गाय के मुद्दे ने भड़काई चिंगारी.. तो मेयर ने नगर आयुक्त कार्यालय में घुसकर कर दी सवारी
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इससे पहले नकटिया के लक्की पाल की गाय छोड़ने के मुद्दे पर भी मेयर उमेश गौतम को अखरने वाली स्थिति से गुजरना पड़ा था। लक्की पाल की गाय को छोड़ने का आदेश उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को भेजा तो बदले में जवाब आया कि गाय नगर आयुक्त ने पकड़वाई है इसलिए बगैर उनके आदेश के नहीं छोड़ी जाएगी। मेयर उमेश गौतम ने तब शासन को शिकायत करने की बात कही थी, लेकिन नगर निगम के अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इस घटना के दो-तीन बाद ही पार्षदों ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में हंगामा करके तीन गायों को छुड़वाया था। सोमवार को ऐसा ही मामला फिर सामने आ गया तो मेयर भड़क गए और नौबत यहां तक पहुंच गई। इस घटना के बाद नगर आयुक्त ने मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर दिया।
नगर आयुक्त से कहा.. भ्रष्टाचार मत फैलाओ
मेयर उमेश गौतम ने नगर आयुक्त कार्यालय में उनके सामने ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी को हड़काना शुरू किया तो उन्होंने सॉरी बोलते हुए हस्तक्षेप करने की कोशिश की। मगर मेयर ने उनकी एक नहीं सुनी। उनसे कहा कि इन्हें भ्रष्टाचार का रास्ता मत दिखाइए। इन लोगों ने लूट मचा रखी है, पूरे बरेली को बर्बाद करने में लगे हैं। आप इनके पक्ष में न खड़े हो, इन लोगों ने यहां भ्रष्टाचार फैला रखा है। इसके बाद मेयर ने फिर नगर स्वास्थ्य अधिकारी को हड़काया, लेकिन नगर स्वास्थ्य अधिकारी इसके बाद चुपचाप खड़े रहे।
कर्मचारियों में गुस्सा, हड़ताल की तैयारी
भारी तादाद में फोर्स तैनात, छावनी बना नगर निगम
मेयर के नगर स्वास्थ्य अधिकारी को हड़काने को लेकर नगर निगम के कर्मचारी लामबंद होने लगे हैं। इस घटना से कर्मचारियों में आक्रोश है। चर्चा है कि नगर निगम के कर्मचारी इस मामले को लेकर हड़ताल पर जा सकते हैं। उधर, दोपहर को इस विवाद की सूचना पर सीओ प्रथम अशोक कुमार फोर्स के साथ नगर निगम पहुंचे। उन्होंने नगर आयुक्त से पूरे प्रकरण की जानकारी ली और कुछ ही देर में निगम परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। शाम तक वहां फोर्स तैनात रही।
हंगामे का वीडियो वायरल
नगर निगम में मेयर के हंगामे का वीडियो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसको लेकर सोमवार को लोगों में खासी चर्चा रही। अपनी तहरीर में नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने सबूत के तौर पर सीसीटीवी की वीडियो फुटेज उपलब्ध कराने की बात कही है।
पार्षदों ने लगाए आरोप
मेयर उमेश गौतम के सामने पार्षदों ने गाय छोड़ने में वसूली के आरोप लगाए। पार्षद पति चमन सक्सेना, पार्षद राजकुमार गुप्ता, नरेश कुमार, हरिओम कश्यप, पार्षद पति अशोक गंगवार आदि ने इसको लेकर मेयर से शिकायत की।
चार महीने पहले हुई थी टकराव की शुरुआत
नगर निगम में मेयर और नगर आयुक्त के बीच टकराव की शुरुआत चार महीने पहले हुई थी। मेयर ने नगर आयुक्त का डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए बजट का प्रस्ताव नहीं पास किया तो उन्होंने बाकरगंज में नए लगने वाले प्लांट पर रोक लगा दी। इसके बाद नगर आयुक्त ने पोर्टेबल शॉप की जांच कराकर रिपोर्ट कराई तो निगम में पार्षदों ने धरना शुरू कर दिया। नगर आयुक्त को पुलिस-प्रशासन की मदद लेकर कुर्सी पर बैठाया गया और इस मामले में पार्षदों पर चार रिपोर्ट भी दर्ज हुईं। मेयर के अन्य आदेशों की भी निगम अफसरों ने अवहेलना शुरू कर दी। वहीं, नगर आयुक्त ने मेयर की दुखती रग सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट मामले में सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करने तैयारी भी शुरू कर दी है। इसके चलते यह मामला लगातार बढ़ता ही जा रहा था।
किसी भी सूरत में नगर निगम में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। नाले चोक हैं, हर ओर गंदगी है। भ्रष्टाचार के अलावा कुछ याद नहीं है। गाय छोड़ने में जुर्माना के साथ ही अलग से रुपये वसूले जा रहे हैं। अतिक्रमण के नाम पर किसी का छोड़ रहे हैं, किसी का तोड़ रहे हैं। हर काम में भ्रष्टाचार हो रहा है जो बर्दाश्त नहीं होगा। गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई कराई जाएगी।
- उमेश गौतम, मेयर