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गरमी बढ़ते ही शहर को लगा बिजली का करंट
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Mon, 04 Apr 2016 01:04 AM IST
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राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और बिजली विभाग की नूराकुश्ती में एक तिहाई शहर की बत्ती गुल हो गई। पहले तो एनएचआई के टावर शिफ्ट कराने से बत्ती गुल हुई। इसके बाद रही सही कसर ओवरलोडिंग ने पूरी कर दी। सब उपकेंद्रों से कटौती के घंटे बढ़ा दिए गए। दोपहर बाद से लेकर रविवार देर शाम तक अनाप शनाप कटौती होती रही। विभाग की अव्यवस्था के चलते ट्रिपिंग भी खूब हुई। इस मनमानी से लोग त्राहि- त्राहि करने लगे।
रविवार की छुट्टी में एनएचआई और बिजली विभाग ने मिलकर खूब खलल डाली। सुुबह तो सप्लाई लगभग ठीक रही। दोपहर बाद स्थिति गड़बड़ाने लगी। एनएचएआई बड़ा बाईपास स्थित कचौली पर चार पारेषण टावर शिफ्ट करा रहा है। अफसरों ने इसकी सूचना तक देना जरूरी नहीं समझा। इससे अघोषित कटौती हुई। एनएचएआई ने अपने स्तर से चार पारेषण टावर शिफ्ंिटग और ऊंचाई बढ़ाना शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन की सहमति से 28 मार्च से काम शुरू हुआ। तीन अप्रैल तक कार्य पूरा होना था। पारेषण अफसरों ने टावर शिफ्ट आदि कार्य कराने के लिए दोहना- सिविल लाइंस 132 केवी बिजली स्टेशन तक आने वाली पोषक लाइन बंद करा दी। दोपहर एक बजकर 55 मिनट पर बिजली गई। फरीदपुर शाहजहांपुर लाइन से वैकल्पिक सप्लाई शुरू हुई। यह लाइन ओवरलोड पहले से ही है। इससे एक तिहाई शहर में कटौती शुरू हुई। कटौती हर दिन सुबह पौने आठ बजे से ही शुरू हो जाती है। एनएचएआई और बिजली विभाग ने प्रचार प्रसार किए बगैर चुपचाप उपकेंद्र बार स्थानीय स्तर पर कटौती तय हो गयी। इसके अलावा स्थानीय फाल्ट और अन्य कार्यों के चलते सप्लाई गुल होने लगी। बमुश्किल आधी सप्लाई मिल रही है। अधिशासी अभियंता नंदलाल ने बताया कि 132 केवी से पूरी सप्लाई नहीं मिलने से सात उपकेंद्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पारेषण अभियंता अभियंता तुलसी राम ने बताया कि एनएचएआई बड़ा बाईपास स्थित चार टावरों पर काम करा रहा है। इससे कृत्रिम संकट बना हुआ है।
- इन उपकेंद्रों से जुड़े इलाके रहे प्रभावित
जिला अस्पताल, रेलवे, मानसिक अस्पताल, कुतुबखाना, शाहजहांपुर, रामपुर बाग, सिविल लाइंस, जगतपुर, कैंट, जिला कोर्ट, शाहदाना आदि।
- ट्रिपिंग ने कर दिया तंग
शाम छह के बाद शहर के तमाम इलाकों में खूब ट्रिपिंग हुई। पांच- पांच मिनट के अंतराल पर बिजली आती और जाती रही। इससे लोग डर गए और अपनी बिजली सप्लाई के मुख्य स्विच को बंद कर दिया।
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रविवार की छुट्टी में एनएचआई और बिजली विभाग ने मिलकर खूब खलल डाली। सुुबह तो सप्लाई लगभग ठीक रही। दोपहर बाद स्थिति गड़बड़ाने लगी। एनएचएआई बड़ा बाईपास स्थित कचौली पर चार पारेषण टावर शिफ्ट करा रहा है। अफसरों ने इसकी सूचना तक देना जरूरी नहीं समझा। इससे अघोषित कटौती हुई। एनएचएआई ने अपने स्तर से चार पारेषण टावर शिफ्ंिटग और ऊंचाई बढ़ाना शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन की सहमति से 28 मार्च से काम शुरू हुआ। तीन अप्रैल तक कार्य पूरा होना था। पारेषण अफसरों ने टावर शिफ्ट आदि कार्य कराने के लिए दोहना- सिविल लाइंस 132 केवी बिजली स्टेशन तक आने वाली पोषक लाइन बंद करा दी। दोपहर एक बजकर 55 मिनट पर बिजली गई। फरीदपुर शाहजहांपुर लाइन से वैकल्पिक सप्लाई शुरू हुई। यह लाइन ओवरलोड पहले से ही है। इससे एक तिहाई शहर में कटौती शुरू हुई। कटौती हर दिन सुबह पौने आठ बजे से ही शुरू हो जाती है। एनएचएआई और बिजली विभाग ने प्रचार प्रसार किए बगैर चुपचाप उपकेंद्र बार स्थानीय स्तर पर कटौती तय हो गयी। इसके अलावा स्थानीय फाल्ट और अन्य कार्यों के चलते सप्लाई गुल होने लगी। बमुश्किल आधी सप्लाई मिल रही है। अधिशासी अभियंता नंदलाल ने बताया कि 132 केवी से पूरी सप्लाई नहीं मिलने से सात उपकेंद्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पारेषण अभियंता अभियंता तुलसी राम ने बताया कि एनएचएआई बड़ा बाईपास स्थित चार टावरों पर काम करा रहा है। इससे कृत्रिम संकट बना हुआ है।
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- इन उपकेंद्रों से जुड़े इलाके रहे प्रभावित
जिला अस्पताल, रेलवे, मानसिक अस्पताल, कुतुबखाना, शाहजहांपुर, रामपुर बाग, सिविल लाइंस, जगतपुर, कैंट, जिला कोर्ट, शाहदाना आदि।
- ट्रिपिंग ने कर दिया तंग
शाम छह के बाद शहर के तमाम इलाकों में खूब ट्रिपिंग हुई। पांच- पांच मिनट के अंतराल पर बिजली आती और जाती रही। इससे लोग डर गए और अपनी बिजली सप्लाई के मुख्य स्विच को बंद कर दिया।
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