{"_id":"65e6ed3b138dfd65a50b24df","slug":"name-of-candidate-removed-from-the-merit-list-who-exposed-bribery-in-roadways-conductor-bharti-2024-03-05","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"परिचालक भर्ती: जिसने किया घूसखोरी का भंडाफोड़, उसका नाम मेरिट से बाहर, नौकरी के नाम पर मांगे गए थे रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिचालक भर्ती: जिसने किया घूसखोरी का भंडाफोड़, उसका नाम मेरिट से बाहर, नौकरी के नाम पर मांगे गए थे रुपये
Tue, 05 Mar 2024 03:31 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 05 Mar 2024 03:31 PM IST
सार
रोडवेज परिचालक भर्ती के लिए इंटरव्यू देने वाले शाने आलम का आरोप है कि उससे नौकरी के नाम पर रुपये मांगे गए थे। उसने कॉल रिकॉर्ड कर ली और परिवहन निगम के अफसर से शिकायत कर दी थी। जबकि कॉल करने वाले ने कहा था कि उसका चयन हो गया है। रुपये देने होंगे।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रोडवेज के परिचालकों की भर्ती के नाम पर रिश्वत मांगने का वीडियो सामने आने के बाद परिवहन निगम में खलबली मच गई है। इसी बीच रविवार को मेरिट जारी कर दी गई। इसमें घूसखोरी का भंडाफोड़ करने वाले शाने आलम का नाम नहीं है।
विज्ञापन
परिवहन निगम में बरेली, मुरादाबाद, मेरठ आदि कई जनपदों में परिचालकों की भर्ती होनी थी। मुंबई की प्राइवेट एजेंसी ने ऑनलाइन आवेदन कराए। रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल करने वाले शाने आलम ने बताया कि उसने भी जनसेवा केंद्र के जरिये ऑनलाइन आवेदन किया था। एजेंसी ने उसे बरेली के एक कॉलेज में बुलाकर इंटरव्यू लिया। इस बीच उसके पास कॉल आया।
विज्ञापन
शाने आलम से मांगे थे 90 हजार रुपये
कॉल करने वाले ने कहा कि वह उसका परिचालक पद पर चयन करा देगा। 90 हजार रुपये खर्च होंगे। 50 हजार रुपये अभी देने होंगे, 40 हजार बाद में। शाने आलम ने कॉल करने वाले का परिचय पूछा, लेकिन उसे कुछ नहीं बताया। उसके पास दो बार व्हाट्सअप कॉल भी आई। दूसरी बार उसने दूसरे फोन पर कॉल रिकॉर्ड कर ली। इसके बाद परिवहन निगम के अधिकारियों से शिकायत कर दी।
विज्ञापन
अधिकारियों ने इस मामले में तत्काल रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश बरेली के अधिकारियों को दिए। इसके बाद कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस भी इस बात को लेकर हैरान है कि ठग के पास शाने आलम का नंबर कहां से आया? आशंका जताई जा रही है कि प्राइवेट एजेंसी के यहां से ही आवेदकों का डाटा लीक हुआ होगा। बहरहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रोडवेज के एआरएम संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया मुंबई की एजेंसी के जरिये की गई है। रोडवेज के अधिकारियों का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है। रुपये मांगने के लिए फोन करने वाले ठग के पास शाने आलम का नंबर कहां से आया, पुलिस इसका पता लगाएगी।
रोडवेज के एआरएम संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया मुंबई की एजेंसी के जरिये की गई है। रोडवेज के अधिकारियों का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है। रुपये मांगने के लिए फोन करने वाले ठग के पास शाने आलम का नंबर कहां से आया, पुलिस इसका पता लगाएगी।