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नकटिया नदी प्रकरण: निशाने पर आए नदी पाटने-कब्जा करने वाले
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नकटिया नदी
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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आरआई, लेखपालों की दस सदस्यीय टीम ने खजुरिया घाट से मोहनपुर ठिरिया तक किया सर्वे
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काश्तकारों ने बाढ़ खंड पर माफिया के इशारे पर नदी का रुख बदलने की शिकायत की थी
बरेली। नकटिया नदी में अवैध कब्जा और सैकड़ों टन मिट्टी डालने की जांच फिर से शुरू हो गई है। राजस्व विभाग की दस सदस्यीय टीम ने बुधवार को पीलीभीत रोड से डोहरा होते हुए शाहजहांपुर हाईवे की तरफ शहर से होकर निकलने वाली इस नदी का मौका मुआयना किया। सर्वे के दौरान उन जगहों को चिह्नित किया गया है, जहां नदी में अवैध कब्जे और सैकड़ों टन मिट्टी व कूड़ा डाला गया है। तहसील प्रशासन इस रिपोर्ट के आधार पर अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी करेगा। इससे नकटिया नदी में अवैध कब्जेदारों के बीच हड़कंप मच हुआ है।
नवंबर में बाढ़ खंड ने डोहरा रोड पर नकटिया नदी में लाखों रुपये खर्च कर सफाई कराई थी। कई काश्तकारों ने अफसरों को यह शिकायत की थी कि नदी की सफाई के नाम पर बाढ़ खंड के स्टाफ ने माफिया के इशारे पर उनके खेतों की खुदाई कर नदी का रुख बदल दिया है। तहसील प्रशासन की जांच में राजस्व टीम ने यह रिपोर्ट दे दी कि नदी का प्रवाह अपनी जगह पर है। पीड़ित किसानों ने सवाल उठाते हुए दोबारा जांच कराने के लिए डीएम नितीश कुमार को दरख्वास्त भी दी। उधर पूर्व में प्रशासन की जांच रिपोर्ट में क्लीन चिट मिलने के साथ नकटिया नदी में पुल के पास ही नदी के पास बाउंड्रीवाल बना रहे एक निजी निर्माणकर्ता ने सैकड़ों टन मिट्टी नदी में फेंक दी। इसके कुछ दिन बाद किसी ने मिट्टी के ढेर के पास ही बड़ी मात्रा में कूड़ा फेंक दिया। नदी में अवैध कब्जा और बड़ी मात्रा में मिट्टी व कूड़ा डालने के मामले सामने आने के बाद एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने इस प्रकरण की दोबारा जांच शुरू करा दी है। बुधवार को राजस्व निरीक्षक राकेश सक्सेना के नेतृत्व में लेखपालों की दस सदस्यीय टीम नकटिया नदी पर पहुंची और पीलीभीत रोड पर खजुरिया घाट से होते हुए डोहरा रोड, यूनिवर्सिटी और ग्रीन पार्क के पीछे से होते हुए मोहनपुर ठिरिया तक सर्वे किया है। इस दौरान टीम ने उन सभी जगहों को चिह्नित कर लिया है, जहां पर अवैध कब्जा मिले हैं या फिर मिट्टी-कूड़ा डालकर नदी का पटान कराने की कोशिश की जा रही है। यह टीम बृहस्पतिवार को सर्वे करने के बाद तहसीलदार को रिपोर्ट दे देगी।
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नदी में डाली गई मिट्टी न हटाने पर एफआईआर दर्ज कराने का नोटिस
डोहरा रोड पर नकटिया नदी के पुल के पास बाउंड्रीवाल बनवा रहे एक निर्माणकर्ता ने सैकड़ों टन मिट्टी नदी के अंदर फेंक दी थी। जबकि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनटीजी के आदेश पर बाढ़ खंड ने हाल में इस नदी की सफाई भी कराई थी। बाढ़ खंड की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्देश देने के बाद निर्माणकर्ता ने अब तक मिट्टी नहीं हटवाई है। इस पर बाढ़ खंड के एक्सईएन राजीव कुमार को निर्माणकर्ता को जेसीबी लगाकर तत्काल मिट्टी न हटाने पर एफआईआर दर्ज कराने का नोटिस दिया है।
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‘नकटिया नदी पर अवैध कब्जा और मिट्टी फेंकने वालों पर कार्रवाई करने के लिए राजस्व टीम ने सर्वे शुरू कर दिया है। राजस्व टीम की रिपोर्ट के आधार पर अवैध कब्जेदारों को नोटिस जारी करने के साथ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी होगी।’
-ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर
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काश्तकारों ने बाढ़ खंड पर माफिया के इशारे पर नदी का रुख बदलने की शिकायत की थी बरेली। नकटिया नदी में अवैध कब्जा और सैकड़ों टन मिट्टी डालने की जांच फिर से शुरू हो गई है। राजस्व विभाग की दस सदस्यीय टीम ने बुधवार को पीलीभीत रोड से डोहरा होते हुए शाहजहांपुर हाईवे की तरफ शहर से होकर निकलने वाली इस नदी का मौका मुआयना किया। सर्वे के दौरान उन जगहों को चिह्नित किया गया है, जहां नदी में अवैध कब्जे और सैकड़ों टन मिट्टी व कूड़ा डाला गया है। तहसील प्रशासन इस रिपोर्ट के आधार पर अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी करेगा। इससे नकटिया नदी में अवैध कब्जेदारों के बीच हड़कंप मच हुआ है।
नवंबर में बाढ़ खंड ने डोहरा रोड पर नकटिया नदी में लाखों रुपये खर्च कर सफाई कराई थी। कई काश्तकारों ने अफसरों को यह शिकायत की थी कि नदी की सफाई के नाम पर बाढ़ खंड के स्टाफ ने माफिया के इशारे पर उनके खेतों की खुदाई कर नदी का रुख बदल दिया है। तहसील प्रशासन की जांच में राजस्व टीम ने यह रिपोर्ट दे दी कि नदी का प्रवाह अपनी जगह पर है। पीड़ित किसानों ने सवाल उठाते हुए दोबारा जांच कराने के लिए डीएम नितीश कुमार को दरख्वास्त भी दी। उधर पूर्व में प्रशासन की जांच रिपोर्ट में क्लीन चिट मिलने के साथ नकटिया नदी में पुल के पास ही नदी के पास बाउंड्रीवाल बना रहे एक निजी निर्माणकर्ता ने सैकड़ों टन मिट्टी नदी में फेंक दी। इसके कुछ दिन बाद किसी ने मिट्टी के ढेर के पास ही बड़ी मात्रा में कूड़ा फेंक दिया। नदी में अवैध कब्जा और बड़ी मात्रा में मिट्टी व कूड़ा डालने के मामले सामने आने के बाद एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने इस प्रकरण की दोबारा जांच शुरू करा दी है। बुधवार को राजस्व निरीक्षक राकेश सक्सेना के नेतृत्व में लेखपालों की दस सदस्यीय टीम नकटिया नदी पर पहुंची और पीलीभीत रोड पर खजुरिया घाट से होते हुए डोहरा रोड, यूनिवर्सिटी और ग्रीन पार्क के पीछे से होते हुए मोहनपुर ठिरिया तक सर्वे किया है। इस दौरान टीम ने उन सभी जगहों को चिह्नित कर लिया है, जहां पर अवैध कब्जा मिले हैं या फिर मिट्टी-कूड़ा डालकर नदी का पटान कराने की कोशिश की जा रही है। यह टीम बृहस्पतिवार को सर्वे करने के बाद तहसीलदार को रिपोर्ट दे देगी।
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नदी में डाली गई मिट्टी न हटाने पर एफआईआर दर्ज कराने का नोटिस
डोहरा रोड पर नकटिया नदी के पुल के पास बाउंड्रीवाल बनवा रहे एक निर्माणकर्ता ने सैकड़ों टन मिट्टी नदी के अंदर फेंक दी थी। जबकि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनटीजी के आदेश पर बाढ़ खंड ने हाल में इस नदी की सफाई भी कराई थी। बाढ़ खंड की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्देश देने के बाद निर्माणकर्ता ने अब तक मिट्टी नहीं हटवाई है। इस पर बाढ़ खंड के एक्सईएन राजीव कुमार को निर्माणकर्ता को जेसीबी लगाकर तत्काल मिट्टी न हटाने पर एफआईआर दर्ज कराने का नोटिस दिया है।
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‘नकटिया नदी पर अवैध कब्जा और मिट्टी फेंकने वालों पर कार्रवाई करने के लिए राजस्व टीम ने सर्वे शुरू कर दिया है। राजस्व टीम की रिपोर्ट के आधार पर अवैध कब्जेदारों को नोटिस जारी करने के साथ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी होगी।’
-ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर