विशेषज्ञ, महिला अस्पताल