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UP: 'घरवाले बेच गए थे, मैंने जिस्म नहीं बेचा...मेहनत की', मुनारा बी की संपन्नता ने अफसरों-एजेंसियों को चौंकाया
Sun, 24 Aug 2025 03:50 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 24 Aug 2025 03:50 PM IST
सार
बरेली के हाफिजगंज निवासी दोनों बांग्लादेशी बहनों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, पर मुनारा बी की संपन्नता देखकर अफसर और एजेंसियां चौंक गई हैं। एसपी सिटी दफ्तर से कोर्ट जाते वक्त मुनारा ने बताया कि घरवाले आठ नौ साल की उम्र में बरेली में किसी को बेच गए थे। वह जवान हुई तो यहां लोगों के घरों में काम करने लगी। लोग उसे गलत नजर से देखते थे। तब उसने रिक्शा चालक यासीन से शादी की।
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मुनारा बी, सायरा बानो और तस्लीमा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरेली के हाफिजगंज निवासी दोनों बांग्लादेशी बहनों की माली हालत खराब है, वहीं बड़ी बहन मुनारा बी की संपन्नता ने अफसरों व एजेंसियों को चौंकाया है। विदेशी फंडिंग व जासूसी के संदेह के बीच मुनारा खुद को लाचार साबित करने की कोशिश करती रही। बताया कि घरवालों ने उसे बेच दिया था, पर उसने जिस्म नहीं बेचा। मेहनत से परिवार को बनाया है।
एसपी सिटी दफ्तर से कोर्ट जाते वक्त मुनारा ने बताया कि घरवाले आठ नौ साल की उम्र में बरेली में किसी को बेच गए थे। वह जवान हुई तो यहां लोगों के घरों में काम करने लगी। लोग उसे गलत नजर से देखते थे। तब उसने रिक्शा चालक यासीन से शादी की।
उसने अपने भाई-बहनों की शादी नजदीकी रिश्तेदारियों व पति के करीबी परिवारों में करवा दी। कुछ साल बाद पति की मौत हो गई। तब उसने चारों बच्चों को पाला। बच्चे बड़े हुए तो परिवार की जरूरतें बढ़ीं। तब उसने कमाई बढ़ाने की बात सोची। वह जिस्म बेचती तो और ज्यादा कमा सकती थी, लेकिन उसने मेहनत का रास्ता चुना।
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एसपी सिटी दफ्तर से कोर्ट जाते वक्त मुनारा ने बताया कि घरवाले आठ नौ साल की उम्र में बरेली में किसी को बेच गए थे। वह जवान हुई तो यहां लोगों के घरों में काम करने लगी। लोग उसे गलत नजर से देखते थे। तब उसने रिक्शा चालक यासीन से शादी की।
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उसने अपने भाई-बहनों की शादी नजदीकी रिश्तेदारियों व पति के करीबी परिवारों में करवा दी। कुछ साल बाद पति की मौत हो गई। तब उसने चारों बच्चों को पाला। बच्चे बड़े हुए तो परिवार की जरूरतें बढ़ीं। तब उसने कमाई बढ़ाने की बात सोची। वह जिस्म बेचती तो और ज्यादा कमा सकती थी, लेकिन उसने मेहनत का रास्ता चुना।
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'घरेलू काम करने वाले लोगों की अच्छी कमाई होती है'
उसे पता लगा कि खाड़ी देशों में घरेलू काम करने वाले लोगों की अच्छी कमाई होती है। इसीलिए उसने चक महमूद में रहने वाले अफसर नाम के दलाल से मिलकर कागजात व पासपोर्ट बनवाया था। अफसर ने उससे कहा कि ज्यादा उम्र की वजह से तुम्हें काम के लिए वीजा नहीं मिल पाएगा। तब उसकी बहन सायरा बानो के कागज उससे लेकर पासपोर्ट बनवा दिया।
उसे पता लगा कि खाड़ी देशों में घरेलू काम करने वाले लोगों की अच्छी कमाई होती है। इसीलिए उसने चक महमूद में रहने वाले अफसर नाम के दलाल से मिलकर कागजात व पासपोर्ट बनवाया था। अफसर ने उससे कहा कि ज्यादा उम्र की वजह से तुम्हें काम के लिए वीजा नहीं मिल पाएगा। तब उसकी बहन सायरा बानो के कागज उससे लेकर पासपोर्ट बनवा दिया।
मुनारा ने कहा कि वह कम पढ़ी-लिखी है। उसे नहीं पता कि किसने उसके नाम से क्या जालसाजी की? अफसर के करीबियों ने विदेश जाने के लिए उसका वीजा बनवाया। सायरा बानो का कहना था कि मुनारा ने उसके पहचान पत्र मांगे तो उसने दे दिए। उसे नहीं पता कि बहन ने क्या किया। तस्लीमा ने बताया कि वह परिवार के साथ गरीबी में वक्त काट रही है। उसे नहीं पता था कि बहन की वजह से वह फंस जाएगी। उसके बच्चे उसकी राह देख रहे होंगे।
मुनारा के दो भाई भी जांच के दायरे में
मुनारा का एक भाई अजीजुल इस्लाम हाफिजगंज में रहता है। एसपी सिटी ने बताया कि जानकारी मिली है कि मुनारा के दो भाई हाफिजगंज क्षेत्र में रहते हैं। जाहिर है कि उनकी पहचान भी बांग्लादेशी रही होगी। उन लोगों ने भी अवैध नागरिकता के दस्तावेज बनवाए होंगे तो इन्हीं धाराओं में उन पर भी कार्रवाई की जा सकती है। ये लोग खुद को सगे भाई-बहन बता रहे हैं, पर इसकी पुष्टि होना बाकी है।
मुनारा का एक भाई अजीजुल इस्लाम हाफिजगंज में रहता है। एसपी सिटी ने बताया कि जानकारी मिली है कि मुनारा के दो भाई हाफिजगंज क्षेत्र में रहते हैं। जाहिर है कि उनकी पहचान भी बांग्लादेशी रही होगी। उन लोगों ने भी अवैध नागरिकता के दस्तावेज बनवाए होंगे तो इन्हीं धाराओं में उन पर भी कार्रवाई की जा सकती है। ये लोग खुद को सगे भाई-बहन बता रहे हैं, पर इसकी पुष्टि होना बाकी है।