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Bareilly News: दस करोड़ 67 लाख रुपये से जंक्शन के यार्ड की होगी री-मॉडलिंग
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बरेली। जंक्शन के यार्ड की री-माॅडलिंग के लिए बजट में 10.67 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे यात्री सुविधाओं का विकास होगा। सवारी और मालगाड़ी कोच का डिपो बनेगा। एसी कोच की मरम्मत भी यार्ड में हो सकेगी। अभी तक एक छोटा सा एसी शेड है। जंक्शन में सिक लाइन और एसी शेड अलग-अलग छोर पर बने हैं। एक नंबर ट्रैक से ही एसी शेड तक कोच भेजे जा सकते हैं। जब नया शेड बन जाएगा तो सभी तरह की कोच की मरम्मत एक ही साइड में वाशिंग लाइन के करीब हो सकेगी। अभी तक मरम्मत के लिए कोच इधर से उधर भेजने के लिए बार-बार शंटिंग करनी पड़ती है। सेवानिवृत्त स्टेशन अधीक्षक एससी वर्मा ने बताया कि यार्ड री-माडिंग की जरूरत लंबे समय से थी, लेकिन अब मंजूरी मिली है।
ये होंगे फायदे
यार्ड की अपलाइन में फिलहाल 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार है। री-माॅडलिंग के बाद 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक हो जाएगी।
लखनऊ से बरेली के बीच वंदे मेट्रो प्रस्तावित है, ट्रैक ठीक होने और यार्ड री-मॉडलिंग से उसके शीघ्र संचालन की संभावना बनेगी।
विशेषज्ञ की राय
बरेली जंक्शन की री-माॅडलिंग के बाद ट्रेनें अनावश्क तरीके से रोकनी नहीं पड़ेंगी। डिपो बनने से कोच की मरम्मत आसानी से हो सकेगी। यह भी अच्छी बात है कि कोच डिपो ईओटी क्रेन के साथ बनाया जा रहा है।
एससी वर्मा, सेवानिवृत्त स्टेशन अधीक्षक बरेली-अलीगढ़ ट्रैक के दोहरीकरण से बढ़ेंगी ट्रेनें
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बरेली। मालगाड़ी आने पर ट्रेन को कई बार क्रॉसिंग में खड़ा करते हैं और ट्रेन लेट हो जाती है। इसलिए अब बरेली-अलीगढ़ व चंदौसी-मुरादाबाद के बीच रेल लाइन का दोहरीकरण मंजूर हुआ है। इससे मौजूदा समय में चल रहीं ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी। नई ट्रेनें भी चलाई जा सकेंगी। बरेली-चंदौसी-अलीगढ़ (167 किलोमीटर) व मुरादाबाद-चंदौसी (44 किलोमीटर) रेल लाइन का दोहरीकरण कराए जाने को बजट में मंजूरी मिली है। ब्यूरो
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ये होंगे फायदे
यार्ड की अपलाइन में फिलहाल 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार है। री-माॅडलिंग के बाद 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक हो जाएगी।
लखनऊ से बरेली के बीच वंदे मेट्रो प्रस्तावित है, ट्रैक ठीक होने और यार्ड री-मॉडलिंग से उसके शीघ्र संचालन की संभावना बनेगी।
विशेषज्ञ की राय
बरेली जंक्शन की री-माॅडलिंग के बाद ट्रेनें अनावश्क तरीके से रोकनी नहीं पड़ेंगी। डिपो बनने से कोच की मरम्मत आसानी से हो सकेगी। यह भी अच्छी बात है कि कोच डिपो ईओटी क्रेन के साथ बनाया जा रहा है।
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एससी वर्मा, सेवानिवृत्त स्टेशन अधीक्षक बरेली-अलीगढ़ ट्रैक के दोहरीकरण से बढ़ेंगी ट्रेनें
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बरेली। मालगाड़ी आने पर ट्रेन को कई बार क्रॉसिंग में खड़ा करते हैं और ट्रेन लेट हो जाती है। इसलिए अब बरेली-अलीगढ़ व चंदौसी-मुरादाबाद के बीच रेल लाइन का दोहरीकरण मंजूर हुआ है। इससे मौजूदा समय में चल रहीं ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी। नई ट्रेनें भी चलाई जा सकेंगी। बरेली-चंदौसी-अलीगढ़ (167 किलोमीटर) व मुरादाबाद-चंदौसी (44 किलोमीटर) रेल लाइन का दोहरीकरण कराए जाने को बजट में मंजूरी मिली है। ब्यूरो