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सभासदों ने की नगर आयुक्त के खिलाफ जांच की मांग
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बरेली। नगर निगम में पार्षदों और नगर आयुक्त के बीच चल रही तकरार थम नहीं रही है। नगर आयुक्त की ओर से कमिश्नर को लिखे पत्र में निगम कार्यकारिणी पर विकास कार्यों के लिए बजट पास न करने का आरोप लगाने पर मंगलवार को पार्षदों ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। सौंपे गए ज्ञापन में पार्षदों ने नगर आयुक्त पर कार्यकारिणी की शक्तियों का अतिक्रमण कर उसके दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। साथ ही, तमाम अनियमितता का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
सोमवार को नगर आयुक्त की ओर से कमिश्नर को सौंपे पत्र में मेयर और कार्यकारिणी के सदस्यों पर पत्र लिखने के बावजूद बजट की मंजूरी नहीं देने की बात कही। नगर आयुक्त के पत्र पर आक्रोशित कार्यकारिणी के सदस्यों ने मंगलवार शाम को डीएम नितीश कुमार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नगर आयुक्त पर आरोप लगाया है कि नगर आयुक्त ने डोर-टू-डोर का प्रस्ताव बोर्ड और कार्यकारिणी के सामने प्रस्तुत करने से पूर्व टेंडर स्वीकृत कर दिया। बताया कि नगर निगम में बिना बॉयलाज के वस्तुओं की खरीदारी हो रही है। प्रमुख सचिव के आदेश के बावजूद वर्षों से एक ही पटल पर तैनात कर्मचारियों का पटल परिवर्तन नहीं किया गया। शासन ने करोड़ों का बजट विकास कार्य के लिए जारी किया है फिर भी विकास कार्य नहीं दिख रहे। शौचालय निर्माण में घटिया सामग्री प्रयोग की गई है। लीकेज पाइप लाइन दुरुस्त नहीं हो रही। निर्माण के टेंडर पूल हो रहे हैं। कान्हा उपवन में पशुओं की देखरेख सही ढंग से नहीं हो रही। संपत्तिकर वसूली में लापरवाही, अतिक्रमण पर ठोस कार्रवाई न होने, अवारा पशुओं की धरपकड़ न करने, पथ प्रकाश व्यवस्था ध्वस्त होने आदि आरोप लगाए हैं। साथ ही, इन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, पार्षदों के खिलाफ गलत बयानबाजी बंद करवाने को कहा है।
ज्ञापन देने वालों में उपसभापति अतुल कपूर, उपनेता छंगामल मौर्य, रुप किशोर लोधी, मुकेश सिंघल, पूनम गंगवार, अनपुम चमन, शशि सक्सेना व अन्य पार्षद शामिल रहे।
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सोमवार को नगर आयुक्त की ओर से कमिश्नर को सौंपे पत्र में मेयर और कार्यकारिणी के सदस्यों पर पत्र लिखने के बावजूद बजट की मंजूरी नहीं देने की बात कही। नगर आयुक्त के पत्र पर आक्रोशित कार्यकारिणी के सदस्यों ने मंगलवार शाम को डीएम नितीश कुमार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नगर आयुक्त पर आरोप लगाया है कि नगर आयुक्त ने डोर-टू-डोर का प्रस्ताव बोर्ड और कार्यकारिणी के सामने प्रस्तुत करने से पूर्व टेंडर स्वीकृत कर दिया। बताया कि नगर निगम में बिना बॉयलाज के वस्तुओं की खरीदारी हो रही है। प्रमुख सचिव के आदेश के बावजूद वर्षों से एक ही पटल पर तैनात कर्मचारियों का पटल परिवर्तन नहीं किया गया। शासन ने करोड़ों का बजट विकास कार्य के लिए जारी किया है फिर भी विकास कार्य नहीं दिख रहे। शौचालय निर्माण में घटिया सामग्री प्रयोग की गई है। लीकेज पाइप लाइन दुरुस्त नहीं हो रही। निर्माण के टेंडर पूल हो रहे हैं। कान्हा उपवन में पशुओं की देखरेख सही ढंग से नहीं हो रही। संपत्तिकर वसूली में लापरवाही, अतिक्रमण पर ठोस कार्रवाई न होने, अवारा पशुओं की धरपकड़ न करने, पथ प्रकाश व्यवस्था ध्वस्त होने आदि आरोप लगाए हैं। साथ ही, इन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, पार्षदों के खिलाफ गलत बयानबाजी बंद करवाने को कहा है।
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ज्ञापन देने वालों में उपसभापति अतुल कपूर, उपनेता छंगामल मौर्य, रुप किशोर लोधी, मुकेश सिंघल, पूनम गंगवार, अनपुम चमन, शशि सक्सेना व अन्य पार्षद शामिल रहे।
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