टैक्स के विरोध में पूर्व मेयर राज्यपाल से मिले
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पूर्व मेयर सुभाष पटेल ने राज्यपाल को बताया कि नगर निगम अधिनियम की धारा 172 के तहत बोर्ड की स्वीकृति से ही किसी कर प्रस्ताव को स्वीकार करने के बाद कर निर्धारण की प्रक्रिया अमल में लाई जानी चाहिए थी। इसका पालन नगर निगम बरेली में न कर अधिनियम प्रावधानों के विपरीत गृह, जल और सीवर कर मनमाने तरीके से लागू कर दिया गया। पूर्व मेयर के मुताबिक राज्यपाल को रामपुर गार्डन, दीनदयाल पुरम और कहरवान की टैक्स दरें दर्शाकर बताया गया कि ये राजधानी लखनऊ से अधिक हैं। 31 मार्च 2013 तक कालातीत हो चुकी दरों से टैक्स वसूलने, संपत्ति सील किए जाने को नियम विरुद्ध बताकर इसे रोकने की मांग की गई। राज्यपाल से भेदभावपूर्ण टैक्स नीति रद्द करने और नगर निगम संशोधन विधेयक, जिसमें मेयर को हटाने का प्रावधान है, को लोकतंत्र विरोधी बताकर उसे कानून न बनने देने की मांग की गई।