{"_id":"5d3225a58ebc3e6cd8781a7d","slug":"nagar-nigam-bareilly-news-bly369237497","type":"story","status":"publish","title_hn":"बड़े साहब का अब मेयर से ‘याराना’.. छोटे साहब हुए ‘रवाना’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बड़े साहब का अब मेयर से ‘याराना’.. छोटे साहब हुए ‘रवाना’
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बरेली। मेयर उमेश गौतम और नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन. के ‘याराने’ का असर नजर आने लगा है। नगर आयुक्त के सबसे करीबी बताए जाने वाले चीफ इंजीनियर एसके अंबेडकर को शुक्रवार को रिलीव कर उनके ट्रांसफर पर रवाना कर दिया गया। कहा जा रहा है कि मेयर और नगर आयुक्त के बीच हाल ही में हुए ‘दोस्ताने’ की एक शर्त चीफ इंजीनियर को रिलीव किए जाने की भी थी।
नगर निगम में मचे घमासान के बीच मेयर उमेश गौतम ने नगर आयुक्त के सबसे खास कहे जाने वाले चीफ इंजीनियर एसके अंबेडकर के खिलाफ शासन में शिकायत कर उनके ट्रांसफर की मांग की थी। इसके बाद 29 जून को चीफ इंजीनियर के ट्रांसफर आदेश पर साइन हो गए और फिर दो जुलाई को यह आदेश नगर निगम में भी पहुंच गया। चीफ इंजीनियर को यहां से हटाकर नगर निकाय निदेशालय से संबद्ध किया गया था। मगर मेयर से खींचतान के चलते नगर आयुक्त ने चीफ इंजीनियर को रिलीव नहीं किया। नगर निगम में यह मामला चर्चा का विषय भी बना। मगर पिछले दिनों नगर आयुक्त कार्यालय से नगर स्वास्थ्य अधिकारी को पकड़कर ले जाने के मामले में हुए विवाद के बाद मेयर पर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। फिर मेयर ने कान्हा में सवा सौ गोवंश की मौत का आरोप लगाकर निगम अफसरों को कठघरे में खड़ा कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री और शासन के दखल पर कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने मेयर और नगर आयुक्त के बीच मीटिंग कराकर ‘दोस्ताना’ कराया था। चर्चा है कि इस ‘दोस्ती’ की एक शर्त के तहत ही चीफ इंजीनियर को रिलीव किया गया है।
एफडी क्यों जब्त कराईं, होगी जांच
मेयर उमेश गौतम का कहना है कि चीफ इंजीनियर ने दो-तीन ठेकेदारों की एफडी जब्त करा दी थीं। उन ठेकेदारों ने चीफ इंजीनियर पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की है। मेयर ने कहा कि शासन से ट्रांसफर होने के बाद चीफ इंजीनियर को भले ही रिलीव कर दिया गया है लेकिन ठेकेदारों की लाखों की एफडी जब्त कराने की जांच होगी।
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कुटेशन की फाइलों में निपटाए 16 नालियों के काम
बरेली। नगर निगम ने कुटेशन पर 16 नालियाें का निर्माण फाइलों में ही निपटा दिया। कार्यकारिणी में शिकायत के बाद नगर निगम में फाइल तलाशी गई तो इसका रिकार्ड ही गायब मिला। अब निगम के निर्माण विभाग में हड़कंप मचा है। इस मामले की जांच अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह को दी गई है। उधर, पार्षद ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भी की है।
नगर निगम कार्यकारिणी सदस्य और छोटी बिहार की पार्षद अनुपम चमन ने वर्ष 2018 में नालियों का निर्माण कराने के लिए नगर निगम को पत्र लिखा था। इस पर वर्ष 2018 में ही 16 नालियों के निर्माण की कुटेशन बनी। उनके मुताबिक फाइल और कुटेशन बन गई लेकिन मौके पर कोई निर्माण नहीं हुआ। पार्षद पति चमन सक्सेना का कहना है कि निगम में जानकारी की तो पता लगा कि काम हो गए हैं, मगर मौके पर कोई काम नहीं हुआ। निर्माण विभाग में देखा तो वहां इन निर्माण कार्यों की फाइलें ही गायब मिलीं। चमन का आरोप है कि सारे काम फाइलों में ही निपटा दिए गए हैं। इसको लेकर बृहस्पतिवार को कार्यकारिणी बैठक में मामला उठाया गया, जिस पर मामले की जांच अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह को सौंप दी गई है।
पार्षद ने कामों की सूची सौंप दी है। मामले की जांच अपर नगर आयुक्त को दी गई है। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई कराई जाएगी।
- उमेश गौतम, मेयर
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नगर निगम में मचे घमासान के बीच मेयर उमेश गौतम ने नगर आयुक्त के सबसे खास कहे जाने वाले चीफ इंजीनियर एसके अंबेडकर के खिलाफ शासन में शिकायत कर उनके ट्रांसफर की मांग की थी। इसके बाद 29 जून को चीफ इंजीनियर के ट्रांसफर आदेश पर साइन हो गए और फिर दो जुलाई को यह आदेश नगर निगम में भी पहुंच गया। चीफ इंजीनियर को यहां से हटाकर नगर निकाय निदेशालय से संबद्ध किया गया था। मगर मेयर से खींचतान के चलते नगर आयुक्त ने चीफ इंजीनियर को रिलीव नहीं किया। नगर निगम में यह मामला चर्चा का विषय भी बना। मगर पिछले दिनों नगर आयुक्त कार्यालय से नगर स्वास्थ्य अधिकारी को पकड़कर ले जाने के मामले में हुए विवाद के बाद मेयर पर रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। फिर मेयर ने कान्हा में सवा सौ गोवंश की मौत का आरोप लगाकर निगम अफसरों को कठघरे में खड़ा कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री और शासन के दखल पर कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने मेयर और नगर आयुक्त के बीच मीटिंग कराकर ‘दोस्ताना’ कराया था। चर्चा है कि इस ‘दोस्ती’ की एक शर्त के तहत ही चीफ इंजीनियर को रिलीव किया गया है।
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एफडी क्यों जब्त कराईं, होगी जांच
मेयर उमेश गौतम का कहना है कि चीफ इंजीनियर ने दो-तीन ठेकेदारों की एफडी जब्त करा दी थीं। उन ठेकेदारों ने चीफ इंजीनियर पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की है। मेयर ने कहा कि शासन से ट्रांसफर होने के बाद चीफ इंजीनियर को भले ही रिलीव कर दिया गया है लेकिन ठेकेदारों की लाखों की एफडी जब्त कराने की जांच होगी।
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कुटेशन की फाइलों में निपटाए 16 नालियों के काम
बरेली। नगर निगम ने कुटेशन पर 16 नालियाें का निर्माण फाइलों में ही निपटा दिया। कार्यकारिणी में शिकायत के बाद नगर निगम में फाइल तलाशी गई तो इसका रिकार्ड ही गायब मिला। अब निगम के निर्माण विभाग में हड़कंप मचा है। इस मामले की जांच अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह को दी गई है। उधर, पार्षद ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भी की है।
नगर निगम कार्यकारिणी सदस्य और छोटी बिहार की पार्षद अनुपम चमन ने वर्ष 2018 में नालियों का निर्माण कराने के लिए नगर निगम को पत्र लिखा था। इस पर वर्ष 2018 में ही 16 नालियों के निर्माण की कुटेशन बनी। उनके मुताबिक फाइल और कुटेशन बन गई लेकिन मौके पर कोई निर्माण नहीं हुआ। पार्षद पति चमन सक्सेना का कहना है कि निगम में जानकारी की तो पता लगा कि काम हो गए हैं, मगर मौके पर कोई काम नहीं हुआ। निर्माण विभाग में देखा तो वहां इन निर्माण कार्यों की फाइलें ही गायब मिलीं। चमन का आरोप है कि सारे काम फाइलों में ही निपटा दिए गए हैं। इसको लेकर बृहस्पतिवार को कार्यकारिणी बैठक में मामला उठाया गया, जिस पर मामले की जांच अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह को सौंप दी गई है।
पार्षद ने कामों की सूची सौंप दी है। मामले की जांच अपर नगर आयुक्त को दी गई है। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई कराई जाएगी।
- उमेश गौतम, मेयर