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Bareilly News: एक गांव में एक ही वक्त कुदरत का कहर, पेड़ गिरने से झोंपड़ी भी जमींदोज
Thu, 20 Jun 2024 05:45 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 20 Jun 2024 05:45 AM IST
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फरीदपुर। भगवानपुर फुलवा गांव में आंधी-बारिश के साथ एक ही वक्त कुदरत ने ऐसा सितम ढाया कि थोड़ी-थोड़ी दूर तीन हादसे हो गए। गनीमत रही जो बाकी लोगों की जान बच गई। इस दौरान ग्रामीणों से लेकर पुलिस-प्रशासन की टीम तक ने बचाव कार्य में मदद की।
जिस वक्त जयपाल के घर का लिंटर गिरा, धमाके की आवाज सुनकर पड़ोसी मदद के लिए आ गए। इसी दौरान 20 मीटर दूरी पर नन्हेलाल का लिंटर गिर पड़ा। उनके घर से चीख-पुकार उठी तो आसपास के लोग उधर भी दौड़ पड़े। सूचना पर पहले इंस्पेक्टर तो थोड़ी देर बाद तहसीलदार भी अपनी टीम लेकर पहुंच गए। मुख्यालय से एडीएम व एसडीएम पहुंच गए। मलबा हटाकर दोनों परिवार के लोगों को बाहर निकाल लिया गया। उन्हें मामूली चोटें आई थीं। जयपाल का शव कुछ देर बाद निकाला जा सका।
इधर, इसी गांव में कुछ दूर चंदनलाल के घर पर पड़ोस में लगा नीम का पेड़ गिर गया। इससे चंदनलाल की झोंपड़ी जमींदोज हो गई। इस झोंपड़ी के नीचे चारपाई पर चंदनलाल का 18 वर्षीय पुत्र कल्लू सोता था। गनीमत रही जो कल्लू उस वक्त चारपाई पर नहीं था, वर्ना उसे खतरा हो सकता था।
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जयपाल अपने परिवार के अकेले कमाऊ शख्स थे। वह मजदूरी करते थे। उनके परिवार में बेटी बड़ी और बेटे छोटे हैं। परिजनों ने बताया कि बेटी की शादी के लिए वह लड़का देख रहे थे। हाल ही में कई रिश्ते देख चुके थे। बेटी के हाथ पीले होने से पहले ही उनकी जान चली गई।
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जिस वक्त जयपाल के घर का लिंटर गिरा, धमाके की आवाज सुनकर पड़ोसी मदद के लिए आ गए। इसी दौरान 20 मीटर दूरी पर नन्हेलाल का लिंटर गिर पड़ा। उनके घर से चीख-पुकार उठी तो आसपास के लोग उधर भी दौड़ पड़े। सूचना पर पहले इंस्पेक्टर तो थोड़ी देर बाद तहसीलदार भी अपनी टीम लेकर पहुंच गए। मुख्यालय से एडीएम व एसडीएम पहुंच गए। मलबा हटाकर दोनों परिवार के लोगों को बाहर निकाल लिया गया। उन्हें मामूली चोटें आई थीं। जयपाल का शव कुछ देर बाद निकाला जा सका।
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इधर, इसी गांव में कुछ दूर चंदनलाल के घर पर पड़ोस में लगा नीम का पेड़ गिर गया। इससे चंदनलाल की झोंपड़ी जमींदोज हो गई। इस झोंपड़ी के नीचे चारपाई पर चंदनलाल का 18 वर्षीय पुत्र कल्लू सोता था। गनीमत रही जो कल्लू उस वक्त चारपाई पर नहीं था, वर्ना उसे खतरा हो सकता था।
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जयपाल अपने परिवार के अकेले कमाऊ शख्स थे। वह मजदूरी करते थे। उनके परिवार में बेटी बड़ी और बेटे छोटे हैं। परिजनों ने बताया कि बेटी की शादी के लिए वह लड़का देख रहे थे। हाल ही में कई रिश्ते देख चुके थे। बेटी के हाथ पीले होने से पहले ही उनकी जान चली गई।